SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

राजस्थान में ‘गांव की सरकार’ का काउंटडाउन खत्म: 3 अक्टूबर को खुलेगा पंचायत चुनाव का पिटारा

Rajasthan News: राजस्थान में अब शहर के बाद गांव की सरकार चुनने की बारी है. इंतजार की घड़ी खत्म होने वाली है. जिसमें 3 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे पंचायत चुनाव का पूरा कैलेंडर सामने आएगा. राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा और इसी के साथ गांवों में चुनावी आचार संहिता का सायरन बज जाएगा.

Reported By Deepak Goyal Edited By SAGAR CHAUDHARY
Published: Oct 02, 2026, 06:14 PM IST | Updated: Oct 02, 2026, 06:20 PM IST
Image Credit: Rajasthan Panchayat Chunav
Join

Rajasthan Panchayat Chunav: शहरों में नई सरकारें बनने के बाद अब राजस्थान में गांव की सरकार चुनने की बारी आ गई है. गांव की चौपाल से लेकर पंचायत मुख्यालय तक जिस चुनावी तारीख का इंतजार है, उसका काउंटडाउन खत्म होने वाला है. राज्य निर्वाचन आयोग शनिवार को पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 का कार्यक्रम घोषित करेगा. दोपहर 3 बजे सचिवालय के पंचायती राज सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई है. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू होगी.

गांवों तक पहुंचेगी चुनावी हलचल
अब चुनावी हलचल शहर की सड़कों से निकलकर गांव की गलियों और चौपालों तक पहुंचेगी. सरपंच से लेकर पंचायत समिति और जिला परिषद तक गांव के मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे.

बड़ा होगा पंचायती राज चुनाव का आकार
पंचायती राज चुनाव का आकार भी बड़ा है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियां और 14,403 ग्राम पंचायतें हैं. इनमें जिला परिषद के 1,403, पंचायत समितियों के 8,245 और ग्राम पंचायतों के 1,30,589 वार्ड हैं.

4 करोड़ से ज्यादा मतदाता
करीब 4.02 करोड़ मतदाताओं के लिए 45 हजार से ज्यादा मतदान केंद्रों की चुनावी व्यवस्था का खाका है. जयपुर की ग्रामीण सियासत में भी बड़ा चुनावी मैदान तैयार है. जिला परिषद के 57 वार्ड हैं. उपलब्ध मतदाता सूची में जयपुर में 18,95,135 मतदाता दर्ज हैं. इनमें 9,83,904 पुरुष, 9,11,227 महिला और 4 थर्ड जेंडर मतदाता हैं.

EVM और मतपत्र से होगा मतदान
पंचायत चुनाव में मतदान का माध्यम भी पद के हिसाब से अलग रहेगा. पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य के चुनाव EVM से, जबकि पंच और सरपंच के लिए मतपत्र से होगा.

तारीखों के ऐलान के साथ बदलेगी तस्वीर
उधर पंचायत चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ गांवों में चुनावी तस्वीर तेजी से बदलेगी. अभी तक दावेदारी और समीकरणों तक सीमित चर्चाएं अब नामांकन और प्रचार तक पहुंचेंगी. किसका पर्चा भरेगा, किस वार्ड से कौन उतरेगा, आरक्षण के बाद किसकी दावेदारी मजबूत हुई और कौन किसके साथ जाएगा, ये सवाल गांव की चौपालों की चर्चा के केंद्र में होंगे. आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे ज्यादा नजर चुनाव कितने चरणों में होंगे, नामांकन कब शुरू होंगे, मतदान की तारीख क्या होगी और मतगणना कब होगी इस पर रहेगी. कार्यक्रम घोषित होते ही चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ेगी.

अब गांव की सरकार की बारी
बहरहाल, शहरों में सरकार चुनने का दौर पूरा हुआ. अब लोकतंत्र की अगली हलचल गांव की चौपाल पर दिखेगी. पंच से सरपंच, पंचायत समिति से जिला परिषद तक..4 करोड़ से ज्यादा मतदाता गांव की सत्ता की नई तस्वीर तय करेंगे. कल तारीखों का ऐलान होगा और इसके साथ ही राजस्थान में ‘गांव की सरकार’ की चुनावी घड़ी चल पड़ेगी.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

Deepak Goyal
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES