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ट्रक जयपुर में, फिटनेस मध्यप्रदेश में! 600 KM दूर बैठे कैसे जारी हुआ सर्टिफिकेट?

राजस्थान में कमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. जयपुर के शाहपुरा स्थित ATS सेंटर पर जांच के लिए पहुंचे एक ट्रक का फिटनेस सर्टिफिकेट उसी समय मध्यप्रदेश के धार स्थित आदिनाथ फिटनेस LLP से जारी कर दिया गया. आरोप है कि वाहन को मौके पर ले जाए बिना केवल दस्तावेजों की फोटो के आधार पर फिटनेस प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं.

ट्रक जयपुर में, फिटनेस मध्यप्रदेश में! 600 KM दूर बैठे कैसे जारी हुआ सर्टिफिकेट?
Image Credit: जयपुर में वाहन की जांच, MP में बन गई फिटनेस!

सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को घटाने के लिए केन्द्र सरकार करोड़ों रुपये का बजट खर्च कर रही है, जिन भारी वाहनों से हादसे होते हैं, उनकी फिटनेस जांच के लिए भी लंबे-चौड़े नियम कायदे बना दिए गए हैं लेकिन वाहनों की फिटनेस अभी भी फर्जीवाड़े से जारी की जा रही हैं. कैसे हो रहा है यह पूरा घोटाला?

दरअसल सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए केन्द्र सरकार ने कमर्शियल वाहनों, भारी वाहनों और यात्री वाहनों की फिटनेस ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन्स पर करवाने की अनिवार्यता की हुई है. ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन ऐसे केन्द्रों को कहा जाता है, जहां वाहनों की फिटनेस ऑटोमेटिक मशीनों के जरिए की जाती है. यानी वाहन के सभी पुर्जों की सही तरीके से जांच होती है कि वाहन सड़क पर चलने लायक है भी या नहीं.

इसी आधार पर वाहनों की फिटनेस का प्रमाण पत्र जारी किया जाता है लेकिन अब वाहनों की फिटनेस के प्रमाण पत्र जारी करने में ही बड़ा फर्जीवाड़ा हो रहा है. ऐसा ही एक फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें ट्रक जयपुर के शाहपुरा में एक एटीएस पर फिटनेस कराने के लिए पहुंचा था लेकिन इसी समय इस वाहन की मध्यप्रदेश के एक एटीएस द्वारा फिटनेस जारी कर दी गई.

जयपुर में वाहन की जांच, MP में बन गई फिटनेस!
ट्रक संख्या RJ14GP4938 की फिटनेस में हुआ फर्जीवाड़ा
सितंबर 2022 में पंजीकृत यह ट्रक है भवनदीप सिंह कालरा के नाम
वाहन की 23 अक्टूबर को शाम 5:15 बजे हुई फिटनेस के लिए बुकिंग
शाहपुरा(जयपुर) के वत्सल एंटरप्राइजेज ATS पर फिटनेस के लिए पहुंचा वाहन
23 अक्टूबर को शाम 5:34 बजे वाहन फिटनेस जांच के लिए एटीएस पर पहुंचा
शाम 5:55 बजे सभी जांच पूरी कर पोर्टल पर डिटेल अपलोड की गई
लेकिन वत्सल एंटरप्राइजेज से जारी नहीं हो पा रही थी वाहन की फिटनेस
तकनीकी रूप से डिटेल निकाली गई तो सामने आया बड़ा खेल
23 अक्टूबर को इसी समय मध्यप्रदेश के ATS ने बना दिया फिटनेस प्रमाण पत्र
धार में स्थित आदिनाथ फिटनेस LLP ने बना दिया इस ट्रक का प्रमाण पत्र
सूत्रों के मुताबिक, वाहन मालिक ने दस्तावेजों की फोटो भेजी थी मध्यप्रदेश
केवल फोटो के आधार पर मध्यप्रदेश के एटीएस ने बना दी फिटनेस

30 मानकों पर जांच जरूरी, लेकिन केवल फोटो से बना रहे फिटनेस
नियमानुसार किसी भी वाहन की फिटनेस जांच का प्रमाण पत्र वाहन की भौतिक रूप से जांच के बाद ही जारी किया जा सकता है. इसके लिए मशीनों पर वाहन के करीब 30 मानकों की जांच की जाती है. ज़ी मीडिया के पास मौजूद दस्तावेजों में साफ है कि 23 अक्टूबर को जब वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र मध्यप्रदेश के धार में स्थित आदिनाथ फिटनेस एलएलपी से जारी हुआ, उस समय वाहन जयपुर के शाहपुरा में वत्सल एंटरप्राइजेज सेंटर पर खड़ा था. वैसे भी धार से जयपुर के बीच करीब 600 किमी की दूरी है, जिसे ट्रक से तय करने में कम से कम 12 से 14 घंटे का समय लगता है.

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कब लगेगी फर्जीवाड़े पर रोक ?
मध्यप्रदेश में लगातार हो रही राजस्थान के वाहनों की फिटनेस
बिना वाहन ले जाए ही फिटनेस प्रमाण पत्र बनाए जा रहे
सूत्रों के अनुसार, राजस्थान के करीब 3 हजार वाहनों की बन रही फिटनेस
हर महीने इतनी संख्या में एमपी के एटीएस पर फिटनेस बन रही
इस गड़बड़ी को लेकर राजस्थान ATS एसोसिएशन ने जताया विरोध
परिवहन विभाग से की आदिनाथ फिटनेस LLP के खिलाफ FIR की मांग
अब क्या राजस्थान परिवहन विभाग कराएगा इस फर्जीवाड़े पर FIR?
सेंटर संचालक संजय शर्मा का कोटा में भी आदिनाथ फिटनेस LLP नाम से एटीएस
क्या परिवहन विभाग कोटा के एटीएस की भी कराएगा जांच? 
 

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About the Author

Kashiram Chaudhary

Kashiram Chaudhary

जी राजस्थान में स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत काशीराम चौधरी पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत 21 वर्षों से सक्रिय हैं. जी मीडिया में वे ट्रांसपोर्ट विषय से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं. बात चाहे सड़क परिवहन की हो, फ्लाइट मूवमेंट की या फिर रेलवे परिवहन, सभी क्षेत्रों में काशीराम सक्रिय रूप से न्यूज कवर करते रहे हैं. काशीराम कृषि और पशुपालन से जुड़ी खबरों पर भी गहरी पकड़ रखते हैं. किसानों की जमीनी हकीकत दिखाने के साथ ही कृषि विपणन मंडियों की भी रिपोर्टिंग करते रहे हैं. साथ ही वे आबकारी और माइंस सेक्टर की खबरों को भी दर्शकों तक पहुंचाते हैं. काशीराम जी मीडिया समूह से पहले राजस्थान पत्रिका, डीएनए, ईटीवी राजस्थान, फर्स्ट इंडिया न्यूज में भी कार्य कर चुके हैं.
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