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Rajasthan Mayor And Deputy Mayor List: राजस्थान के 10 नगर निगमों में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के बाद शहरों की नई तस्वीर साफ हो गई है. कहीं मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पद भाजपा के खाते में गए, तो कहीं दोनों पद अलग-अलग पार्टियों के पास पहुंचे. कोटा में मेयर के बाद डिप्टी मेयर भी भाजपा का बना, जयपुर में मेयर के बाद डिप्टी मेयर की कुर्सी भी भाजपा के पास गई और जोधपुर में भी दोनों पद भाजपा ने अपने नाम किए. खास बात यह रही कि कई निगमों में पार्षद चुनाव में मिले वोट और बाद में मेयर-डिप्टी मेयर चुनाव में मिले वोटों का आंकड़ा काफी अलग रहा. कहीं निर्दलीय पार्षदों ने गणित बदला तो कहीं बराबरी होने पर लॉटरी से फैसला हुआ. आइए जानते हैं राजस्थान के सभी 10 नगर निगमों में किसे कितने वोट मिले और किसने किसे हराया.
कोटा में मेयर के बाद डिप्टी मेयर भी भाजपा का
कोटा में भाजपा की अनुसुईया गोस्वामी मेयर चुनी गईं. मेयर चुनाव में उन्हें 65 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की सुनीता सुमन को 35 वोट मिले. यानी भाजपा की अनुसुईया ने 30 वोट के अंतर से जीत दर्ज की. अनुसुईया गोस्वामी वार्ड 98 से पार्षद चुनाव जीती थीं. उन्हें उस चुनाव में 1,551 वोट मिले थे.
मेयर चुनाव के बाद डिप्टी मेयर पद पर भी भाजपा का कब्जा रहा. वार्ड 54 से भाजपा पार्षद विवेक राजवंशी इस पद के लिए निर्विरोध चुने गए. उन्होंने पार्षद चुनाव में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 2,226 वोट के अंतर से हराया था. डिप्टी मेयर के लिए मतदान नहीं हुआ, इसलिए इस पद पर वोटों की गिनती नहीं हुई. यानी कोटा में मेयर और डिप्टी मेयर दोनों कुर्सियां भाजपा के पास रहीं.
जयपुर में 78 पार्षदों वाली भाजपा को मेयर में 89 वोट
राजधानी जयपुर का चुनाव सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. जयपुर में कुल 150 वार्ड हैं और भाजपा ने 78 वार्ड जीते थे. मेयर पद के लिए भाजपा ने वार्ड 112 के पार्षद सुनील कोठारी को मैदान में उतारा. उनके सामने कांग्रेस की सुनीता मावर थीं.
मेयर चुनाव में सुनील कोठारी को 89 वोट मिले, जबकि सुनीता मावर को 60 वोट मिले. एक वोट NOTA में गया. इस तरह कोठारी ने 29 वोट के अंतर से जीत दर्ज की. खास बात यह रही कि भाजपा के पास 78 पार्षद थे, लेकिन उसके मेयर प्रत्याशी को 89 वोट मिले. यानी पार्टी के अपने पार्षदों की संख्या से 11 वोट ज्यादा मिले.
सुनील कोठारी वार्ड 112 से पार्षद बने थे और उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को करीब 900 वोट के अंतर से हराया था. इसके बाद डिप्टी मेयर पद पर भाजपा की सरोज कंवर और कांग्रेस के सलमान मंसूरी के बीच मुकाबला हुआ. सरोज कंवर वार्ड 90 से पार्षद बनी थीं और उन्हें पार्षद चुनाव में 6,649 वोट मिले थे. डिप्टी मेयर चुनाव में उन्हें 91 वोट मिले, जबकि सलमान मंसूरी को 58 वोट मिले. इस तरह सरोज कंवर ने 33 वोट के अंतर से जीत दर्ज की.
यानी जयपुर में मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पद भाजपा के खाते में गए. मेयर चुनाव में 78 पार्षदों वाली भाजपा के प्रत्याशी को 89 वोट मिले और डिप्टी मेयर चुनाव में भी भाजपा की सरोज कंवर ने 91 वोट हासिल किए.
