सरकार समर्थित पैनल
अध्यक्ष पद - बृजकिशोर उपाध्याय
सचिव पद - पिंकेश पोरवाल
उपाध्यक्ष - रतन सिंह
संयुक्त सचिव - राजेश सारस्वत
कोषाध्यक्ष - विष्णु अग्रवाल
एग्जीक्यूटिव मेंबर - अरिष्ट सिंहवी
वैसे ऐसा पहली बार नहीं है कि राजस्थान क्रिकेट में राजनीतिक परिवारों की मौजूदगी दिख रही है, ये कहानी इससे पहले भी लिखी जा चुकी है.पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत RCA के अध्यक्ष रह चुके हैं. यानी राजस्थान में सत्ता के अलग-अलग राजनीतिक दौर में नेताओं के बेटे क्रिकेट प्रशासन की शीर्ष कुर्सी तक पहुंच चुके हैं. यही वजह है कि 2026 का RCA चुनाव अब सिर्फ एक क्रिकेट चुनाव नहीं,बल्कि क्रिकेट प्रशासन और राजनीतिक परिवारों के रिश्ते के लिहाज से भी देखा जा रहा है.ऐसा सिर्फ राजस्थान में ही नहीं राजस्थान से बाहर भी कई बड़े उदाहरण मौजूद हैं.
मध्य प्रदेश—सिंधिया परिवार की तीन पीढ़ियां
मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन यानी MPCA इसका सबसे चर्चित उदाहरण है. महाआर्यमन सिंधिया, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे, सितंबर 2025 में MPCA के अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए. इससे पहले उनके पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया MPCA अध्यक्ष रह चुके हैं और उनके दादा माधवराव सिंधिया भी इस पद पर रह चुके थे.यानी MPCA में एक ही राजनीतिक परिवार की तीन पीढ़ियों का क्रिकेट प्रशासन से सीधा जुड़ाव रहा है.
दिल्ली—अरुण जेटली के बाद रोहन जेटली
दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ यानी DDCA में भी राजनीतिक परिवार की अगली पीढ़ी शीर्ष पद पर है.रोहन जेटली, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के बेटे, DDCA के अध्यक्ष हैं. DDCA की आधिकारिक वेबसाइट पर वर्तमान में भी रोहन जेटली को President के रूप में दर्ज किया गया है. DDCA के आधिकारिक चुनाव परिणाम में भी 10 नवंबर 2020 को रोहन जेटली को अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया था.
तो पूरे देश में कितने 'नेतापुत्र'?
BCCI के अधीन 38 राज्य/क्षेत्रीय क्रिकेट एसोसिएशन हैं, लेकिन BCCI ने यह नहीं बताया है कि इन 38 में कितने ऐसे पदाधिकारी हैं जो किसी मौजूदा या पूर्व राजनेता के बेटे हैं.इसलिए उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर फिलहाल ये कहना ज्यादा सटीक है कि कम से कम राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली की प्रमुख क्रिकेट संस्थाओं में राजनीतिक परिवारों की अगली पीढ़ी का स्पष्ट कनेक्शन दिखाई देता है और राजस्थान की खासियत ये है कि यहां एक ही RCA चुनाव में पांच राजनीतिक परिवारों के बेटे अलग-अलग पदों पर दावेदारी कर रहे हैं.
आज नाम वापसी के आखिरी दिन कुछ नाम हटने पर राजस्थान क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का पूरा चुनावी गणित बदल सकता है.खास नजर पराक्रम सिंह राठौड़ पर है. रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा है कि वे बृजकिशोर उपाध्याय के साथ हैं और सरकार की ओर से निर्देश मिलने पर नामांकन वापस लेने की बात कही है. हालांकि अंतिम तस्वीर नाम वापसी के बाद ही साफ होगी. यानी आज RCA में सिर्फ नाम वापस नहीं होंगें. कुछ चेहरे पवेलियन लौटेंगे, कुछ मैदान में डटे रहेंगे और कुछ के लिए 29 सितंबर का मुकाबला तय होगा
याद दिला दें कि BCCI की आधिकारिक वेबसाइट पर राज्य क्रिकेट एसोसिएशनों की सूची में 38 सदस्य एसोसिएशन दर्ज हैं. लेकिन इनमें से कितनी एसोसिएशन्स में राजनीतिक परिवारों से जुड़े लोग पदाधिकारी हैं,