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सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने धर्मगुरुओं को आड़े हाथों लिया है. अंबेडकरनगर पहुंचे ओम प्रकाश राजभर ने मौलाना अरशद मदनी के मस्जिद वाले बयान पर तीखा पलटवार किया है. राजभर ने कहा कि मौलवी-मौलाना ही मुसलमानों के असली दुश्मन हैं. अवैध कब्जों पर कार्रवाई कोर्ट के आदेश से हो रही है.
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के बयान पर पलटवार करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि ऐसे मौलवी-मौलाना ही मुसलमानों के सबसे बड़े दुश्मन हैं. उन्होंने कहा कि ये नेता कभी सपा तो कभी कांग्रेस को मुसलमानों का वोट दिलाते रहे, लेकिन उनके शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की चिंता कभी नहीं की. आजादी के समय सरकारी नौकरियों में 38 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाला मुस्लिम समुदाय आज एक फीसदी पर सिमट गया है, जिसके लिए यही धर्मगुरु जिम्मेदार हैं. मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर राजभर ने साफ किया कि सरकार अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि हाईकोर्ट के आदेश पर सरकारी जमीनों से अवैध अतिक्रमण हटवा रही है.
गोरखपुर सीट पर धांधली के अखिलेश यादव के आरोपों पर तंज कसते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सपा की आदत हारने के बाद ठीकरा फोड़ने की रही है. उन्होंने दावा किया कि गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार संजयन त्रिपाठी को खुद सपाई वोटरों ने नकार दिया और उनका पूरा वोट निर्दलीय लड़ रहे राजीव यादव के पाले में चला गया. ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को यह साफ करना चाहिए कि उनके उम्मीदवार को धोखा किसने दिया. साथ ही उन्होंने ब्राह्मण समाज को नसीहत दी कि वे समझें कि सपा में उन्हें केवल 'बलि का बकरा' बनाया गया है.
दिल्ली में भाजपा द्वारा निकाली गई 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा पर ओम प्रकाश राजभर ने विपक्षी दलों पर देश में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सपा, टीएमसी और शिवसेना जैसी पार्टियां माहौल बिगाड़कर सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं. इसी के विरोध में और जनता को सच बताने के लिए भारतीय जनता पार्टी देशव्यापी पैदल मार्च निकालकर विपक्ष के दोहरे चरित्र को उजागर कर रही है.
अकबरपुर सदर से समाजवादी पार्टी के विधायक के बेटे पर मारपीट, तोड़फोड़ और कागजात छीनने के लगे आरोपों पर राजभर ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि सपा के लोग लंबे समय से सत्ता का दुरुपयोग करते रहे हैं और इनका इतिहास गरीबों को उजाड़ने तथा उनका शोषण करने का रहा है. विधायक के परिवार से जुड़े लोगों पर इस तरह के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं, जो यह साबित करता है कि सपा का चरित्र कभी नहीं बदल सकता.