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तर्जनी नहीं, मध्यमा पर लगेगी स्याही: राजस्थान की 10 सीटों पर रीपोलिंग के लिए चुनाव आयोग का खास नियम

Rajasthan Nikay Chunav Re-polling: राजस्थान निकाय चुनाव में जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत के 10 बूथों पर आज सुबह 7 से शाम 6 बजे तक पुनर्मतदान होगा. EVM में तकनीकी खराबी के बाद री-पोल का फैसला लिया गया. 17 सितंबर सुबह 8 बजे मतगणना होगी.

तर्जनी नहीं, मध्यमा पर लगेगी स्याही: राजस्थान की 10 सीटों पर रीपोलिंग के लिए चुनाव आयोग का खास नियम
Image Credit: राजस्थान निकाय चुनाव री-पोलिंग.

Rajasthan Nikay Chunav Re-polling: राजस्थान निकाय चुनाव से जुड़ा अहम अपडेट सामने आया है. जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत के कुल 10 मतदान केंद्रों पर आज फिर से वोट डाले जाएंगे. मतगणना के दौरान EVM में तकनीकी खराबी सामने आने के बाद इन बूथों पर पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया गया. चारों निकायों में री-पोल की प्रक्रिया सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी.

जयपुर के 5 बूथों पर होगा पुनर्मतदान
जयपुर नगर निगम के चार वार्डों के पांच बूथों पर दोबारा मतदान कराया जाएगा. वार्ड-9 के बूथ संख्या 111 और वार्ड-18 के बूथ संख्या 235 पर मतदाता फिर से अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इसके अलावा वार्ड-25 के बूथ संख्या 343 पर भी पुनर्मतदान होगा. वार्ड-34 के बूथ संख्या 477 और 484 पर भी री-पोल कराया जा रहा है.

जोधपुर, कोटा और सुकेत में भी री-पोल
जोधपुर में वार्ड-50 के बूथ संख्या 338 पर दोबारा वोटिंग होगी. वहीं कोटा के तीन वार्डों के तीन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जाएगा. इनमें वार्ड-87 का बूथ संख्या 99, वार्ड-44 का बूथ संख्या 448 और वार्ड-11 का बूथ संख्या 576 शामिल हैं.

सुकेत नगरपालिका के वार्ड-4 के बूथ संख्या 5 पर भी मतदाता दोबारा मतदान करेंगे. इस तरह चारों निकायों के कुल 10 मतदान केंद्रों पर आज पुनर्मतदान पूरा कराया जाएगा.

री-पोल के बाद 17 सितंबर को होगी मतगणना
पुनर्मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 17 सितंबर को सुबह 8 बजे मतगणना होगी. प्रशासन की ओर से संबंधित मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान के लिए व्यवस्था की गई है. री-पोल में केवल उसी मतदान केंद्र के अधिकृत मतदाता ही वोट डाल सकेंगे.

पहले लगी स्याही से नहीं रुकेगा दोबारा मतदान
पुनर्मतदान को लेकर मतदाताओं के मन में यह सवाल भी रहता है कि पहले मतदान के दौरान लगाई गई अमिट स्याही के बाद दोबारा वोट डालने पर पहचान कैसे की जाएगी. नियमों के अनुसार, री-पोल की स्थिति में स्याही लगाने के लिए अगली उंगली का इस्तेमाल किया जाता है.

पहले मतदान में मतदाता के बाएं हाथ की तर्जनी यानी पहली उंगली पर अमिट स्याही लगाई जाती है. चूंकि पुनर्मतदान के समय तर्जनी पर पहले से स्याही का निशान मौजूद होता है, इसलिए इस बार बाएं हाथ की मध्यमा यानी दूसरी उंगली पर अमिट स्याही लगाई जाएगी.

चुनाव आयोग के नियमों में तय है स्याही लगाने का क्रम
मतदान के दौरान फर्जी वोटिंग रोकने और मतदाता की पहचान सुनिश्चित करने के लिए अमिट स्याही का इस्तेमाल किया जाता है. सामान्य मतदान में सबसे पहले बाएं हाथ की तर्जनी पर स्याही लगती है. यदि किसी मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान होता है और तर्जनी पर पहले से निशान मौजूद है, तो स्याही बाएं हाथ की मध्यमा उंगली पर लगाई जाती है.

यदि किसी कारण से तर्जनी और मध्यमा दोनों पर पहले से निशान हों, तो इसके बाद अनामिका और अंत में कनिष्ठा उंगली पर स्याही लगाने का प्रावधान है. इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पहले मतदान कर चुके मतदाता की पहचान साफ रहे और एक ही व्यक्ति द्वारा दोबारा गलत तरीके से मतदान की संभावना को रोका जा सके.
 

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About the Author

Sandhya Yadav

Sandhya Yadav

लखनऊ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने वाली संध्या ने Zee News से पहले Newstrack और ETV Bharat जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. जमीनी खबरों की गहरी समझ रखने वाली संध्या ने राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट राजनीतिक संकट और कोविड-19 महामारी समेत कई बड़े और जटिल घटनाक्रमों की बेहतरीन कवरेज की है.आप संध्या यादव से सीधे SANDHYA.YADAV@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा राजस्थान की खबरों के रियल-टाइम अपडेट्स के लिए आप उनसे लिंक्डइन (https://in.linkedin.com/in/sandhya-yadav-5734ba144) पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.
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