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टोल बचाने की नई 'तिकड़म'! जयपुर-दिल्ली हाईवे पर फ्री में फर्राटा भरने का ये कैसा जुगाड़?

जयपुर-दिल्ली हाईवे पर टोल बचाने के लिए कुछ वाहन चालक नंबर प्लेट ढंककर, बदलकर या क्लोन करके निकल रहे हैं. NHAI की शिकायत के बाद परिवहन विभाग ने जयपुर द्वितीय और अलवर RTO को ऐसे वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं.

टोल बचाने की नई 'तिकड़म'! जयपुर-दिल्ली हाईवे पर फ्री में फर्राटा भरने का ये कैसा जुगाड़?
Image Credit: Jaipur Delhi Highway

जयपुर-दिल्ली हाईवे पर टोल बचाने के लिए कुछ वाहन चालकों ने नया तरीका निकाल लिया है. कोई अपनी कार की नंबर प्लेट ढंककर निकल रहा है, तो कोई दूसरी गाड़ी का नंबर लगाकर टोल के कैमरों को धोखा देने की कोशिश कर रहा है. यह सब तब सामने आ रहा है, जब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने वाहन चालकों की सुविधा के लिए हाईवे के तीन टोल प्लाजा पर बैरियर हटाकर फ्री फ्लो सिस्टम शुरू किया है.

लागू हो चुकी है व्यवस्था 
जयपुर के दौलतपुरा और मनोहरपुर टोल प्लाजा के साथ शाहजहांपुर टोल पर भी यह व्यवस्था लागू हो चुकी है. अब वाहनों को टोल प्लाजा पर बैरियर के सामने रुकने की जरूरत नहीं है. लेकिन कुछ लोग इसी सुविधा का फायदा उठाकर टोल से बचने की कोशिश कर रहे हैं. अब NHAI की मांग के बाद पुलिस और परिवहन विभाग ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की तैयारी में हैं.


तीन टोल प्लाजा पर लागू है फ्री फ्लो सिस्टम
NHAI ने मनोहरपुर, शाहजहांपुर और दौलतपुरा टोल प्लाजा पर बैरियर रहित मल्टी-लेन फ्री फ्लो इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली शुरू की है. इस व्यवस्था में वाहनों की नंबर प्लेट पहचानने के लिए हाई-स्पीड ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है. हालांकि, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ और नंबर छिपाकर निकलने के मामले सामने आ रहे हैं. जयपुर परियोजना कार्यान्वयन इकाई के परियोजना निदेशक ने इस संबंध में परिवहन विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है.


कहीं नंबर बदला, कहीं प्लेट पर लगा दिया कवर
हाईवे पर नंबर प्लेट से छेड़छाड़ के अलग-अलग तरीके सामने आए हैं. इनमें दूसरी गाड़ी के नंबर का इस्तेमाल करना, नंबर प्लेट को ढंकना और एक ही नंबर की दो गाड़ियां चलाना शामिल है.


पहला मामला: नंबर के अंकों में बदलाव
एक मामले में टाटा कार का नंबर DL10CN0188 बताया गया है. वहीं, 0169 नंबर वाली हुंडई कार पर अंतिम चार अंक बदलकर 0188 कर दिए गए. इस तरह दूसरी गाड़ी के नंबर का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया.


दूसरा मामला: नंबर प्लेट ढंकना
कुछ वाहनों की पूरी नंबर प्लेट कपड़े या कवर से ढंकी मिली. एक अन्य मामले में नंबर प्लेट के आखिरी तीन अंकों पर टेप लगाकर उन्हें छिपाया गया. इससे कैमरों के जरिए नंबर पहचानने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.


तीसरा मामला: नंबर प्लेट की क्लोनिंग
एक ही नंबर की दो कारें चलने के उदाहरण भी सामने आए हैं. रिकॉर्ड के अनुसार, RJ27CK2388 नंबर की कार मारुति सुजुकी की पंजीकृत है. इसके बावजूद इसी नंबर की प्लेट लगी एक किया कार कैमरे में कैद हुई.


NHAI को राजस्व नुकसान, वाहन मालिक भी परेशान
NHAI के अनुसार, नंबर प्लेट में हेरफेर से टोल राजस्व का नुकसान हो रहा है. इसके अलावा गलत फास्टैग कटौती और असली वाहन मालिकों को गलत ई-नोटिस जारी होने जैसी समस्याएं भी पैदा हो रही हैं. प्राधिकरण ने यह भी कहा है कि ऐसी गतिविधियों से हाईवे पर सुरक्षा संबंधी जोखिम और कानूनी विवाद की आशंका बढ़ती है.


परिवहन विभाग चलाएगा विशेष अभियान
NHAI ने नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और विशेष अभियान चलाने की मांग की है. इसके बाद परिवहन मुख्यालय ने जयपुर द्वितीय और अलवर RTO को ऐसे वाहनों के खिलाफ विशेष प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं.


अब परिवहन विभाग की टीमें नंबर प्लेट छिपाकर चलने वाले वाहनों के चालान करेंगी. इसके साथ ही नंबर प्लेट बदलकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. यानी टोल पर बिना रुके निकलने की सुविधा का इस्तेमाल टोल बचाने के लिए करने वालों पर अब शिकंजा कसने की तैयारी है.

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About the Author

Kashiram Chaudhary

Kashiram Chaudhary

जी राजस्थान में स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत काशीराम चौधरी पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत 21 वर्षों से सक्रिय हैं. जी मीडिया में वे ट्रांसपोर्ट विषय से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं. बात चाहे सड़क परिवहन की हो, फ्लाइट मूवमेंट की या फिर रेलवे परिवहन, सभी क्षेत्रों में काशीराम सक्रिय रूप से न्यूज कवर करते रहे हैं. काशीराम कृषि और पशुपालन से जुड़ी खबरों पर भी गहरी पकड़ रखते हैं. किसानों की जमीनी हकीकत दिखाने के साथ ही कृषि विपणन मंडियों की भी रिपोर्टिंग करते रहे हैं. साथ ही वे आबकारी और माइंस सेक्टर की खबरों को भी दर्शकों तक पहुंचाते हैं. काशीराम जी मीडिया समूह से पहले राजस्थान पत्रिका, डीएनए, ईटीवी राजस्थान, फर्स्ट इंडिया न्यूज में भी कार्य कर चुके हैं.
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