भाषा चुनें
  • Hindi
  • English
  • Marathi
  • Bengali
  • Tamil
  • Malayalam
  • Gujarati
  • Telugu
  • Kannada
  • Odisha
  • Z Bharat
  • ZEE PHH
  • ZEE Business
  • WION
राज्य चुनें
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • मध्य प्रदेश
  • छत्‍तीसगढ़
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • बिहार
  • झारखण्ड
  • राजस्‍थान
  • हिमाचल प्रदेश
  • हिन्दीEnglishमराठीবাংলাதமிழ்മലയാളംગુજરાતીతెలుగుಕನ್ನಡଓଡ଼ିଶାZ BharatPHHBusinessWION
  • facebookyoutubetwitterlinkedinwhatsapp
Zee News Hindi
App
Zee News Hindi
  • News
  • वीडियो
  • फोटोज़
  • रील्स
  • लाइव ब्लॉग
  • राज्य चुनें

Add Zee Business As A Preferred Source
App
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • LIVE टीवी
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • ज़ी न्यूज़ हिंदी
  • /राजस्थान
  • /रोजाना 1 लाख और 3% कमीशन का लालच: जानिए कैसे शातिर अपराधियों ने बैंक खातों को बनाया ठगी का हथियार

रोजाना 1 लाख और 3% कमीशन का लालच: जानिए कैसे शातिर अपराधियों ने बैंक खातों को बनाया ठगी का हथियार

Baran News: बारां में ट्रेडिंग एप के जरिए 92.75 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में डॉक्टर, कंप्यूटर इंजीनियर और फिजियोथेरेपिस्ट समेत 4 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं. कमीशन के लालच में बैंक खाते उपलब्ध कराने का नेटवर्क सामने आया. अब तक 10 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.

Written BySandhya Yadav
Published: Oct 02, 2026, 07:47 AM IST|Updated: Oct 02, 2026, 07:50 AM IST
joinshare
रोजाना 1 लाख और 3% कमीशन का लालच: जानिए कैसे शातिर अपराधियों ने बैंक खातों को बनाया ठगी का हथियार
Image Credit: डॉक्टर, इंजीनियर और फिजियोथेरेपिस्ट गिरफ्तार.

About the Author

Sandhya Yadav

Sandhya Yadav

लखनऊ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने वाली संध्या ने Zee News से पहले Newstrack और ETV Bharat जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. जमीनी खबरों की गहरी समझ रखने वाली संध्या ने राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट राजनीतिक संकट और कोविड-19 महामारी समेत कई बड़े और जटिल घटनाक्रमों की बेहतरीन कवरेज की है.आप संध्या यादव से सीधे SANDHYA.YADAV@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा राजस्थान की खबरों के रियल-टाइम अपडेट्स के लिए आप उनसे लिंक्डइन (https://in.linkedin.com/in/sandhya-yadav-5734ba144) पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.
Read More

ट्रेंडिंग

  • न्यूज़
  • फोटो
  • वीडियो
हरियाणा में धान के गेट पास नहीं कटे तो भड़के किसान, करनाल-कैथल रोड किया जाम

हरियाणा में धान के गेट पास नहीं कटे तो भड़के किसान, करनाल-कैथल रोड किया जाम

2

अतीक अहमद के अवैध साम्राज्य पर फिर चला पुलिस का डंडा; मदनलाल के नाम दर्ज 30 करोड़ की 14 बेनामी संपत्तियां कुर्क

3

जान से खिलवाड़? घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिली 108 एंबुलेंस, मालवाहक में ऑक्सीजन सिलेंडर बांधकर मरीज पहुंचे अस्पताल

4

'मौत को छूकर टक से वापस आ गया': UK में तूफान बोएलो का खौफनाक मंजर; प्लेन की ऐसी लैंडिंग देख कांप उठी रूह

5

Bhava Brihaspati: जानिए उस महान आचार्य की कहानी, जिन्होंने सोमनाथ मंदिर को बनाया था अमर

logo
  • contact us
  • privacy policy
  • legal
  • investor info
  • advertise with us
© 1998-2026 Indiadotcom Digital Private Limited, All Rights Reserved.

