Rajasthan Panchayat Chunav: पंचायत चुनाव में इस बार मतदान करवाने वाली पोलिंग पार्टियों की ड्यूटी लंबी रहने वाली है. एक ही पोलिंग पार्टी को पहले जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य और इसके बाद सरपंच-वार्ड पंच का चुनाव करवाना है. इसके चलते पोलिंग पार्टियों को करीब पांच दिन तक गांवों में रहना पड़ेगा. इसे देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों पर पोलिंग पार्टियों और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के ठहरने से लेकर छाया, पेयजल और रोशनी जैसी सामान्य सुविधाओं के साथ गद्दे-चादर-तकिए, भोजन, साइन बोर्ड, रैम्प और प्राथमिक उपचार तक व्यवस्था करने के निर्देश दिये हैं. राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाएं पहले ही सुनिश्चित कर ली जाएं. खास बात यह है कि इस बार मतदान केंद्र केवल वोटिंग की जगह नहीं होंगे, बल्कि कई दिनों तक चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के ठहरने का ठिकाना भी बनेंगे. मतदान केंद्र एवं शौचालय की साफ-सफाई भी सुनिश्चित करनी होगी. भोजन की व्यवस्था भी मतदान केंद्र पर ही रहेगी.
मतदान केंद्रों पर छाया से लेकर दवा तक का इंतजाम
1. धूप से बचाव
वोटर के लिए मतदान केंद्र पर बरामदा/छाया नहीं तो टेंट लगाना होगा.
2. पीने का पानी
मतदान केंद्रों पर जरूरत के मुताबिक पेयजल की व्यवस्था करनी होगी.
3. लाइट का इंतजाम
मतदान केंद्रों पर पर्याप्त रोशनी और पंखे, मतगणना रात तक चले तो जनरेटर की व्यवस्था भी.
4. मतदान दल के ठहरने की व्यवस्था
दिन पोलिंग पार्टी रुकेगी तो मतदान दलों के लिए गद्दे, चद्दर और तकिए उपलब्ध कराने होंगे. मतदान केंद्र और शौचालय की साफ-सफाई भी सुनिश्चित करनी होगी.
5. भोजन की व्यवस्था
मतदान दलों के लिए भोजन की व्यवस्था उनके स्वयं के खर्च पर (On Payment) स्कूल के कुक-कम-हेल्पर या अन्य माध्यम से कराई जाएगी.
6. रास्ता बताने के लिए साइनेज
मतदान केंद्रों पर साइनेज लगेंगे. मतदान दिवस पर 100 और 200 मीटर की दूरी पर लाइनिंग भी करानी होगी.
7. रैंप भी जरूरी
जहां मतदान केंद्र पर रैंप नहीं है, वहां अस्थायी रैंप बनाया जाएगा.
8. फर्स्ट एड की व्यवस्था
मतदान केंद्रों पर प्राथमिक उपचार किट और जरूरी दवाइयां उपलब्ध रहेंगी.
मतदान की ड्यूटी चलेगी लंबी
बहरहाल, पंचायत चुनाव में मतदाता कुछ मिनट में वोट डालकर घर लौट जाएगा, लेकिन मतदान दल की ड्यूटी लंबी चलेगी. यही वजह है कि आयोग ने इस बार बूथ को सिर्फ मतदान केंद्र नहीं, बल्कि कर्मचारियों के लिए ‘वर्किंग कैंप’ की तरह तैयार करने को कहा है. जहां गद्दे-चादर से लेकर खाना, पानी और रात की मतगणना के लिए जनरेटर तक का इंतजाम रहेगा.