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पंचायत चुनाव से पहले एकजुट कांग्रेस, पायलट बोले- निकाय चुनाव में बीजेपी जीत कर भी हार गयी

Rajasthan : राजस्थान में आगामी पंचायत राज चुनावों की घोषणा से पहले कांग्रेस ने अपने संगठन को चुस्त-दुरुस्त और एकजुट करने की कवायद तेज कर दी है. जयपुर में कांग्रेस वॉर रूम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक बेहद अहम बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत,सचिन पायलट,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा,नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली,डॉ.सीपी जोशी,हरीश चौधरी और भंवर जितेंद्र सिंह समेत लगभग 20 वरिष्ठ नेता ने हिस्सा लिया.

पंचायत चुनाव से पहले एकजुट कांग्रेस, पायलट बोले- निकाय चुनाव में बीजेपी जीत कर भी हार गयी
Image Credit: Congress War Room Jaipur MEETING

Rajasthan : राजस्थान में हाल ही में हुए नगर निकाय चुनावों के दौरान सामने आई गुटबाजी,बगावत और क्रॉस वोटिंग की खबरों के बीच, इस बैठक में खासतौर पर पंचायत चुनाव की रणनीति,बूथ और मंडल स्तर पर संगठन की सक्रियता, युवाओं को ज्यादा टिकट देने और उम्मीदवारों के चयन को लेकर बातचीत की गयी.

पूर्व मुख्यमंत्री,अशोक गहलोत ने एकजुटता के सवाल पर गहलोत ने तंज कसते हुए कहा, आप मुझसे पूछते हैं, कि कांग्रेस में एकता है या नहीं ? आज आपने देख ली,सब एकता है. अगली बार फिर से कांग्रेस की सरकार बनेगी और इसे कोई रोक नहीं सकता.

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वहीं सचिन पायलट ने निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि, बीजेपी जीतकर भी हार गई और हम हारकर भी जीत गए.देश में लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की स्थिति चिंताजनक है. पहले नोटबंदी हुई और अब वोटबंदी की जा रही है. 250-300 सांसदों को चुनाव आयोग से मिलने नहीं दिया गया. पंचायत चुनाव में ग्रामीण क्षेत्र कांग्रेस का मजबूत आधार हैं और हम भारी बहुमत से रिकॉर्ड बनाएंगे.

पीसीसी चीफ, गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सीएमओ में बैठकर संभावित कांग्रेस प्रत्याशियों को फोन पर धमकियां दी जा रही हैं कि चुनाव लड़ना उनके और परिवार के हित में नहीं होग. हम तानाशाही के आगे नहीं झुकेंगे. राहुल गांधी के वोट चोरी विरोधी अभियान को पंचायत चुनाव से जोड़ा जाएगा और निकाय चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचाने वालों और क्रॉस वोटिंग करने वालों पर सख्त होगी.

वहीं कांग्रेस में अनुशासन समिति, उदयलाल आंजना ने पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह को नोटिस जारी करने पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा,कि "अनुशासन समिति को अभी तक विश्वेंद्र सिंह की तरफ से कोई लिखित जवाब नहीं मिला है. मीडिया के जरिए ही पता चला है कि उन्होंने जवाब देने से इनकार किया है. 7 दिन की समय सीमा दी गई थी, अगर आधिकारिक जवाब नहीं आता है, तो नोटिस के प्रावधानों के मुताबिक आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
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हालिया निकाय चुनावों में मिली हार और बगावत की शिकायतों के बाद कांग्रेस के लिए पंचायत चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल है. ग्रामीण राजस्थान पारंपरिक रूप से कांग्रेस का मजबूत गढ़ अभी तक माना जाता रहा है. ऐसे में वॉर रूम की इस बैठक के जरिए शीर्ष नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को ये संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी पूरी तरह से एकजुट है. हालांकि, असली परीक्षा चुनावी मैदान में टिकट वितरण के समय स्थानीय गुटबाजी को संभालने की होगी.

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Pragati Pant Awasthi

Pragati Pant Awasthi

मीडिया की दुनिया में 18 साल का सफर... एंकरिंग से लेकर डिजिटल की स्क्रीन तक, हर नया बदलाव दिल से अपनाया, जो सोचती हूं, वही कहती हूं, बातों को घुमाना मेरी आदत नहीं, दिल की बात जुबां पर रखना पहचान है. फिलहाल 'ज़ी राजस्थान डिजिटल' के साथ सफर जारी है और हर दिन कुछ नया सीखने की ललक बरकरार है और रहेगी. Pragati.Pant@india.com ईमेल के जरिए आप संपर्क कर सकते हैं.
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