)
राजस्थान के गांवों में एक बार फिर सियासी चौसर बिछ चुकी है. कहीं प्रतिष्ठा दांव पर है, तो कहीं गांव की राजनीति में अपना दबदबा कायम रखने की जंग... तीसरे चरण के चुनाव के लिए 27 जिलों में पोलिंग पार्टियों ने मतदान केंद्रों पर मोर्चा संभाल लिया है. अब मंगलवार को 1 करोड़ 6 लाख से ज्यादा मतदाता अपने वोट की ताकत दिखाएंगे और जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 9 हजार 94 प्रत्याशियों की सियासी किस्मत EVM में कैद करेंगे.
दिलचस्प बात ये है कि गांव की राजनीति में एक-एक सीट पर औसतन तीन से चार दावेदार ताल ठोक रहे हैं. जयपुर की पांच पंचायत समितियों में भी चुनावी घमासान है. यहां 3 लाख 74 हजार से ज्यादा मतदाता 264 प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य तय करेंगे. प्रदेशभर में 11 हजार 869 मतदान केंद्रों पर लोकतंत्र का उत्सव सजेगा.
प्रदेश में गांव की सरकार चुनने के लिए तीसरे चरण का चुनावी रण सज चुका है. मंगलवार को प्रदेश के 27 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान होगा. सोमवार को अंतिम प्रशिक्षण और चुनाव सामग्री प्राप्त करने के बाद पोलिंग पार्टियां अपने निर्धारित मतदान केंद्रों पर पहुंच गईं और चुनावी व्यवस्थाओं की कमान संभाल ली. इसके साथ ही मतदान केंद्रों पर चुनावी हलचल तेज हो गई है.
तीसरे चरण में 1 करोड़ 6 लाख 81 हजार 567 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे. तीसरे चरण में जिला परिषद के 377 वार्डों के लिए 1,305 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं पंचायत समितियों के 2,119 वार्डों में 7,789 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है. प्रदेश की 116 पंचायत समितियों में चुनाव होगा. इन क्षेत्रों में 3,716 ग्राम पंचायतें और 34,218 ग्राम पंचायत वार्ड शामिल हैं. मतदान के लिए कुल 11,869 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं.
पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण में मतदाताओं की संख्या के लिहाज से हनुमानगढ़ और दौसा बड़े चुनावी जिलों में शामिल हैं. हनुमानगढ़ में 7 लाख 32 हजार 80 मतदाता हैं, जबकि दौसा में 6 लाख 55 हजार 698 मतदाता मतदान कर सकेंगे. चूरू में 6 लाख 21 हजार 889 मतदाता हैं. प्रदेश में इस चरण के तहत 55 लाख 48 हजार 472 पुरुष, 51 लाख 33 हजार 51 महिला और 44 थर्ड जेंडर मतदाता हैं.
तीसरे चरण में जिला परिषद की 377 सीटों पर 1,305 प्रत्याशी मैदान में हैं. इस हिसाब से जिला परिषद की प्रत्येक सीट पर औसतन 4 प्रत्याशी हैं. वहीं पंचायत समिति की 2,119 सीटों पर 7,789 प्रत्याशी होने से प्रत्येक सीट पर औसतन 4 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है. जयपुर जिले की बात करें तो तीसरे चरण के तहत चाकसू, कोटखावदा, माधोराजपुरा, फागी और सांगानेर पंचायत समितियों में मतदान होगा.
यहां जिला परिषद के 11 वार्डों में 32 प्रत्याशी और पंचायत समिति के 77 वार्डों में 232 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. यानी कुल 264 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा. जिले की इन पांच पंचायत समितियों में 3 लाख 74 हजार 816 मतदाता हैं. मतदान के लिए 442 बूथ बनाए गए हैं. जिले की 133 ग्राम पंचायतों के 1,183 वार्ड इस चरण में शामिल हैं.
तीसरे चरण में बालोतरा, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, डीडवाना-कुचामन, डीग, धौलपुर, गंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, जालोर, झुंझुनू, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर, सलूंबर, सीकर, टोंक और उदयपुर जिलों में मतदान होगा.
बहरहाल, गांव की चौपालों से लेकर मतदान केंद्रों तक अब चुनावी सरगर्मियां चरम पर हैं. प्रत्याशियों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन आखिरी फैसला मतदाता की उंगली और EVM के बटन से ही होगा. कहीं सियासी दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है, तो कहीं नए चेहरों को गांव की राजनीति में अपनी जगह बनाने की उम्मीद है. अब मंगलवार को वोट की चोट से तय होगा कि किसके सियासी अरमान पूरे होंगे और किसकी उम्मीदों पर पानी फिरेगा. फिलहाल 27 जिलों में चुनावी बिसात बिछ चुकी है और अब बारी मतदाताओं की है, जो तय करेंगे कि गांव की सत्ता में किसका सिक्का चलेगा.