राजस्थान की सियासत में जुबान बनी मुसीबत: इन 6 विवादित बयानों पर नेताओं को मांगनी पड़ी माफी
राजस्थान की राजनीति में नेताओं के बयानों और चूकों से कई बार विवाद खड़े हुए हैं. मदन राठौड़ के हालिया बयान से लेकर अशोक गहलोत के पुराने बजट की घटना और शांति धारीवाल की टिप्पणी तक, जानिए 6 चर्चित सियासी विवाद.
राजस्थान की राजनीति में नेताओं के बयान कई बार बड़े विवाद की वजह बन जाते हैं. कभी किसी टिप्पणी पर विपक्ष हमलावर हो जाता है, तो कभी सदन में हुई चूक या महिलाओं से जुड़ा बयान राजनीतिक बहस छेड़ देता है. हाल ही में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का पाकिस्तान और अमेरिका के क्रिकेट मैच को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है. इस बयान पर विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने सफाई भी दी.
आइए, राजस्थान के ऐसे छह सियासी विवादों पर नजर डालते हैं, जिनमें नेताओं की टिप्पणियों या बयानों ने खूब सुर्खियां बटोरीं.
1. मदन राठौड़: पाकिस्तान को लेकर बयान पर विवाद
मदन राठौड़ ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित किया. यह कार्यक्रम पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था. अपने संबोधन में उन्होंने पड़ोसियों के साथ मिलकर रहने और उनकी मदद करने की बात कही. इसी दौरान उन्होंने कहा कि अगर आज अमेरिका और पाकिस्तान में मैच होता है, तो हम पाकिस्तान के साथ हैं क्योंकि वो हमारा पड़ोसी है.
उनका वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई. विवाद बढ़ने पर राठौड़ ने कहा कि उनके बयान को काटकर वायरल किया गया और तोड़-मरोड़कर पेश किया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह क्रिकेट मैच के संदर्भ में बात कर रहे थे. उन्होंने भारत-पाकिस्तान मैच में भारत की हार पर पटाखे फोड़ने वालों को लेकर भी सवाल उठाया. साथ ही कांग्रेस पर बेवजह विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया.
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2. शांति धारीवाल: 'मर्दों का प्रदेश' वाली टिप्पणी
राजस्थान के सियासी विवादों में शांति धारीवाल की टिप्पणी भी काफी चर्चित रही. दुष्कर्म के मामलों पर चर्चा के दौरान उनके 'मर्दों का प्रदेश' कहने को लेकर विवाद खड़ा हुआ. इस टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विरोध हुआ और महिला सुरक्षा का मुद्दा चर्चा के केंद्र में आ गया.
3. अशोक गहलोत: सदन में पुराना बजट पढ़ने की चूक
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में विधानसभा में बजट भाषण के दौरान पुराना बजट पढ़ने की घटना ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी थी. इस चूक के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरा और सदन में जमकर हंगामा हुआ. यह घटना राजस्थान की राजनीति में लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही.
4. मदन दिलावर: आदिवासी सांसद के डीएनए टेस्ट की बात
मदन दिलावर की ओर से आदिवासी सांसद के डीएनए टेस्ट की बात कहे जाने पर विवाद हुआ. इस टिप्पणी को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं और आदिवासी समुदाय से जुड़े मुद्दे पर बहस तेज हो गई.
5. बाबूलाल खराड़ी: ज्यादा बच्चे पैदा करने की सलाह
मंत्री बाबूलाल खराड़ी का 'खूब बच्चे पैदा करो, मकान पीएम देंगे' वाला बयान भी विवादों में रहा. उनकी इस टिप्पणी को लेकर चर्चा शुरू हुई और राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई.
6. राजेंद्र गुढ़ा और गोविंद सिंह डोटासरा की टिप्पणियां
राजेंद्र गुढ़ा ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी ही सरकार को घेरा था. उनके बयान ने प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा की. वहीं, गोविंद सिंह डोटासरा की महिला विधायकों पर कैमरों को लेकर की गई विवादित टिप्पणी भी चर्चा में रही.
इन छह मामलों से साफ है कि राजस्थान में नेताओं के बयान और सदन में हुई घटनाएं कई बार बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लेती हैं. हर मामले में विवाद की परिस्थितियां और नेताओं की सफाई अलग-अलग रही है.