)
Jodhpur News : चुनाव से ठीक पहले गिरफ्तारी की आशंका से जुड़ी याचिकाओं पर तत्काल न्यायिक राहत के लिए हाईकोर्ट ने रविवार को अपनी नियमित छुट्टी के बावजूद विशेष व्यवस्था की. महिला जज नूपुर भाटी की देर रात तक सुनवाई
रविवार देर रात हनुमानगढ़ से जुड़े मामले में नौ निर्वाचित पार्षदों की ओर से याचिका दाखिल की गई. मामले की तात्कालिकता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश डॉ.जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल के निर्देश पर डॉ.जस्टिस नूपुर भाटी की एकलपीठ का गठन किया गया. रात करीब 10 बजे के बाद सुनवाई शुरू हुई और करीब 11 बजे तक अदालत में कार्यवाही जारी रही. डॉ.जस्टिस नूपुर भाटी की ओर से देर रात तक सुनवाई किया जाना रविवार के पूरे न्यायिक घटनाक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा. संभवत महिला न्यायाधीश द्वारा इतनी देर रात तक हाईकोर्ट में सुनवाई किए जाने का यह असाधारण उदाहरण है.
सोमवार को निकाय चुनाव, इसलिए रविवार को खुला हाईकोर्ट
दरअसल,आज यानी कि सोमवार 21 सितंबर को प्रदेश की कई नगरीय निकायों में महापौर,सभापति और अध्यक्ष पद के चुनाव होने हैं. चुनाव से ठीक पहले कई निर्वाचित पार्षदों और प्रत्याशियों के खिलाफ दर्ज मामलों में गिरफ्तारी की आशंका सामने आई. ऐसे में संबंधित पक्षों ने तत्काल न्यायिक संरक्षण के लिए रविवार को ही हाईकोर्ट का रुख किया. मामलों की तात्कालिकता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश डॉ.जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल के निर्देश पर रविवार को विशेष सुनवाई के लिए अलग-अलग एकलपीठों का गठन किया गया. इसका उद्देश्य उन मामलों की सुनवाई करना था,जिनमें आज को होने वाले चुनावों से पहले तत्काल न्यायिक आदेश की आवश्यकता थी.
हनुमानगढ़ के नौ पार्षदों ने मांगी सुरक्षा
डॉ.जस्टिस नूपुर भाटी की पीठ के सामने हनुमानगढ़ नगर परिषद के पार्षद सुमित कुमार सहित नौ पार्षदों की याचिका पहुंची. पार्षदों की ओर से पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए तत्काल राहत की मांग की गई. अधिवक्ता कुणाल उपाध्याय के माध्यम से दायर याचिका में अदालत को बताया गया कि चेयरमैन पद की प्रत्याशी मंजू रिणवा को पहले ही हाईकोर्ट से राहत मिल चुकी ह. इसके बाद पार्षदों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की आशंका पैदा हुई. मामले की तात्कालिकता को देखते हुए रविवार रात ही विशेष पीठ का गठन किया गया.
कुचेरा के तेजपाल मिर्धा को भी मिली राहत
जस्टिस कुलदीप माथुर की पीठ ने कुचेरा नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष एवं निर्वाचित पार्षद तेजपाल मिर्धा से जुड़े मामले में राहत दी. मिर्धा 14 सितंबर को वार्ड 21 से चुनाव जीते थे और 16 सितंबर को चेयरमैन पद के लिए नामांकन दाखिल किया था. इसके बाद पुरानी शिकायत से संबंधित मामले में एसीबी की कार्रवाई हुई और गिरफ्तारी की आशंका को लेकर हाईकोर्ट में याचिका पेश की गई. कोर्ट ने मामले की तात्कालिकता को देखते हुए अंतरिम संरक्षण प्रदान किया,जिससे आज को होने वाली चुनाव प्रक्रिया में उनके भाग लेने का रास्ता बना रहा.
श्रीविजयनगर प्रत्याशी सुशील मीढा की गिरफ्तारी पर रोक
जस्टिस सुनील बेनीवाल की एकलपीठ ने श्रीविजयनगर नगरपालिका के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सुशील मीढा उर्फ बिट्टू मीढा को भी अंतरिम राहत दी. मीढा 14 सितंबर को पार्षद निर्वाचित हुए थे और 18 सितंबर को अध्यक्ष पद के प्रत्याशी बने. इसके अगले दिन उनके खिलाफ बीएनएस की धाराओं और एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी.याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मुक्तेश माहेश्वरी और अधिवक्ता प्रियंका बोराणा ने पैरवी की. कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए 7 अक्टूबर तक गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए अंतरिम संरक्षण प्रदान किया.
बीकानेर मामले में भी रात को विशेष सुनवाई
रविवार रात बीकानेर नगर निगम के वार्ड 18 से निर्वाचित मकसूद अहमद की याचिका पर भी विशेष सुनवाई हुई. रात करीब 10 बजे याचिका दाखिल होने के बाद जस्टिस सुनील बेनीवाल की एकलपीठ का गठन किया गया. सुनवाई के दौरान मकसूद अहमद को अंतरिम राहत देते हुए फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई. जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ सचिन आचार्य ने पैरवी की