जोधपुर में मेयर-डिप्टी मेयर दोनों भाजपा के
जोधपुर में भी भाजपा ने मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पद अपने नाम किए. मेयर पद के लिए भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता और कांग्रेस के राजेंद्र सोलंकी के बीच मुकाबला हुआ. प्रसन्नचंद मेहता को 53 वोट मिले, जबकि राजेंद्र सोलंकी को 46 वोट मिले. इस तरह मेहता ने 7 वोट के अंतर से जीत दर्ज की. प्रसन्नचंद मेहता वार्ड 82 से पार्षद बने थे. उन्हें पार्षद चुनाव में 3,270 वोट मिले थे. यानी वार्ड चुनाव में 3,270 वोट हासिल करने के बाद वह निगम के मेयर पद तक पहुंचे और मेयर चुनाव में 53 पार्षदों का समर्थन मिला.
डिप्टी मेयर पद पर भाजपा के विजय सिंह पंवार और कांग्रेस के अब्दुल करीम के बीच मुकाबला हुआ. विजय सिंह पंवार को 52 वोट, जबकि अब्दुल करीम को 48 वोट मिले. इस तरह पंवार ने 4 वोट के अंतर से जीत दर्ज की. विजय सिंह पंवार वार्ड 98 से पार्षद चुने गए थे और उन्होंने अपने वार्ड में 3,922 वोट हासिल किए थे.
अजमेर में कांग्रेस के ज्यादा पार्षद, फिर भी दोनों पद भाजपा के
अजमेर में मेयर चुनाव का गणित काफी दिलचस्प रहा. भाजपा की अनामिका शर्मा ने कांग्रेस की किरण गढ़वाल को हराया. अनामिका शर्मा को 43 वोट मिले, जबकि किरण गढ़वाल को 37 वोट मिले. यानी भाजपा प्रत्याशी ने 6 वोट के अंतर से जीत हासिल की. अनामिका शर्मा वार्ड 3 से पार्षद बनी थीं. उन्हें पार्षद चुनाव में 3,687 वोट मिले और उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 954 वोट के अंतर से हराया था.
डिप्टी मेयर चुनाव में भाजपा के हेमंत सांखला और कांग्रेस के नोरत गुर्जर के बीच कड़ा मुकाबला हुआ. दोनों को 40-40 वोट मिले. वोट बराबर होने के बाद लॉटरी से फैसला हुआ और भाजपा के हेमंत सांखला के नाम की पर्ची निकली. हेमंत सांखला वार्ड 46 से पार्षद बने थे और उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को 15 वोट के अंतर से हराया था. इस तरह अजमेर में मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पद भाजपा के खाते में गए.
उदयपुर में दोनों चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत
उदयपुर में भाजपा ने मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पदों पर जीत हासिल की. मेयर चुनाव में भाजपा के पारस सिंघवी को 55 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की पूनम कुंवर राठौड़ को 25 वोट मिले. यानी सिंघवी ने 30 वोट के अंतर से जीत दर्ज की. पारस सिंघवी वार्ड 24 से पार्षद चुने गए थे. उन्हें पार्षद चुनाव में 2,449 वोट मिले और उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को 1,680 वोट के अंतर से हराया था.
डिप्टी मेयर पद पर भाजपा के दिनेश भट्ट ने कांग्रेस के लक्ष्मीनारायण मेघवाल को हराया. दिनेश भट्ट को 56 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 24 वोट मिले. जीत का अंतर 32 वोट रहा. दिनेश भट्ट वार्ड 45 से पार्षद बने थे और उन्हें पार्षद चुनाव में 1,540 वोट मिले थे.
अलवर में भाजपा की सुमनलता और अजय पूनिया जीते
अलवर नगर निगम में भाजपा की सुमनलता अग्रवाल मेयर बनीं. उन्होंने कांग्रेस की कमलेश शर्मा को हराया. सुमनलता को 42 वोट, जबकि कमलेश शर्मा को 23 वोट मिले. यानी जीत का अंतर 19 वोट रहा. सुमनलता अग्रवाल वार्ड 7 से पार्षद बनी थीं और उन्हें पार्षद चुनाव में 1,225 वोट मिले थे.
