RCA का पावर गेम : इन 6 अहम पदों पर टिकी हैं सबकी निगाहें, जानें पावर हियरार्की का सच
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन यानी RCA में आज यानी 29 सितंबर को होने वाला चुनाव सिर्फ छह पदों के लिए मतदान नहीं है, इन छह कुर्सियों के जरिए अगले तीन साल के लिए राजस्थान क्रिकेट के प्रशासन की दिशा तय होगी.
इस बार RCA की चुनावी पिच पर क्रिकेट के साथ सियासत भी खूब दिखाई दे रही है. राजनीतिक परिवारों से जुड़े कई चेहरे मैदान में उतरे और अध्यक्ष पद की लड़ाई ने चुनाव को और हाई-प्रोफाइल बना दिया है. पर क्या आप जानते हैं RCA में कौन सा पद सबसे ज्यादा पॉवरफुल होता है ?
अध्यक्ष (पूरे संगठन का संवैधानिक चेहरा)
RCA संविधान के मुताबिक President, Association, General Body और Apex Council-तीनों के Chairman होते हैं और उन्हें Association का Executive Head भी बताया गया है. General Body और Apex Council की बैठकों की अध्यक्षता President करते हैं और बैठकों के समय व स्थान से जुड़े अधिकार भी संविधान में President को दिए गए हैं.यानी अध्यक्ष की कुर्सी सिर्फ नाम की नहीं है. ये RCA का सबसे बड़ा संवैधानिक और सार्वजनिक नेतृत्व वाला पद है.
सचिव (RCA के रोजमर्रा के संचालन की अहम कुंजी)
अगर अध्यक्ष RCA का संवैधानिक चेहरा हैं, तो Secretary संगठन के कामकाज की सबसे महत्वपूर्ण operational कड़ी हैं.संविधान में Secretary को General Body और Apex Council की बैठकों के minutes, notices और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम सौंपे गए हैं. Secretary सभी Sub-Committees के ex-officio member और अधिकांश मामलों में उनके convener भी होते हैं.यही वजह है कि RCA की सत्ता की चर्चा में अध्यक्ष के साथ सचिव पद भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.यानी एक तरफ चेयरमैन की कुर्सी, दूसरी तरफ संगठन चलाने की कुंजी, President और Secretary की भूमिकाएं अलग लेकिन बेहद महत्वपूर्ण हैं.
3. कोषाध्यक्ष (RCA के खजाने की चाबी)
Treasurer की जिम्मेदारी सीधे वित्तीय प्रशासन से जुड़ी है.संविधान के मुताबिक Treasurer accounts maintain करते हैं, bills का भुगतान करते हैं, Association की रकम बैंक में जमा करवाते हैं, accounts का audit सुनिश्चित करते हैं, annual statement तैयार करते हैं और funds के disbursement में भूमिका निभाते हैं. इसलिए RCA की सियासत में Treasurer का महत्व सिर्फ एक वित्तीय पद तक सीमित नहीं है, पैसे का हिसाब, बजट और वित्तीय प्रक्रियाएं इसी कुर्सी से जुड़ी हैं.
उपाध्यक्ष (अध्यक्ष का संवैधानिक बैकअप )
Vice-President का मुख्य संवैधानिक रोल President की अनुपस्थिति में उनकी जगह काम करना और President की ओर से सौंपे गए दायित्व निभाना है. यानी ये पद सीधे तौर पर President के कामकाज से जुड़ा हुआ है, लेकिन इसके अधिकार President से स्वतंत्र समानांतर प्रशासनिक शक्ति के रूप में परिभाषित नहीं किए गए हैं.
संयुक्त सचिव (ऑपरेशन में अहम सहयोगी)
Joint Secretary को Apex Council, President, Secretary या Treasurer द्वारा सौंपे गए काम करने होते हैं. संविधान में Joint Secretary को RCA के cheque पर second signatory की भूमिका भी दी गई है. यानी प्रशासनिक कामकाज और वित्तीय प्रक्रिया, दोनों में Joint Secretary की भूमिका दिखाई देती है.
Executive Member (फैसलों की मेज पर भागीदारी)
Executive Member की ताकत व्यक्तिगत प्रशासनिक नियंत्रण से ज्यादा Apex Council में भागीदारी और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया में है. RCA का Apex Council ही संस्था की governance का principal body है. इसलिए Executive Member उस decision-making structure का हिस्सा होता है, जहां Association के महत्वपूर्ण फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं.
RCA में असली पावर कहां है?
संविधान को पढ़ें तो तस्वीर किसी साधारण 'नंबर-1, नंबर-2' रैंकिंग से ज्यादा दिलचस्प है. अध्यक्ष के पास नेतृत्व और अध्यक्षता की ताकत है. सचिव के पास संगठन के संचालन की अहम जिम्मेदारियां हैं. कोषाध्यक्ष के पास वित्तीय प्रशासन की जिम्मेदारी है. उपाध्यक्ष President की भूमिका में बैकअप हैं. Joint Secretary प्रशासन और वित्तीय प्रक्रिया में सहयोगी भूमिका निभाते हैं. Executive Member सामूहिक निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा होता है.यानी RCA की सत्ता एक कुर्सी में नहीं, बल्कि इन पदों और Apex Council की सामूहिक व्यवस्था में बंटी हुई है.
RCA चुनाव में सियासत क्यों ?
RCA चुनाव क्रिकेट से आगे निकलकर राजस्थान की सियासत से जुड़ता दिखाई देता है. 2026 के चुनाव में कई राजनीतिक परिवारों से जुड़े चेहरे मैदान में आए. अध्यक्ष पद पर मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर और राजनीतिक परिवार से जुड़े बृजकिशोर उपाध्याय के बीच मुकाबला अंतिम दौर में पहुंचा. नामांकन के दौरान पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ भी अध्यक्ष पद के दावेदार रहे. अन्य पदों पर भी राजनीतिक परिवारों से जुड़े नाम सामने आए. जिनमें मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी और विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव के नाम नामांकन चरण में सामने आए थे. यही वजह है कि RCA चुनाव को लेकर सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कौन क्रिकेट संघ की कुर्सी संभालेगा ?
सवाल यह भी है कि राजस्थान क्रिकेट के प्रशासन में अगले तीन साल किस तरह का नेतृत्व दिखाई देगा ?किस गुट का प्रभाव बढ़ेगा? और राजनीतिक परिवारों की मौजूदगी RCA की सत्ता के समीकरणों को कितना प्रभावित करेगी ? अब क्रिकेट की पिच तैयार है. नजर RCA की छह कुर्सियों पर है. किसके हिस्से आएगी कौन-सी कुर्सी और किसके हाथ आएगी राजस्थान क्रिकेट की कमान ?
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