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SBI और चतुर्थ श्रेणी भर्ती में सेलेक्शन की गारंटी का दावा: पूर्व सरपंच के WhatsApp मैसेज से उठे सवाल

झुंझुनूं के मलसीसर में पूर्व सरपंच विनोद प्रजापति के WhatsApp मैसेज से सरकारी नौकरी में चयन की गारंटी देने के दावे पर सवाल उठे रहे हैं. मैसेज में पटवारी, SBI और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती के अलावा सरकारी विभागों में संविदा पर नौकरी दिलाने का भी दावा किया गया.

Written By Aman Singh
Published: Oct 19, 2026, 03:00 PM IST | Updated: Oct 19, 2026, 03:11 PM IST
Image Credit: Zee Media
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पेपर लीक पर सख्त कानून और भर्ती परीक्षाओं में कड़ी निगरानी के दावों के बीच झुंझुनूं जिले के मलसीसर से सरकारी नौकरी में कथित सेटिंग का मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार, मलसीसर की हलचल नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप संचालित होता है. इस ग्रुप में मलसीसर के पूर्व सरपंच विनोद प्रजापति सरकारी नौकरियों में चयन की गारंटी देने और उनसे संपर्क करने वाले लोगों के चयन होने जैसे दावे कर रहे.

पटवारी भर्ती का रिजल्ट आते ही पूर्व सरपंच का दावा

व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किए गए संदेशों में SBI, पटवारी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती के अलावा सरकारी विभागों में संविदा पर नौकरी दिलाने की बात भी सामने आई है. इन मैसेजों के अनुसार, पटवारी भर्ती का परिणाम जारी होने के बाद पूर्व सरपंच विनोद प्रजापति ने ग्रुप में दावा किया कि जिन लोगों ने उनसे संपर्क किया था, उन सभी का चयन हो गया.  

SBI और चतुर्थ श्रेणी भर्ती में चयन की गारंटी के दावे

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती को लेकर भी विनोद प्रजापति ने संपर्क करने वाले अभ्यर्थियों के चयन की उम्मीद जताई थी. वहीं SBI भर्ती के संबंध में उन्होंने 'गारंटी से सेलेक्शन' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट करके लोगों से संपर्क करने को कहा. सबसे ज्यादा सवाल उस संदेश को लेकर उठ रहे हैं, जिसमें जयपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर और अलवर समेत कई शहरों के सरकारी विभागों और नगरपालिकाओं में संविदा पर नौकरी दिलाने का दावा किया गया था.

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'मलाईदार महकमे' और 'सही कीमत' जैसे शब्दों से उठे सवाल

संदेशों में 'मलाईदार महकमे' और 'सही कीमत' जैसे शब्दों का उल्लेख होने की बात सामने आई है. इस मामले में विनोद प्रजापति ने कहा कि पहले वे बच्चों को परीक्षाओं की तैयारी करवाते थे और उन्हें पढ़ाई से जुड़े टिप्स देते थे हालांकि, अब बाहर रहने के कारण उनके पास समय नहीं है. उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर केवल प्रचार किया था.

बताया जा रहा है कि नगर निकाय चुनावों की घोषणा होने के बाद व्हाट्सएप ग्रुप से ऐसे संदेश हटा दिए गए. हालांकि, इन मैसेज के आधार पर सरकारी भर्ती में किसी तरह की गड़बड़ी या लेन-देन की पुष्टि नहीं होती. इसके बावजूद चयन की गारंटी देने, संपर्क करने वालों के चयन के दावे करने और 'सही कीमत' जैसे शब्दों के इस्तेमाल से कई सवाल खड़े हो रहे हैं.

अब यह जांच का विषय है कि ये संदेश केवल प्रचार के उद्देश्य से साझा किए गए थे या इनके पीछे किसी तरह के लेन-देन अथवा भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास था. मामले में किसी आधिकारिक जांच या कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है. 

Reporter- Sandeep Kedia

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जून 2023 से ज़ी राजस्थान के साथ कार्यरत अमन लगातार अपनी क्रिएटिविटी और प्रोफेशनल स्किल्स के जरिए पाठकों तक तेज, सटीक और भरोसेमंद खबरें पहुंचा रहे हैं. वे उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं, अमन ने जौनपुर से ही अपनी इंटरमीडिएट तक की शिक्षा पूरी की. इसके बाद उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. डिजिटल पत्रकारिता में गहरी समझ, तेज खबर पकड़ने की क्षमता के कारण अमन सिंह एक उभरते हुए और भरोसेमंद मीडिया प्रोफेशनल के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं.
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