SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

नीमराना से UP तक 40 घंटे का ऑपरेशन: 350 कैमरों की फुटेज से बच्चे तक पहुंची पुलिस

नीमराना में मासूम के अपहरण के बाद पुलिस ने 40 घंटे तक अभियान चलाया. 8 टीमों ने करीब 350 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और सुराग जुटाते हुए उत्तर प्रदेश से बच्चे को सकुशल बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया. अब पुलिस अपहरण की वजह और आरोपी की मंशा की जांच कर रही है.

Written By Ansh Raj
Published: Oct 22, 2026, 06:27 AM IST | Updated: Oct 22, 2026, 09:12 AM IST
Image Credit: Neemrana child kidnapping case
Join

राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना में घर के बाहर खेल रहे मासूम किशना के अपहरण के मामले में पुलिस ने करीब 40 घंटे की तलाश के बाद उसे उत्तर प्रदेश से सकुशल बरामद कर लिया. पुलिस ने आरोपी को भी गिरफ्तार किया है. शुरुआती जानकारी में बच्चे की नरबलि दिए जाने की आशंका सामने आई है. हालांकि, अपहरण के पीछे की असली वजह और आरोपी की मंशा का अभी खुलासा नहीं हुआ है.

घर के बाहर खेल रहा था किशना, बाइक सवार युवक पर अपहरण का आरोप
जानकारी के अनुसार, किशना पुत्र अनिल अपने घर के बाहर खेल रहा था. इसी दौरान एक बाइक सवार युवक पर उसे अगवा करने का आरोप है. घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया और पुलिस को सूचना दी गई. बच्चे के पिता अनिल मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं और पिछले करीब 10 साल से नीमराना में रहकर पानी-पताशे का काम कर रहे हैं. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी उत्तर प्रदेश का रहने वाला है.

ये भी पढ़ें- सुबह घर का गेट खुला तो उड़ गए होश: अंदर मिले पति-पत्नी के शव, आखिर झुंझुनूं में रात को क्या हुआ?
 

आठ टीमें गठित, 350 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली
कोटपूतली-बहरोड़ एसपी सतवीर सिंह के अनुसार, अपहरण की सूचना मिलते ही नीमराना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश खींची और डीएसपी कृष्ण यादव के नेतृत्व में आठ टीमें गठित की गईं. पुलिस टीमों ने दिन-रात तलाश की. घटनास्थल और आसपास के इलाकों के करीब 350 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई. संदिग्ध की गतिविधियों का पता लगाने के लिए अलग-अलग सुरागों पर काम किया गया. जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस राजस्थान से उत्तर प्रदेश तक पहुंची और बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया.

नरबलि की आशंका, आरोपी की मंशा का खुलासा बाकी
इस मामले में शुरुआती जानकारी में नरबलि की आशंका सामने आई है. हालांकि, कथित साजिश के पीछे क्या वजह थी और आरोपी ने बच्चे का अपहरण क्यों किया, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है.

बच्चे की बरामदगी के बाद पुलिस टीम का सम्मान
मासूम की सकुशल बरामदगी के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली. पुलिस की कार्रवाई के बाद आयोजित CLG बैठक में कस्बेवासियों ने पुलिस टीम का माला पहनाकर स्वागत किया. डीएसपी कृष्ण यादव ने कहा कि अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.


सतवीर सिंह, SP, कोटपूतली-बहरोड़ ने इस मामले का सनसनीखेज खुलासा करते हुए जानकारी दी कि, 18 अक्टूबर को नीमराना कस्बे से 22 माह के बच्चे का अपहरण हुआ था. पुलिस ने लगातार प्रयास करते हुए बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है. मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, डीएसपी और थानाधिकारी के नेतृत्व में आठ टीमें गठित की गई थीं. इन टीमों ने करीब 350 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और उनका गहन विश्लेषण किया. सुरागों का पीछा करते हुए पुलिस ने आरोपी को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के कोसीकलां थाना क्षेत्र से पकड़ा और बच्चे को सुरक्षित बरामद किया.

गिरफ्तार आरोपी विवेक कुमार बिहार के सासाराम का रहने वाला है. शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी ने पहले अजमेर के क्लॉक टावर थाना क्षेत्र से मोटरसाइकिल चुराई. इसके बाद वह शाहपुरा पहुंचा, जहां पेट्रोल खत्म होने पर उसने एक और मोटरसाइकिल चुराई. इसी मोटरसाइकिल से वह नीमराना पहुंचा और 18 अक्टूबर को शाम करीब 3:30 बजे बच्चे का अपहरण किया.

आरोपी के बैग से मेहंदी, रोली और त्रिशूल जैसी चीजें बरामद हुई हैं. इनके आधार पर प्रथम दृष्टया आशंका है कि बच्चे का अपहरण नरबलि के उद्देश्य से किया गया हो सकता है. आरोपी को एक मंदिर के पास पकड़ा गया था. हालांकि, इस आशंका और आरोपी की वास्तविक मंशा की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

बच्चा करीब 48 घंटे तक आरोपी के कब्जे में रहा. पुलिस ने हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित अलग-अलग राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया. आठ टीमों के संयुक्त प्रयास से बच्चे को सकुशल बरामद किया गया. इस मामले में फिलहाल एक ही आरोपी को पकड़ा गया है.

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि थानाधिकारी घटना के दिन से ही तलाश में जुटे थे और बच्चे की बरामदगी के बाद ही वापस लौटे. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन, बेहतर पर्यवेक्षण और टीम भावना से पुलिस को सफलता मिली.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES