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Rajasthan Local Body Elections: राजस्थान में होने वाले निकाय चुनाव को लेकर बीजेपी बुधवार को अपना प्रदेश स्तरीय संकल्प पत्र जारी करने जा रही है. पार्टी ने इसे चुनावी घोषणा पत्र के बजाय संकल्प पत्र का नाम दिया है और इसके वादों को जनता के सामने विकास की गारंटी के रूप में पेश करने की तैयारी है. प्रदेश स्तर पर संकल्प पत्र जारी होने के बाद अलग-अलग शहरी निकायों के लिए स्थानीय स्तर पर भी घोषणा पत्र जारी किए जाएंगे.
स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया संकल्प पत्र
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के मुताबिक पार्टी ने शहरी निकायों की जरूरतों को समझने के लिए सर्वे कराया है. इसके साथ ही संकल्प पत्र तैयार करने के लिए समिति बनाई गई और निकाय प्रमुखों से भी बातचीत की गई. इस दौरान स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं और आने वाले पांच साल में किए जा सकने वाले कामों की जानकारी जुटाई गई. राठौड़ का कहना है कि इन्हीं सुझावों और जरूरतों को संकल्प पत्र में शामिल किया गया है. उन्होंने कहा कि पार्टी सत्ता में आने के बाद इन वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी.
पीएम मोदी और सीएम भजनलाल की गारंटी से जोड़ा
मदन राठौड़ ने बीजेपी के संकल्प पत्र को पार्टी की गारंटी बताया. उन्होंने कहा कि इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की गारंटी या बीजेपी की गारंटी के तौर पर देखा जा सकता है. पार्टी का दावा है कि संकल्प पत्र में शामिल कामों को अगले पांच साल में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा.
कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना
बीजेपी के दावों पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पलटवार किया है. उन्होंने मदन राठौड़ के बयान को सरकार की नाकामियों से ध्यान हटाने की कोशिश बताया. जूली ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के करीब तीन साल के कार्यकाल में प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ा है और जनता सरकार के कामकाज से परेशान है. उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि निकाय चुनाव से पहले किए जा रहे वादे जमीनी हकीकत से अलग हैं. कांग्रेस नेता ने सरकार को उसके कामकाज के मुद्दे पर घेरने की कोशिश की.
स्थानीय मुद्दों पर रहेगा चुनावी फोकस
निकाय चुनाव में शहरों की सड़क, सफाई, पेयजल, यातायात, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और अन्य स्थानीय सुविधाएं अहम मुद्दे बन सकती हैं. ऐसे में बीजेपी के संकल्प पत्र में शहरी क्षेत्रों से जुड़े किन मुद्दों को प्राथमिकता दी जाती है, इस पर सभी की नजर रहेगी. प्रदेश स्तरीय संकल्प पत्र के बाद स्थानीय निकायों के लिए अलग घोषणाएं सामने आने से चुनावी तस्वीर और साफ होगी. अब बीजेपी के वादों के जवाब में कांग्रेस किस तरह का चुनावी एजेंडा जनता के सामने रखती है, इस पर भी नजर रहेगी.