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पंजाब ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी-2026 की सफल मेजबानी करके अपने शानदार खेल इतिहास में नया अध्याय लिखा है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया कि पंजाब अब वर्ष 2030 में प्रतिष्ठित हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है. राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के साथ इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के सफल प्रबंधन पर पंजाब के लोगों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉकी के साथ पंजाब का अटूट रिश्ता, 77 ओलंपियनों और 48 ओलंपिक पदक विजेताओं की महान विरासत और इसका तेजी से मजबूत हो रहा खेल ढांचा इसे बड़े वैश्विक खेल आयोजनों के लिए स्वाभाविक पसंद बनाता है.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि छह नए हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान पहले ही तैयार किए जा चुके हैं, दो अन्य का काम चल रहा है और विशेष रूप से खेलों के लिए बजट में 1,744 करोड़ रुपये रखे गए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार पंजाब की महान खेल विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है. जश्न उस समय और भी बढ़ गया जब भारत ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पर अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए जापान को 4-1 से हराया और खचाखच भरे मोहाली स्टेडियम ने शानदार गतका और भांगड़ा की प्रस्तुतियों के माध्यम से पंजाब की महान सांस्कृतिक विरासत के दर्शन किए.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'आज मुझे मोहाली में 'हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी' के रोमांचक फाइनल में शिरकत करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. खचाखच भरा स्टेडियम गतके और भंगड़े में सहित पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली रंगारंग प्रस्तुतियों से गूंज उठा, जिसने पूरे माहौल को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया. भारतीय टीम का हौसला बढ़ाया और टूर्नामेंट के सफल आयोजन में शामिल सभी को बधाई दी. मुझे पूरा भरोसा है कि हमारे खिलाड़ी ट्रॉफी उठाकर देश का नाम रोशन करेंगे. चक दे इंडिया.'
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 'एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026' की सफल मेजबानी करके राज्य के खेल इतिहास में नया अध्याय लिखने के लिए पंजाब के लोगों को बधाई दी. भारत ने मोहाली के बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में जापान को 4-1 से हराकर प्रतिष्ठित खिताब अपने पास बरकरार रखा.
इकट्ठ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, 'पंजाब वर्ष 2030 में प्रतिष्ठित हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है. चल रही एशियन चैंपियंस ट्रॉफी-2026 का सफल प्रबंधन बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने की राज्य की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है. पहली बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करना पंजाब की खेल यात्रा में ऐतिहासिक उपलब्धि है और बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की ओर महत्वपूर्ण कदम है.'
मुख्यमंत्री ने कहा, 'पंजाब अपने मेहनती लोगों, महान संस्कृति और गर्मजोशी भरी आतिथ्य के लिए दुनिया भर में जाना जाता है. हर खिलाड़ी और दर्शक पंजाब में अपने ठहराव की अविस्मरणीय यादें लेकर जाएंगे.'

उन्होंने आगे कहा, 'हॉकी और पंजाब अटूट हैं, क्योंकि पंजाबी खिलाड़ियों के योगदान के बिना भारतीय हॉकी के शानदार इतिहास की कल्पना करना असंभव है. महान ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर, ऊधम सिंह, पृथीपाल सिंह, अजीत पाल सिंह और सुरजीत सिंह से लेकर वर्तमान समय के सितारों जैसे हरमनप्रीत सिंह, मनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह और रुपिंदर पाल सिंह तक, पंजाब ने भारतीय हॉकी में हमेशा अद्वितीय प्रतिभा का प्रदर्शन किया है.'
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया, 'पंजाब ने वर्ष 1928 के एम्स्टर्डम ओलंपिक खेलों से लेकर 2024 के पेरिस ओलंपिक तक 77 हॉकी ओलंपियन दिए हैं, जबकि राज्य के 48 खिलाड़ियों ने ओलंपिक पदक जीते हैं. यह अनूठी विरासत पंजाब में हॉकी के प्रति गहरे जज्बे को दर्शाती है.'
मुख्यमंत्री ने कहा, 'पंजाबी खिलाड़ियों ने ओलंपिक खेलों में 10 बार भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी की है, जो खेलों में पंजाब के शानदार योगदान को दर्शाता है. भारत की हालिया ओलंपिक सफलताओं में भी राज्य का योगदान अद्वितीय रहा है.'
उन्होंने आगे कहा, 'टोक्यो-2020 ओलंपिक के दौरान पंजाब के आठ खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था, जबकि पेरिस-2024 ओलंपिक में राज्य के नौ खिलाड़ी भारतीय दल का हिस्सा थे. इन टीमों की कप्तानी क्रमशः मनप्रीत सिंह और हरमनप्रीत सिंह ने की थी. कप्तान हरमनप्रीत सिंह सहित पंजाब के आठ खिलाड़ी वर्तमान भारतीय हॉकी टीम का भी हिस्सा हैं.'
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, 'जालंधर का भारतीय हॉकी में विशेष स्थान है. इस शहर और इसके आसपास के गांवों ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और ओलंपियनों की पीढ़ियों को पाला-पोसा है. संसारपुर, खुसरोपुर और मिठापुर के गांवों ने अपनी अनूठी हॉकी परंपराओं के लिए दुनिया भर में पहचान बनाई है और सामूहिक रूप से 20 से अधिक ओलंपियन पैदा किए हैं.'
मुख्यमंत्री मान ने कहा, 'ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम इस शानदार खेल विरासत का प्रतीक है. ये स्टेडियम पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स सेंटर और खेलो इंडिया सेंटर के माध्यम से भविष्य के चैंपियन भी तैयार कर रहा है, जहां क्रमशः 102 और 33 हॉकी खिलाड़ी विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं.'
उन्होंने दोहराया, 'हमारी सरकार पूरे पंजाब में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है. हमारे कार्यकाल के दौरान हॉकी के छह नए एस्ट्रोटर्फ मैदान बनाए गए हैं, जबकि दो अन्य मैदानों का काम प्रगति पर है. इसके अलावा, निचले स्तर पर खेल को प्रोत्साहित करने के लिए 18 सिक्स-ए-साइड एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान स्थापित किए गए हैं.'

भारत ने मोहाली के बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले गए एक बेहद रोमांचक फाइनल में जापान को 4-1 से हराकर एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा बरकरार रखा. इससे पहले मलेशिया ने एक शानदार मुकाबले में दक्षिण कोरिया को हराकर टूर्नामेंट में तीसरा स्थान हासिल किया, जिसके हजारों दर्शक गवाह बने.
इस मौके पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपना 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी हार्दिक सिंह को विशेष जर्सी भेंट की. इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारतीय और जापानी खिलाड़ियों से मुलाकात की, उनका हौसला बढ़ाया और विजेता भारतीय टीम को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया.
समापन समारोह के दौरान शानदार सांस्कृतिक शो ने दर्शकों का मन मोह लिया, जिसमें भांगड़े की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही. हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ ने टूर्नामेंट की कामयाबी के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पंजाब सरकार की सराहना की.
इस मौके पर प्रमुख सचिव खेल वरुण रूजम, हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ, हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली और अन्य गणमान्य व्यक्ति विशेष रूप से उपस्थित रहे.