जयपुर निगम में किसी के पास डॉक्टरेट, कोई 8वीं पास! जानें 146 पार्षदों की पढ़ाई का पूरा हिसाब
Rajasthan News: जयपुर की नई शहर सरकार में 146 पार्षदों की पढ़ाई का पूरा रिपोर्ट कार्ड सामने आया है. 80 पार्षद ग्रेजुएट या उससे ऊपर हैं. खास बात यह है कि PG की रेस में महिला पार्षद पुरुषों से आगे हैं.
Jaipur Nagar Nigam Councilors Education Qualification: जयपुर की नई शहर सरकार में सियासी अनुभव के साथ पढ़ाई-लिखाई का भी अच्छा मेल दिखाई देगा. जयपुर की नई शहर सरकार में अनुभव और उम्र के बाद अब पढ़ाई की तस्वीर भी सामने आ गई है. नगर निगम के घोषित 146 पार्षदों का एजुकेशन रिपोर्ट कार्ड देखें तो 80 पार्षद यानी करीब 55% ग्रेजुएट या उससे अधिक पढ़े-लिखे हैं. इनमें 45 ग्रेजुएट, 29 पोस्ट ग्रेजुएट और 6 प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन वाले हैं. दूसरी ओर 48 पार्षद यानी करीब हर तीसरे पार्षद की शैक्षणिक योग्यता 10वीं तक दर्ज है, जबकि 18 पार्षद 12वीं तक पढ़े हैं. डेटा की सबसे दिलचस्प तस्वीर महिला पार्षदों में दिखाई देती है. निगम में 96 पुरुष और 50 महिला पार्षद हैं. कुल 29 पोस्ट ग्रेजुएट पार्षदों में 16 पुरुष और 13 महिलाएं हैं. यानी सभी महिला पार्षदों में 26% पोस्ट ग्रेजुएट हैं, जबकि पुरुष पार्षदों में यह अनुपात करीब 16.7% है. संख्या में पुरुष आगे हैं, लेकिन अनुपात में महिलाएं करीब 9.3 प्रतिशत अंक आगे हैं. ग्रेजुएट श्रेणी में तस्वीर उलट जाती है. 45 ग्रेजुएट पार्षदों में 34 पुरुष और 11 महिलाएं हैं. प्रोफेशनल शिक्षा वाले 6 पार्षदों में 4 पुरुष और 2 महिलाएं हैं. इन तीनों उच्च शिक्षा श्रेणियों को जोड़ें तो 96 पुरुषों में 54 और 50 महिलाओं में 26 पार्षद ग्रेजुएट या उससे ऊपर हैं. यानी पुरुषों में उच्च शिक्षा का अनुपात 56.3% और महिलाओं में 52% है.
शहर सरकार की ‘क्लास’
आंकड़ों में रोचक ट्रेंड आया सामने
जयपुर नगर निगम के शहरी सरकार के सदन में महिला पार्षदों के आंकड़ों में एक रोचक ट्रेंड है. 10वीं तक पढ़ी महिला पार्षद 21 हैं, जबकि पोस्ट ग्रेजुएट 13 हैं. लेकिन 12वीं तक की श्रेणी में सिर्फ 3 महिलाएं हैं. इसके उलट पुरुषों में 10वीं तक 27, 12वीं 15 और पोस्ट ग्रेजुएट 16 हैं. यानी महिला पार्षदों की शिक्षा का डेटा बीच की श्रेणियों के बजाय दोनों सिरों पर ज्यादा केंद्रित दिखाई देता है. 146 पार्षदों में 48 की शिक्षा 10वीं तक है, यानी 32.9% हैं. वहीं 29 पोस्ट ग्रेजुएट हैं, जो 19.9% बैठते हैं. इस हिसाब से निगम में लगभग हर तीसरा पार्षद 10वीं तक और हर पांचवां पार्षद पोस्ट ग्रेजुएट है. ग्रेजुएट 30.8% हैं. पोस्ट ग्रेजुएट और प्रोफेशनल को ही जोड़ें तो 35 पार्षद यानी करीब 24% उच्चतर शिक्षा की इन दोनों श्रेणियों में आते हैं. वार्ड-20 से भाजपा की उदिता सिंह चौहान की योग्यता डॉक्टरेट हैं. वहीं वार्ड-31 के विजय अग्रवाल ने CA, CS, BBA तक पढाई कर रखी है. एजुकेशन प्रोफाइल में सबसे बड़ा समूह ग्रेजुएट और उससे ऊपर वालों का है. 46 पार्षद ग्रेजुएट स्तर के हैं, जबकि 29 पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
कुछ पार्षदों की विशिष्ट प्रोफेशनल योग्यता दर्ज
इनके अलावा रिपोर्ट में कुछ पार्षदों की विशिष्ट प्रोफेशनल योग्यता दर्ज है. वार्ड-61 के सुरेश मीणा B.Tech, वार्ड-68 की मौसमी मीणा MA, B.Ed, वार्ड-86 की तारा देवी बेनीवाल एमए,बीएड और वार्ड-89 के भवानी सिंह राजावत बीए, एलएलबी हैं. वार्ड-141 के सतीश कुमार की योग्यता B.A., LL.M. दर्ज है. वहीं नई शहर सरकार में 10 पार्षद ऐसे हैं जिनकी शिक्षा 8वीं तक दर्ज है. इनमें वार्ड-19 के मोहम्मद फारूक, वार्ड-56 की शारदा, वार्ड-58 की सरोज वर्मा, वार्ड-69 की बीना देवी, वार्ड-96 के मोहम्मद वसीम, वार्ड-105 के महेश तंबोली, वार्ड-120 के श्याम सुंदर सैनी, वार्ड-122 के घनश्याम चंदलानी और वार्ड-148 की बरखा देवी जैसे नाम शामिल हैं. वार्ड-4 की पिंकी देवी शर्मा की योग्यता भी 8वीं पास दर्ज है. नई पीढ़ी के विजेताओं में भी उच्च शिक्षा दिखाई देती है. 21 साल की पलक यादव ग्रेजुएट, 22 साल की सुमन मरेठा ग्रेजुएट और 22 साल के मानवेन्द्र सिंह शेखावत भी ग्रेजुएट हैं. वहीं 29 वर्षीय सूरज गोड़ीवाल पोस्ट ग्रेजुएट हैं. हालांकि 21 वर्षीय फैज हसन की योग्यता सेकेंडरी दर्ज है. यानी सबसे युवा चेहरों में भी शिक्षा का स्तर एक जैसा नहीं है.
पांच साल बाद रिपोर्ट कार्ड बताएगा क्लास कितनी पास
बहरहाल, तो जयपुर की नई शहर सरकार में इस बार सियासत की जमीन भी है और डिग्रियों का दम भी. कोई डॉक्टरेट है, कोई प्रोफेशनल डिग्रीधारी तो कोई 8वीं पास होकर जनता का भरोसा जीतकर सदन तक पहुंचा है. अब असली परीक्षा डिग्री की नहीं, डिलीवरी की होगी. क्योंकि शहर की जनता पार्षदों की मार्कशीट नहीं, अपने वार्ड में साफ सड़क, साफ नाली और साफ नतीजे देखना चाहेगी. यानी पढ़ाई का रिपोर्ट कार्ड सामने है. अब पांच साल बाद काम का रिपोर्ट कार्ड बताएगा कि शहर सरकार की यह ‘क्लास’ कितनी पास हुई.