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त्योहारों के दौरान बाजार में मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने और लोगों को शुद्ध मिठाइयां उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में विशेष अभियान शुरू किया है. इसी के तहत फूड सेफ्टी टीम ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए मिठाइयों और खाद्य पदार्थों के कुल 11 नमूने एकत्र किए. सभी सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं.
सीएमएचओ ने खुद किया मिठाई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला मुख्यालय पर दो बड़े मिठाई और कैटरिंग प्रतिष्ठानों की जांच की गई. सीएमएचओ ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सैंपलिंग की कार्रवाई करवाई.
सबसे पहले टीम रोड नंबर एक स्थित बांसुरी स्वीट्स पहुंची. यहां से अंजीर बर्फी का नमूना लिया गया. निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री को सही तरीके से रखने के निर्देश दिए गए. साथ ही साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा गया.
इसके बाद सीएमएचओ पुराना बाजार में रानी सती रोड स्थित पुष्कर कैटरिंग के कारखाने पहुंचे. यहां से मावे और सोयाबीन कुकिंग ऑयल के सैंपल लिए गए. अधिकारियों ने कारखाने का निरीक्षण करते हुए खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण और परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए.
इन खाद्य पदार्थों के लिए गए 11 सैंपल
सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर के अनुसार, जिले में चलाए जा रहे अभियान के दौरान कुल 11 नमूने एकत्र किए गए हैं. इनमें अंजीर बर्फी, दो प्रकार की मावा मिठाई, घी, बादाम, दूध, दो खोया और सोयाबीन तेल के तीन नमूने शामिल हैं. इन सभी को गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
मिलावट की शिकायत पर भी होगी कार्रवाई
डॉ. गुर्जर ने बताया कि त्योहारों को देखते हुए जिले में 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत लगातार जांच की जा रही है. खाद्य सुरक्षा विभाग की 11 एफएसओ टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण और सैंपलिंग कर रही हैं. विभाग की ओर से शिकायत मिलने के साथ ही रैंडम जांच के आधार पर भी खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा रहे हैं.
आमजन से की सतर्क रहने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से त्योहारों के दौरान मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय उनकी गुणवत्ता पर ध्यान देने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी दुकान या प्रतिष्ठान पर मिलावट का संदेह हो या इस संबंध में शिकायत मिले तो इसकी जानकारी विभाग को दें. इससे समय रहते जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी.