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Rajasthan Nikay Chunav: जयपुर समेत राजस्थान के कई शहरों में निकाय चुनाव के नामांकन की जांच के दौरान कई बड़े उलटफेर सामने आए हैं. कहीं प्रत्याशियों के पर्चे खारिज होने से चुनावी समीकरण बदल गए, तो कहीं नामांकन पर आपत्तियों को लेकर हंगामा देखने को मिला. जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 111 से कांग्रेस प्रत्याशी ज्वाला प्रसाद का नामांकन आपराधिक मामले के चलते खारिज हुआ है. वहीं वार्ड 146 में भाजपा की ओर से घोषित महिला प्रत्याशी ने नामांकन ही दाखिल नहीं किया. इसके अलावा सिरोही, चित्तौड़गढ़, झालावाड़ और मांडलगढ़ समेत कई जगहों पर भी नामांकन खारिज होने और विवाद की खबरें सामने आई हैं.
जयपुर में कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा खारिज
जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 111 से कांग्रेस प्रत्याशी ज्वाला प्रसाद का नामांकन खारिज कर दिया गया. बताया गया कि उनके खिलाफ आपराधिक मामला कोर्ट में चल रहा है और ऐसे मामले में आरोप तय हो चुके हैं, जिसमें पांच साल से ज्यादा की सजा का प्रावधान है. इसी आधार पर निर्वाचन अधिकारी ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया. वहीं वार्ड नंबर 146 में भाजपा ने जिस महिला को प्रत्याशी बनाया था, उन्होंने नामांकन फॉर्म ही जमा नहीं किया.
मांडलगढ़ में भाजपा नेता का नामांकन रद्द
बीगोद नगर पालिका के वार्ड नंबर 19 से भाजपा प्रत्याशी और नेता अनिल पारीक का पर्चा भी स्क्रूटनी के दौरान खारिज कर दिया गया. रिटर्निंग अधिकारी अरुण कुमार जैन ने नामांकन की जांच के बाद यह फैसला लिया. खास बात यह है कि अनिल पारीक बीगोद नगर पालिका में विधि सलाहकार के पद पर भी नियुक्त हैं. नामांकन खारिज होने की जानकारी सामने आते ही निर्वाचन कार्यालय के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया. स्थिति संभालने के लिए मांडलगढ़ रिटर्निंग अधिकारी स्वाति झा और डीएसपी योगेश शर्मा मौके पर पहुंचे. बाद में पुलिस ने कार्यालय के बाहर जमा भीड़ को वहां से हटाया.
सिरोही में कांग्रेस को बड़ा झटका
सिरोही नगर परिषद के वार्ड नंबर 10 से कांग्रेस प्रत्याशी सुंदर देवी का नामांकन भी खारिज कर दिया गया. भाजपा प्रत्याशी की ओर से उनके नामांकन पर नो-ड्यूज और अतिक्रमण से जुड़े मामले को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी. सुनवाई के दौरान कांग्रेस की ओर से सुंदर देवी का पक्ष रखा गया और दस्तावेज भी पेश किए गए, लेकिन रिटर्निंग अधिकारी ने आपत्तियों को स्वीकार करते हुए पर्चा निरस्त कर दिया. कांग्रेस ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक द्वेष बताया है.
चित्तौड़गढ़ में स्क्रूटनी के दौरान हंगामा
चित्तौड़गढ़ नगर परिषद के 60 वार्डों के लिए दाखिल 360 नामांकन की जांच के दौरान भी जमकर बहस हुई. वार्ड 34 में भाजपा प्रत्याशी रमेश चंद्र मीणा के नामांकन पर कांग्रेस प्रत्याशी शांतिलाल ने आपत्ति दर्ज कराई थी. कांग्रेस का कहना था कि भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला कोर्ट में चल रहा है, इसलिए उनका पर्चा रद्द होना चाहिए. हालांकि आरओ राजलक्ष्मी गहलोत ने आपत्ति खारिज कर नामांकन स्वीकार कर लिया.
नेताओं और अधिकारियों में तीखी बहस
फैसले के बाद कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों के बीच बहस भी देखने को मिली. पूर्व कांग्रेस विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत और एडीएम राजलक्ष्मी गहलोत के बीच तीखी नोकझोंक हुई. कांग्रेस की ओर से कुल 11 लिखित और एक मौखिक आपत्ति दर्ज कराई गई थी. इनमें से दो आपत्तियां स्वीकार की गईं. वार्ड 25 में एक ही प्रस्तावक से जुड़े नियम के चलते निर्दलीय प्रत्याशी अभिषेक व्यास और महेश कुमार के फॉर्म भी खारिज हुए.
झालावाड़ और बालेसर में भी बदले समीकरण
झालावाड़ नगर परिषद में भी तीन प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हुए हैं. वार्ड 5 से कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पेंद्र सिंह, वार्ड 7 से भाजपा प्रत्याशी सागर कहार और वार्ड 31 से कांग्रेस प्रत्याशी शाहरुख का पर्चा रद्द किया गया. वहीं बालेसर में 25 वार्डों के लिए दाखिल 125 नामांकन की जांच पूरी हो गई. इनमें 102 फॉर्म स्वीकार किए गए, जबकि 23 नामांकन खारिज कर दिए गए. नामांकन रद्द होने के बाद अब कई वार्डों में मुकाबले की तस्वीर बदल गई है.
अजमेर में 57 लाख के बकाये पर सवाल
अजमेर नगर निगम के वार्ड नंबर 4 में भी नामांकन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. निर्दलीय प्रत्याशी हेमा गहलोत के पति और पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत ने भाजपा प्रत्याशी मोनिका की दावेदारी पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि मोनिका के पति दीपक जैन पर निगम का करीब 57 लाख रुपये बकाया है. इसी आधार पर उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से भाजपा प्रत्याशी का नामांकन रद्द करने की मांग की है. उधर हनुमानगढ़ के संगरिया में टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस मंडल अध्यक्ष जितेंद्र लोहरा ने इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में नामांकन की जांच पूरी होने के बाद अब राजस्थान के कई निकायों में चुनावी तस्वीर पहले से काफी अलग नजर आ रही है.