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Ajmer Mayor Election: अजमेर नगर निगम मेयर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा की ओर से कांग्रेस उम्मीदवार किरण गढ़वाल के नामांकन पर लगाई गई आपत्ति को खारिज कर दिया गया है. नामांकन को लेकर दिनभर चले विवाद के बाद यह फैसला सामने आया. आपत्ति खारिज होने की जानकारी कांग्रेस के उपाध्यक्ष और एडवोकेट विवेक पाराशर ने दी. फैसला आने के बाद कांग्रेस खेमे में खुशी का माहौल है. वहीं, किरण गढ़वाल के पति दिनेश गढ़वाल ने निगम परिसर स्थित गणेश मंदिर में पहुंचकर धोक लगाई.
भाजपा ने किरण गढ़वाल के नामांकन पर जताई थी आपत्ति
अजमेर में मेयर पद के चुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से किरण गढ़वाल को प्रत्याशी बनाया गया है. नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा की मेयर प्रत्याशी अनामिका शर्मा ने किरण गढ़वाल के नामांकन पर आपत्ति दर्ज करवाई थी. भाजपा की ओर से मुख्य तौर पर निगम का बकाया नहीं चुकाने का मुद्दा उठाया गया था. इसी आधार पर उनके नामांकन की वैधता पर सवाल खड़े किए गए थे.
दिनभर चला नामांकन को लेकर विवाद
आपत्ति सामने आने के बाद नगर निगम में दिनभर इस मामले को लेकर हलचल रही. दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने तर्क रखे गए. भाजपा की ओर से किरण गढ़वाल के खिलाफ निगम का बकाया होने की बात कही गई, जबकि कांग्रेस की ओर से नामांकन को सही बताया गया. मामले में आपत्ति और उसके जवाब को लेकर काफी देर तक प्रक्रिया चली.
आखिरकार भाजपा की आपत्ति हुई खारिज
दिनभर चली प्रक्रिया के बाद भाजपा की ओर से लगाई गई आपत्ति को खारिज कर दिया गया. इसके साथ ही कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल के नामांकन को लेकर खड़ा हुआ विवाद भी फिलहाल खत्म हो गया. कांग्रेस उपाध्यक्ष विवेक पाराशर ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि भाजपा की आपत्ति निरस्त कर दी गई है. फैसला आने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी देखी गई.
पति दिनेश गढ़वाल ने गणेश मंदिर में लगाई धोक
आपत्ति खारिज होने की जानकारी सामने आने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल के पति दिनेश गढ़वाल निगम के गणेश मंदिर पहुंचे. यहां उन्होंने भगवान गणेश के दर्शन किए और धोक लगाई. नामांकन को लेकर दिनभर चले घटनाक्रम के बाद कांग्रेस खेमे में इसे राहत के तौर पर देखा गया.
अब चुनाव पर टिकी नजर
भाजपा की आपत्ति खारिज होने के बाद अब अजमेर नगर निगम के मेयर चुनाव की आगे की प्रक्रिया पर सभी की नजर है. नामांकन को लेकर पैदा हुआ विवाद फिलहाल खत्म हो गया है. दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के मैदान में रहने से अब चुनावी मुकाबला आगे बढ़ेगा.