धनतेरस पर नहीं होगी वोटिंग: राज्य निर्वाचन आयोग ने बदला पंचायत चुनाव कार्यक्रम
Rajasthan Panchayat Elections: धनतेरस को देखते हुए राजस्थान में पंचायत चुनाव के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है. राज्य निर्वाचन आयोग ने तीसरे चरण के पंच-सरपंच चुनाव की तारीख 6 नवंबर से बदलकर 5 नवंबर कर दी है. पहले, दूसरे और तीसरे चरण की चुनावी प्रक्रिया की तारीखों में एक दिन का बदलाव किया गया है, जबकि चौथे चरण समेत बाकी कार्यक्रम यथावत रहेगा.
Rajasthan Panchayat Chunav:जयपुर में राज्य निर्वाचन आयोग ने धनतेरस को देखते हुए राजस्थान पंचायत चुनाव के कार्यक्रम में बदलाव किया है. धार्मिक आस्था और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए तीसरे चरण के पंच-सरपंच चुनाव की तारीख में बदलाव किया गया है. अब तीसरे चरण के पंच और सरपंच पद के लिए मतदान 6 नवंबर की जगह 5 नवंबर को होगा. आयोग ने पहले, दूसरे और तीसरे चरण की चुनावी तारीखों को भी एक दिन पहले कर दिया है. हालांकि चौथे चरण समेत बाकी घोषित कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
पहले चरण का नया कार्यक्रम
पहले चरण के पंचायत चुनाव के लिए अब 21 अक्टूबर को पोलिंग पार्टियां रवाना होंगी. इसके बाद 22 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान होगा. 23 अक्टूबर को पंच और सरपंच पद के लिए नामांकन प्रक्रिया होगी. 24 अक्टूबर को पंच-सरपंच पद के लिए मतदान कराया जाएगा. इसके अगले दिन यानी 25 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव होगा.
दूसरे चरण की तारीखें
दूसरे चरण के लिए पोलिंग पार्टियां 27 अक्टूबर को रवाना होंगी. 28 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान होगा. इसके बाद 29 अक्टूबर को पंच और सरपंच पद के लिए नामांकन दाखिल किए जाएंगे. 30 अक्टूबर को पंच-सरपंच के लिए मतदान होगा. 31 अक्टूबर को उपसरपंच का अप्रत्यक्ष चुनाव कराया जाएगा.
तीसरे चरण में सबसे बड़ा बदलाव
धनतेरस के कारण तीसरे चरण के कार्यक्रम में सबसे अहम बदलाव किया गया है. अब तीसरे चरण के लिए 2 नवंबर को पोलिंग पार्टियां रवाना होंगी. 3 नवंबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान होगा. 4 नवंबर को पंच और सरपंच पद के लिए नामांकन प्रक्रिया होगी. इसके बाद 5 नवंबर को पंच और सरपंच पद के लिए मतदान कराया जाएगा. 6 नवंबर की सुबह उपसरपंच का अप्रत्यक्ष चुनाव होगा.
धार्मिक आस्था को ध्यान में रखकर फैसला
राज्य निर्वाचन आयोग ने धनतेरस के दिन मतदान की तारीख पड़ने को देखते हुए कार्यक्रम में बदलाव किया है. आयोग के फैसले का उद्देश्य धार्मिक आस्था और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मतदान प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखना है. पहले, दूसरे और तीसरे चरण की तारीखों में बदलाव के बाद संबंधित चुनावी गतिविधियां एक दिन पहले होंगी. वहीं, चौथे चरण और इसके बाद के पहले से घोषित कार्यक्रम को यथावत रखा गया है.