)
Gold Rate: धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है. धर्म और निवेश दोनों के लिहाज से ये एक अच्छा फैसला होता है. आप अगर हर धनतेरस थोड़ा-थोड़ा कर सोना या चांदी खरीदते हैं, तो धीरे-धीरे एक अच्छा एसेट्स तैयार हो जाता है. इस धनतेरस भी सोने-चांदी खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो खबर आपके लिए है.
धनतेरस पर सोने की कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. 24 कैरेट सोने के दाम 3100 रुपए गिरकर करीब 1.41 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया. चांदी की कीमत में 5400 रुपए सस्ती हो गई. 1 किलो चांदी कीमत 1.87 लाख रुपये से गिरकर 1.81 लाख रुपए पर आ गई है.
6 नवंबर, धनतेरस के मौके पर सोने-चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. MCX पर गोल्ड की कीमत में 1700 रुपये गिर गई, तो चांदी की कीमत में 2200 रुपये से अधिक की क्रैश आया है. शुक्रवार को चांदी की कीमत 1,85,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया, तो सोना 1,42,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव बिक रहा. सिर्फ एमसीएक्स पर ही नहीं, आज घरेलू सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमत में बड़ी गिरावट देखने को मिली है.
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर जारी रेटलिस्ट के मुताबिक आज भारतीय बाजार में सोने-चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. वेबसाइट पर जारी रेटलिस्ट के मुताबिक

बता दें कि IBJA की कीमत देशभर में सर्राफा बाजारों की कीमत का औसत प्राइस होता है. इस कीमत पर 3 फीसदी GST और मेकिंग चार्ज अलग से देना पड़ता है. मतलब आपके शहर में सोने-चांदी की कीमत इसके आसपास रह सकती है.
सोना हमेशा से एक अच्छा निवेश समझा जाता है. लोग एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक सोने को पहुंचाते हैं. भारतीय घरों में 34,600 टन सोना रहने की उम्मीद है. शुभ का संकेतक सोना इस साल अपनी पीक से 20 फीसदी से अधिक गिर चुका है. चांदी में 56 फीसदी से अधिक की गिरावट आ चुकी है. 29 जनवरी को सोना अपने ऑल टाइम हाई 1.76 लाख करोड़ रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था. चांदी की ऑल टाइम हाई वैल्यू 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया. इस कीमत से अगर तुलना करें, तो सोना करीब 35000 रुपये और चांदी 2 लाख रुपये से अधिक सस्ती हो चुकी है.
सोने सेफ हेवन की पहचान रखता है. लॉन्ग टर्म में निवेश का अच्छा ऑप्शन है. बाजार जानकार भी सोने में सपोर्ट का समर्थन कर रहे हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी और गोल्ड ईटीएफ में बढ़ते निवेश से सोने को सपोर्ट मिल रहा है. सिर्फ तीसरी तिमाही में केंद्रीय बैंकों ने 321 टन सोना खरीद लिया है, पिछले साल से 42 फीसदी अधिक है. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के सचिव सुरेंद्र मेहता की माने, तो शॉर्ट टर्म में सोने की कीमत का अनुमान लगाना मुश्किल है, लेकिन लॉन्ग टर्म में करीब साल-दो साल में इसमें 30-40 फीसदी तक की तेजी आ सकती है.


(डिस्क्लेमर: सोने-चांदी में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. अगर आप गोल्ड या सिल्वर में निवेश करना चाहते हैं, तो वित्तीय जानकारों की सलाह जरूर लें.)