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Jodhpur News : जोधपुर नगर निगम में आज (25 सितंबर) शहर की सरकार का मुखिया चुना जा रहा है. जोधपुर निकाय चुनाव के आकंड़े पहले ही आज मेयर मुकाबले को किसी टी-20 मैच के सुपर ओवर जैसा रोमांचक बना चुके हैं. अब दोनों प्रमुख पार्टियां, भाजपा और कांग्रेस भले ही जीत का दावा कर लें लेकिन सारा दारोमदार निर्दलीय पार्षदों की क्रॉस-वोटिंग और निष्ठा पर टिका है.
45-44 का पेचीदा गणित और वार्ड 50 का 'गेमचेंजर' नतीजा
जोधपुर नगर निगम में कुल 100 वार्ड हैं. 14 सितंबर को जब 99 वार्डों के नतीजे आए, तो भाजपा और कांग्रेस दोनों 44-44 वार्ड जीतकर बराबरी पर खड़ी थीं. पूरी कहानी वार्ड नंबर 50 के नतीजे पर आकर अटक गई, जहां ईवीएम (EVM) में तकनीकी खराबी के चलते वोटिंग रोकनी पड़ी थी. निर्वाचन आयोग के निर्देश पर इस वार्ड में फिर से मतदान हुआ. 17 सितंबर को जब इसका रिजल्ट आया, तो भाजपा के हेमाराम ने कांग्रेस प्रत्याशी को 83 वोटों से हरा दिया.
इस एक सीट ने निगम का पूरा गणित बदल दिया
कुल सीटें: 100
बहुमत का आंकड़ा: 51
भाजपा : 45
कांग्रेस : 44
निर्दलीय : 10
आरएलपी : 1
आमने-सामने दिग्गज: पार्षद बनाम 'हाइब्रिड' उम्मीदवार
खास बात ये है कि इस रोमांचक मुकाबले में दोनों ही पार्टियों ने अपने कद्दावर नेताओं पर दांव खेला है.
प्रसन्न चंद मेहता (भाजपा प्रत्याशी)
पृष्ठभूमि: संघ पृष्ठभूमि से आने वाले मेहता भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष और जिलाध्यक्ष रह चुके हैं.
चुनाव: निकाय चुनाव में वार्ड 82 से कांग्रेस के अरविंद परिहार को 486 वोटों से करारी शिकस्त दी.
मजबूती: मेहता को असम के राज्यपाल और वरिष्ठ नेता गुलाबचंद कटारिया का भी करीबी माना जाता है.
राजेंद्र सिंह सोलंकी (कांग्रेस प्रत्याशी)
पृष्ठभूमि: सोलंकी पूर्व राज्य मंत्री, जेडीए (JDA) के पूर्व अध्यक्ष और निगम में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं. इन्हें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बेहद करीबी माना जाता है.
हाइब्रिड फॉर्मूला: सबसे दिलचस्प बात ये है कि सोलंकी ने पार्षद पद का चुनाव नहीं लड़ा था. वह 'हाइब्रिड फॉर्मूले' के तहत सीधे मेयर पद के लिए उतारे गए हैं (राजस्थान में नियमों के तहत कोई गैर-पार्षद भी मेयर बन सकता है)
किंगमेकर बने निर्दलीय और 'बाड़ेबंदी' का खेल
चूंकि किसी भी दल के पास 51 का जादुई आंकड़ा नहीं है, इसलिए दोनों पार्टियों ने क्रॉस-वोटिंग से बचने के लिए अपने-अपने पार्षदों की 'बाड़ेबंदी' (रिसॉर्ट पॉलिटिक्स) की.
भाजपा का दावा: भाजपा को 51 के लिए 6 और वोटों की जरूरत है. पार्टी का दावा है कि 11 सितंबर से बालोतरा-नाकोड़ा के रिसॉर्ट में रखे गए, उनके कैंप में 7 निर्दलीय (जिनमें कांग्रेस के बागी विशाल सांखला और चेतन गहलोत शामिल हैं) उनके साथ आ गए हैं। इस तरह उनका आंकड़ा 52 पहुंच गया है। कांग्रेस का दावा: कांग्रेस को 51 के लिए 7 अतिरिक्त वोटों की दरकार है। पुष्कर के एक रिसॉर्ट में ठहरे कांग्रेस पार्षदों से पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने खुद मुलाकात की.
कांग्रेस का दावा है कि उनके पास 4 निर्दलीयों का समर्थन है, जिससे उनका आंकड़ा 48 है, लेकिन वे गुप्त मतदान में क्रॉस-वोटिंग के जरिए बोर्ड बनाने को लेकर आशान्वित हैं. वोटिंग के बाद मतगणना शुरू होगी और कुछ ही घंटों में स्पष्ट हो जाएगा कि जोधपुर नगर निगम का नया 'बॉस' कौन होगा ?