Rajasthan News: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने सोमवार यानी 6 सितंबर को अपने जन्मदिन पर टेरिटोरियल आर्मी से जुड़ने के दिन को याद किया. सचिन पायलट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए साल 2012 में सेना में लेफ्टिनेंट के तौर पर कमीशन मिलने के अनुभव को साझा किया. उन्होंने अपनी यूनिट 124 सिख रेजिमेंट का हिस्सा होने को गर्व की बात बताया.
प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए पायलट ने लिखा कि साल 2012 में इसी दिन तत्कालीन सेनाध्यक्ष जनरल विक्रम सिंह ने उन्हें टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट के तौर पर कमीशन किया था. उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री के रूप में काम करते हुए सेना में कमीशन मिलना अपने आप में कई चुनौतियों और जिम्मेदारियों से भरा अनुभव रहा था.
उन्होंने कहा कि लोगों के प्रति राजनीतिक जिम्मेदारियों और सेना की सेवा के लिए जरूरी अनुशासन और समर्पण के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं था. हालांकि, यह सफर उनके लिए गर्व और दृढ़ संकल्प से भरा रहा था.
सचिन पायलट ने टेरिटोरियल आर्मी कब की थी जॉइन?
सितंबर 2012 में सचिन पायलट ने केंद्रीय मंत्री रहते हुए टेरिटोरियल आर्मी जॉइन की थी. उनको लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन मिला था. इसके बाद में उनको कैप्टन के पद पर प्रमोशन मिला था. अक्टूबर साल 2023 में सचिन पायलट ने मेजर पद पर प्रमोशन के लिए एग्जाम दिया था और अब वे मेजर के पद पर हैं. सचिन पायलट हर साल कुछ समय अपनी निर्धारित यूनिट में सेवाएं देते हैं. वे दिल्ली कैंट में स्थित अपनी यूनिट में जाकर सैन्य बैठकों और अन्य गतिविधियों में भी शामिल होते हैं.
पायलट की 124 सिख रेजिमेंट का पंजाब से क्या है कनेक्शन?
सचिन पायलट को हाल ही में कांग्रेस ने पंजाब का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया गया है. इसके बाद उनके जन्मदिन पर 124 सिख रेजिमेंट का जिक्र राजनीतिक नजरिए से भी अहम माना जा रहा है. सिख रेजिमेंट का पंजाब से भावनात्मक और ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है. ऐसे में सचिन पायलट का अपनी यूनिट पर गर्व जताना उनके नए पंजाब प्रभारी की भूमिका से भी जोड़कर देखा जा रहा है.
क्या सचिन पायलट के परिवार का भी सेना से रहा है नाता?
सचिन पायलट का परिवार सेना से जुड़ा रहा है. उनके पिता राजेश पायलट राजनीति में आने से पहले भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर थे. उन्होंने फाइटर पायलट के तौर पर भारत-पाक युद्ध के दौरान कई हवाई अभियानों में हिस्सा लिया था.
क्या है टेरिटोरियल आर्म और इसमें कैसे होते हैं शामिल?
टेरिटोरियल आर्मी एक वॉलंटियर सैन्य सेवा है, जिसमें शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को सेना की तरह चयन प्रक्रिया देनी होती है. इसके लिए लिखित परीक्षा के साथ शारीरिक और मेडिकल फिटनेस की प्रक्रिया पूरी करनी होती है. लिखित परीक्षा में पास होने वालों को आर्मी की ट्रेनिंग दी जाती है. टेरिटोरियल आर्मी में अफसर बनने के लिए किसी भी विषय में ग्रेजुएशन जरूरी है, जिसके बाद लिखित परीक्षा और अन्य निर्धारित चरणों को पास करना होता है.
क्या युद्ध की स्थिति में सचिन पायलट को भी मोर्चे पर जाना पड़ सकता है?
टेरिटोरियल आर्मी के अधिकारियों और जवानों को जरूरत पड़ने पर सैन्य ड्यूटी के लिए बुलाया जा सकता है. युद्ध या किसी आपात स्थिति में सरकार और सेना की जरूरत के अनुसार टेरिटोरियल आर्मी के सदस्यों को भी सेवाएं देनी पड़ सकती हैं. ऐसे में सचिन पायलट को भी अपनी रैंक और यूनिट के अनुसार सैन्य जिम्मेदारी निभानी होगी और जहां सेना की ओर से तैनाती दी जाएगी, वहां सेवा देनी पड़ सकती है.
क्या टेरिटोरियल आर्मी में मिलती है नियमित सैलरी?
टेरिटोरियल आर्मी में नियमित रूप से हर महीने वेतन नहीं मिलता है. इसमें शामिल अधिकारी और जवान जरूरत के मुताबिक अपनी यूनिट में सेवाएं देते हैं. जब उन्हें सैन्य ड्यूटी के लिए बुलाया जाता है, तब उनकी रैंक के अनुसार वेतन और अन्य निर्धारित सुविधाएं दी जाती हैं.
इसमें नेताओं से लेकर आम नागरिक और सरकारी कर्मचारी तक शामिल हो सकते हैं. हालांकि सरकारी कर्मचारी या अधिकारी को टेरिटोरियल आर्मी से जुड़ने के लिए अपने विभाग से आवश्यक अनुमति लेनी होती है.