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मोकामा विधायक अनंत सिंह को बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने नोटिस भेजा है. स्पीकर ने नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही अनंत सिंह को 7 दिनों के अंदर अपना जवाब देना होगा. स्पीकर ने 30 अक्टूबर, शुक्रवार को अनंत सिंह को नोटिस भेजा था. जदयू ने विधानसभा स्पीकर से अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की थी. जदयू ने पार्टी विरोधी गतिविधियों की शिकायत और सदस्यता रद्द करने को लेकर पत्र और सबूत दिया गया था.
ध्यान दीजिएगा कि जनता दल यूनाइटेड ने मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह को पार्टी से 6 साल के लिए निकाल दिया है. अनंत सिंह पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है. उन पर पटना ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र से जदयू के उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध करने का आरोप है. वहीं, अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को भी जदयू की प्राइमरी मेंबरशिप से निकाल दिया गया है.
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने एक लेटर जारी कर अनंत सिंह को पार्टी की प्राइमरी मेंबरशिप से निकाल दिया गया है. यह लेटर नीरज कुमार के उस बयान के कुछ घंटे बाद आया था, जिसमें उन्होंने चुनाव में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह की मदद की थी. जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने अपने लेटर में कहा था कि अनंत सिंह बार-बार पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन कर रहे थे और टॉप लीडरशिप के खिलाफ गलत और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे.
बता दें कि जदयू से बाहर निकाले जाने के बाद अनंत सिंह पर कानूनी शिकंजा भी कसता जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को दुलारचंद यादव मर्डर केस में सरेंडर करने को कहा है. वहीं, उनकी पत्नी नीलम देवी से बिहार सरकार ने राज्य मंत्री का दर्जा वापस ले लिया.
बिहार सरकार और सख्त होते हुए मोकामा विधायक अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को पटना में सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस भेजा. इसके बाद पटना का सरकारी आवास को अब धीरे-धीरे खाली होने लगा है. अनंत सिंह ने कहा कि सरकार के नोटिस का पालन करेंगे.
रिपोर्ट: रजनीश