डिप्टी मेयर चुनाव में भाजपा के अजय पूनिया ने कांग्रेस की ममता सैनी को हराया. अजय पूनिया को 40 वोट मिले, जबकि ममता सैनी को 24 वोट मिले. एक वोट निरस्त हुआ. अजय पूनिया वार्ड 49 से पार्षद बने थे और उन्हें पार्षद चुनाव में 2,237 वोट मिले थे. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 1,604 वोट के अंतर से हराया था.
पाली में भाजपा की मेयर, निर्दलीय बने डिप्टी मेयर
पाली में मेयर चुनाव ने पूरे समीकरण को बदल दिया. यहां कांग्रेस के 29 पार्षद थे, जबकि भाजपा के 21 पार्षद थे. इसके बावजूद भाजपा की नमिता बुबकिया मेयर बन गईं. नमिता बुबकिया को मेयर चुनाव में 33 वोट मिले. निर्दलीय राजबाला हिंगड़ को 29 और कांग्रेस की सुमित्रा जैन को सिर्फ 3 वोट मिले.
नमिता बुबकिया वार्ड 33 से पार्षद बनी थीं और उन्हें पार्षद चुनाव में 805 वोट मिले थे. उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 90 वोट के अंतर से हराया था. डिप्टी मेयर चुनाव में भाजपा के विक्रम पाल सिंह और निर्दलीय महबूब टी को 29-29 वोट मिले. बराबरी होने के बाद लॉटरी निकाली गई और महबूब टी विजेता रहे. इस तरह पाली में मेयर भाजपा का, जबकि डिप्टी मेयर निर्दलीय के पास गया.
बीकानेर में मेयर कांग्रेस का, डिप्टी मेयर भाजपा का
बीकानेर में मेयर पद कांग्रेस के अनिल कल्ला ने जीता. उन्हें 50 वोट मिले, जबकि भाजपा के सुरेंद्र सिंह शेखावत को 30 वोट मिले. यानी कल्ला ने 20 वोट के अंतर से जीत दर्ज की. डिप्टी मेयर पद पर तस्वीर बदल गई. भाजपा के पंकज गहलोत ने कांग्रेस की नसीम बानो को हराया. पंकज गहलोत को 40 वोट, जबकि नसीम बानो को 38 वोट मिले. एक वोट NOTA में गया और एक वोट निरस्त हुआ. पंकज गहलोत वार्ड 51 से पार्षद बने थे और उन्हें पार्षद चुनाव में 1,476 वोट मिले थे. इस तरह बीकानेर में मेयर कांग्रेस के पास और डिप्टी मेयर भाजपा के पास गया.
भरतपुर में मेयर निर्विरोध, डिप्टी मेयर भाजपा की
भरतपुर में भाजपा की अनुराधा सिंह मेयर बनीं. मेयर पद पर नामांकन वापस होने के बाद अनुराधा सिंह निर्विरोध चुनी गईं. इसलिए उनके मेयर चुनाव में कोई वोट नहीं पड़ा. अनुराधा सिंह वार्ड 61 से पार्षद बनी थीं. उन्हें पार्षद चुनाव में 673 वोट मिले थे और उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 41 वोट के अंतर से हराया था. डिप्टी मेयर पद पर भाजपा की अंबिका सैनी ने जीत दर्ज की. उन्हें 49 वोट मिले. अंबिका सैनी वार्ड 2 से पार्षद बनी थीं और उन्हें पार्षद चुनाव में 1,026 वोट मिले थे.
भीलवाड़ा में मेयर और डिप्टी मेयर दोनों निर्विरोध
भीलवाड़ा में दोनों प्रमुख पदों पर मतदान की जरूरत नहीं पड़ी. भाजपा की जसवंत कंवर मेयर और राधेश्याम सोमानी डिप्टी मेयर निर्विरोध चुने गए. जसवंत कंवर वार्ड 9 से पार्षद बनी थीं. उन्हें पार्षद चुनाव में 2,538 वोट मिले थे और उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 2,165 वोट के अंतर से हराया था. राधेश्याम सोमानी वार्ड 16 से पार्षद चुने गए थे. उन्हें 1,753 वोट मिले थे और उन्होंने 412 वोट के अंतर से जीत दर्ज की थी. बाद में डिप्टी मेयर पद पर भी वह निर्विरोध चुने गए.