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1050 टोकन बंटे, फिर भी क्यों नहीं माने नरेश मीणा? किसानों के साथ पेड़ के नीचे बिताई रात

बारां के छबड़ा में डीएपी खाद की किल्लत को लेकर किसानों का आंदोलन जारी रहा. 1050 टोकन बांटने के बाद भी अन्य किसानों को खाद दिलाने की मांग पर नरेश मीणा किसानों के साथ खेल मैदान में डटे रहे और पेड़ के नीचे रात बिताई.

Reported ByRam Mehta
Published: Oct 23, 2026, 11:06 AM IST|Updated: Oct 23, 2026, 11:15 AM IST
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1050 टोकन बंटे, फिर भी क्यों नहीं माने नरेश मीणा? किसानों के साथ पेड़ के नीचे बिताई रात
Image Credit: Naresh Meena

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Ram Mehta

Ram Mehta

ढाई दशकों से अधिक के अनुभव वाले वरिष्ठ पत्रकार राम मेहता जमीनी और तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. वर्ष 2000 में राजस्थान पत्रिका से पत्रकारिता की शुरुआत करने के बाद उन्होंने जन टीवी, समाचार प्लस, आजतक, इंडिया टीवी, एबीपी न्यूज़ सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. वर्तमान में वर्ष 2014 से ज़ी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड के ज़ी राजस्थान न्यूज़ में बारां जिले की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. राजनीति, शासन-प्रशासन और आदिवासी समाज के जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है. जमीनी पत्रकारिता, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहरी समझ उनकी पेशेवर पहचान का प्रमुख आधार है.
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बारां जिले के छबड़ा में डीएपी खाद की किल्लत को लेकर किसानों का आक्रोश दूसरे दिन भी जारी रहा. खाद नहीं मिलने से नाराज किसानों ने गुरुवार को स्टेट हाईवे-51 पर हंगामा करते हुए चक्काजाम किया था. इसके बाद किसान नेता नरेश मीणा किसानों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे और वहां धरने पर बैठ गए. धरने के दौरान 1,050 डीएपी टोकन बांटे गए, लेकिन अन्य किसानों को खाद दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहा.

1050 टोकन मिलने के बाद भी क्यों जारी रहा धरना?
गुरुवार को धरने के दौरान किसानों को डीएपी खाद के 1,050 टोकन दिए गए थे. इसके बावजूद कई अन्य किसानों को खाद दिलाने की मांग उठ रही थी. इसी मांग को लेकर नरेश मीणा ने किसानों के साथ खेल मैदान में ही डेरा डाल लिया. उन्होंने किसानों के साथ खुले आसमान के नीचे पेड़ के नीचे रात बिताई.

इस घटनाक्रम के बीच किसानों की मांग थी कि खाद की जरूरत वाले अन्य किसानों को भी डीएपी उपलब्ध कराया जाए. इसी वजह से टोकन वितरण के बाद भी धरना खत्म नहीं हुआ.

ये भी पढ़ें- टोल बचाने की नई 'तिकड़म'! जयपुर-दिल्ली हाईवे पर फ्री में फर्राटा भरने का ये कैसा जुगाड़?
 

शुक्रवार सुबह प्रशासन ने बांटे 900 टोकन
किसानों के धरने के बाद शुक्रवार सुबह प्रशासन हरकत में आया. खेल मैदान में पुलिस और कृषि विभाग की निगरानी में 900 किसानों को डीएपी खाद के टोकन वितरित किए गए. इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक किसान को दो कट्टे खाद मिलेंगे.

इस तरह शुक्रवार सुबह हुए वितरण में 900 किसानों को टोकन दिए गए. किसानों को अब इन टोकन के आधार पर निर्धारित स्थानों से खाद प्राप्त करनी होगी.

निजी दुकानों और सहकारी समिति से मिलेगी खाद
सहायक कृषि अधिकारी चौथमल मीणा के अनुसार, किसान टोकन के आधार पर निर्धारित निजी दुकानों और छबड़ा क्रय-विक्रय सहकारी समिति से डीएपी खाद प्राप्त कर सकेंगे. प्रशासन की ओर से अगले दो दिनों में अतिरिक्त खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है.

किसानों को खाद मिलने का इंतजार
छबड़ा में खाद की किल्लत को लेकर शुरू हुआ विरोध सड़क पर चक्काजाम से लेकर एसडीएम कार्यालय के धरने और खेल मैदान में रात बिताने तक पहुंच गया. 1,050 टोकन वितरण के बाद भी अन्य किसानों को खाद दिलाने की मांग पर नरेश मीणा और किसान मैदान में डटे रहे.

शुक्रवार को 900 और किसानों को टोकन दिए जाने के बाद अब किसानों को खाद मिलने का इंतजार है. प्रशासन ने अगले दो दिनों में अतिरिक्त खाद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है. ऐसे में यह देखना अहम होगा कि टोकन मिलने के बाद किसानों को खाद कितनी जल्दी मिल पाती है और अतिरिक्त आपूर्ति से खाद की किल्लत दूर करने में कितनी मदद मिलती है.
 

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