Baran News: बारां के व्यापारी विष्णु गालव से 92.75 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने डॉक्टर, कंप्यूटर इंजीनियर और फिजियोथेरेपिस्ट समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए कमीशन के लालच में बैंक खाते उपलब्ध करवाए जा रहे थे. इस मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर 92.75 लाख ठगे
बारां निवासी विष्णु गालव से एक महिला ने मैसेंजर एप के जरिए संपर्क किया था. महिला ने ट्रेडिंग एप में निवेश करने पर मोटा मुनाफा मिलने का झांसा दिया. शुरुआत में एप पर 54 हजार रुपये का लाभ दिखाकर विष्णु का भरोसा जीता गया. इसके बाद विष्णु और उनकी पत्नी संगीता के बैंक खातों से अलग-अलग खातों में कुल 92.75 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए.

एप पर निवेश की रकम डॉलर में बढ़ती हुई दिखाई जाती रही. जब विष्णु ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो पैसा नहीं निकला. इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और 20 दिसंबर 2025 को मामला दर्ज कराया गया.

17.51 लाख रुपये एक फर्म के खाते में पहुंचे
एसपी अभिषेक अंदासु के अनुसार, पीड़ित की 17.51 लाख रुपये की रकम आरोपी की फर्म के बंधन बैंक खाते में पहुंची थी. जांच में पता चला कि इस खाते में महज 10 से 15 दिन के दौरान साइबर ठगी से जुड़ा 3 से 4 करोड़ रुपये तक का लेनदेन हुआ.

पुलिस ने अहमदाबाद में आर्य केमिकल्स नाम से फर्म चलाने वाले फिजियोथेरेपिस्ट राज अतुल भाई पडसाला को गिरफ्तार किया. नवंबर 2025 में उसकी मुलाकात कंप्यूटर इंजीनियर याज्ञनिक अशोक भाई रमाणी से हुई थी.

2 से 3 फीसदी कमीशन और रोजाना एक लाख का लालच
जांच के मुताबिक, याज्ञनिक ने राज को बैंक खाता किराए पर देने के बदले खाते में आने वाली रकम का 2 से 3 प्रतिशत कमीशन और एक लाख रुपये प्रतिदिन देने का लालच दिया. इसके बाद राज ने अपनी फर्म का एटीएम, चेकबुक, बैंक डायरी और खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर याज्ञनिक को दे दिया.

बाद में याज्ञनिक ने यह बैंक खाता राजकोट निवासी डॉ. जयदीप कुमार आदरेशणा और लक्ष्मण जयंतीलाल वाघेला को उपलब्ध करवाया. याज्ञनिक और लक्ष्मण बैंक किट लेकर फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे. इसके बाद वे उत्तराखंड के रुद्रपुर गए और वहां से नेपाल बॉर्डर पार कर धनगढ़ी और काठमांडू पहुंचे.

नेपाल में साइबर ठगी गिरोह के सरगना से मुलाकात
पुलिस के अनुसार, नेपाल में दोनों की मुलाकात साइबर ठगी गिरोह के सरगना से हुई. आरोपियों ने बैंक खाता और मोबाइल सिम उसे उपयोग के लिए सौंप दिया. इसके बाद इनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने में किया गया. पुलिस ने डॉ. जयदीप कुमार, लक्ष्मण जयंतीलाल वाघेला, राज अतुल भाई पडसाला और याज्ञनिक अशोकभाई रमाणी को गिरफ्तार किया है.

पहले भी हो चुकी है कई आरोपियों की गिरफ्तारी
इस मामले में जनवरी 2026 में मध्यप्रदेश से राजेश कुमार कुशवाहा को गिरफ्तार किया गया था. उसके बैंक खाते में 15.20 लाख रुपये पहुंचे थे. मध्यप्रदेश की आरोपित शैक्षणिक उद्यान समिति के खाते में भी पीड़ित की 10 लाख रुपये की रकम जमा हुई थी.

इसके बाद मार्च में मोहम्मद जिशान, विकास तिवारी और चार्ल्स रोड्रिक को गिरफ्तार किया गया. वहीं अभिषेक अनिल नारकर उर्फ गोसात, मोहम्मद रशेद फकीर और मोहम्मद बलोच उर्फ लक्की को अगस्त में प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया.

20 लाख रुपये होल्ड, 10 लाख पीड़ित को वापस
पुलिस की कार्रवाई में अब तक 20 लाख रुपये होल्ड करवाए गए हैं. वहीं 10 लाख रुपये पीड़ित को वापस करवाए जा चुके हैं. मामले की जांच में साइबर ठगी की रकम के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल करने वाले नेटवर्क की परतें सामने आई हैं. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन की भी जांच कर रही है.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:
Baran News