दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस की वोट बचाओ, देश बचाओ महारैली की तैयारियों को लेकर जयपुर में अहम बैठक हुई. कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने दावा किया कि रैली में देशभर से 10 लाख लोग शामिल होंगे. राजस्थान से एक लाख से अधिक कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य रखा गया है.
Ashok Gehlot: जयपुर स्थित कांग्रेस के वॉर रूम में बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच हल्का-फुल्का संवाद देखने को मिला. गहलोत ने पायलट की ओर इशारा करते हुए कहा कि पहले सुखजिंदर सिंह रंधावा उनके प्रभारी थे, अब पायलट रंधावा के प्रभारी बन गए हैं. इस पर पायलट ने मुस्कुराते हुए कहा कि गहलोत तो राजस्थान हो या पंजाब, सभी के इंचार्ज हैं.
राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों ने कई दिग्गज नेताओं के सियासी गढ़ हिला दिए. वसुंधरा राजे के प्रभाव वाले झालावाड़ में भाजपा को बड़ा झटका लगा, जबकि अशोक गहलोत और गजेंद्र सिंह शेखावत को अपने ही वार्ड में हार का सामना करना पड़ा. वहीं, सचिन पायलट के प्रभाव वाले क्षेत्रों में कांग्रेस ने दम दिखाया. सबसे बड़ा सरप्राइज AAP रही, जिसने राजस्थान में पहली बार निकाय बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की.
कांग्रेस महासचिव और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने अपने जन्मदिन पर 2012 में टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट के तौर पर कमीशन मिलने की याद साझा की. उन्होंने 124 सिख रेजिमेंट का हिस्सा होने पर गर्व जताया. पायलट को बाद में कैप्टन और फिर मेजर के पद पर प्रमोशन मिला. उनके पिता राजेश पायलट भी भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर रह चुके थे.
पंजाब के चुनावी रण से पहले कांग्रेस आलाकमान ने सचिन पायलट को पंजाब का नया प्रभारी बनाकर भूपेश बघेल की छुट्टी कर दी है. बघेल की विदाई के बाद क्या पंजाब कांग्रेस में अंदरखाने बने गुटों की नाराजगी दूर होगी या बगावत की चिंगारी ज्वाला बनकर धधकेगी?