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जैसलमेर चुनाव: BJP-कांग्रेस आमने-सामने, ओरण मुद्दे ने बढ़ाई दोनों की चुनौती !

पंचायतीराज चुनाव-2026 के चौथे चरण के नामांकन के आखिरी दिन जैसलमेर में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गईं. जिला परिषद के 21 वार्डों के लिए कुल 162 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल कर चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है.

जैसलमेर चुनाव: BJP-कांग्रेस आमने-सामने, ओरण मुद्दे ने बढ़ाई दोनों की चुनौती !
Image Credit: Jaisalmer Zila Parishad Elections 2026

नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन भाजपा और कांग्रेस के चुनाव चिह्न रिटर्निंग अधिकारी अनुपमा जोरवाल के समक्ष पेश किए गए. इस दौरान कांग्रेस के चुनाव चिह्न दो अलग-अलग लिफाफों में पहुंचने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गईं. वहीं, ओरण संरक्षण के मुद्दे को लेकर चुनाव मैदान में उतरी टीम ओरण ने भी राजनीतिक दलों के सामने चुनौती पेश की है.

 Manvendra Singh Jasol

बीजेपी ने 20 वार्डों में उतारे प्रत्याशी, पूर्ण बहुमत का दावा
बीजेपी की ओर से चुनाव प्रभारी एवं पूर्व मंत्री सी.आर. चौधरी, जिलाध्यक्ष दलपत हिंगड़ा, वरिष्ठ नेता कर्नल मानवेन्द्र सिंह जसोल और विधायक छोटूसिंह भाटी सहित पार्टी नेताओं ने जिला परिषद के 21 में से 20 वार्डों के प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न रिटर्निंग अधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपमा जोरवाल को सौंपे। भाजपा ने एक वार्ड में प्रत्याशी नहीं उतारा है. इस दौरान चुनाव प्रभारी सी.आर. चौधरी ने जिला परिषद में पूर्ण बहुमत हासिल कर जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख बीजेपी का बनाने का दावा किया. उन्होंने पंचायत समिति चुनावों में भी अधिकांश समितियों में भाजपा के प्रधान और उपप्रधान बनने का भरोसा जताया. टिकट वितरण के बाद पार्टी में नाराजगी के सवाल पर चौधरी ने असंतोष से इनकार करते हुए कहा कि सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनाव लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिला प्रमुख का पद महत्वपूर्ण है और इसी को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समायोजन किए गए हैं.

ओरण संरक्षण पर बोले कर्नल जसोल, संवाद से दूर करेंगे गलतफहमियां
ओरण संरक्षण के मुद्दे पर भाजपा नेता कर्नल मानवेन्द्र सिंह जसोल ने कहा कि ओरण हमारी आस्था के केंद्र हैं और पार्टी और सरकार इन्हें कमतर नहीं आंकती. उन्होंने कहा कि कुछ गलतफहमियों और कागजी प्रक्रिया अधूरी रहने के चलते ये मुद्दा तूल पकड़ रहा है. ओरण से जुड़े लोगों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं और गलतफहमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा. जसोल ने बताया कि ओरण से जुड़ा नीतिगत विषय केंद्र सरकार के स्तर पर भी उठाया जा रहा है और रक्षा मंत्री तथा गृह मंत्री के समक्ष भी ये मामला रखा गया है. हालांकि उन्होंने पंचायत चुनावों पर इसके प्रभाव को अधिक महत्वपूर्ण नहीं माना.

कांग्रेस के दो अलग-अलग लिफाफों में पहुंचे चुनाव चिह्न, संगठन में समन्वय पर उठे सवाल
दूसरी ओर कांग्रेस में चुनाव चिह्न जमा कराने के दौरान अलग ही तस्वीर देखने को मिली. कांग्रेस के आधिकारिक चुनाव चिह्न दो अलग-अलग लिफाफों में रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष पहुंचे. पहले लिफाफे में जैसलमेर विधानसभा क्षेत्र के 10 वार्डों के चुनाव चिह्न पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव के पुत्र हरीश और कांग्रेस प्रदेश सचिव मोहन डागर ने जमा कराए. इसके बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर दूसरे लिफाफे के साथ पहुंचे. इसमें पोकरण विधानसभा क्षेत्र के 10 वार्डों और जैसलमेर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 3 का चुनाव चिह्न शामिल था. खास बात ये रही कि वार्ड नंबर 3 से जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर स्वयं चुनावी मैदान में हैं.

Jaisalmer Zila Parishad Elections 2026

दो अलग-अलग लिफाफों में चुनाव चिह्न पहुंचने के मामले में फकीर ने सफाई देते हुए कहा कि पंचायतीराज चुनाव पूरे जिले का चुनाव है और इसके लिए जिला व प्रदेश स्तर पर कमेटियां गठित की गई थीं. चुनाव प्रभारी प्रह्लाद गुंजल की मौजूदगी में कई बैठकें भी हुई थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी नेता संगठन को विश्वास में लिए बिना चुनाव चिह्न लेकर पहुंच जाते हैं और पार्टी को एकजुट होकर चुनाव लड़ते नहीं देखना चाहते. फकीर ने इसे समन्वय की कमी और अधूरी जानकारी का परिणाम बताया. हालांकि उन्होंने सभी 21 सीटों पर कांग्रेस की मजबूत दावेदारी और जीत का दावा किया. जिलाध्यक्ष बनने के बाद खुद चुनाव लड़ने के फैसले पर उन्होंने कहा कि उनका चुनाव लड़ने का इरादा नहीं था, लेकिन वार्ड नंबर 3 के स्थानीय लोगों ने रायशुमारी कर उन्हें चुनाव मैदान में उतरने के लिए कहा. जनता की भावना को देखते हुए उन्होंने नामांकन दाखिल किया है.

Oran conservation matter in  Jaisalmer Zila Parishad Elections

ओरण संरक्षण बना चुनावी मुद्दा, टीम ओरण ने 14 वार्डों में उतारे निर्दलीय प्रत्याशी
इस बार जिला परिषद चुनाव में ओरण संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया है. टीम ओरण ने जिला परिषद के 21 वार्डों में से 14 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं. टीम से जुड़े ओरण प्रेमी सुमेर सिंह सांवता ने 15 से अधिक सीटों पर नामांकन दाखिल होने का दावा करते हुए कहा कि अन्य वार्डों में भी निर्दलीय प्रत्याशियों के समर्थन के लिए संपर्क किया जा रहा है. सांवता के अनुसार इस बार जैसलमेर की जनता ओरण और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे को लेकर चुनाव लड़ रही है. भाजपा नेता कर्नल मानवेन्द्र सिंह जसोल के समझाने के प्रयासों पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को केवल आश्वासन देने के बजाय ओरण और जैसलमेर की धरती को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए. उन्होंने कहा कि ओरण संरक्षण के लिए समर्पित होकर काम करने वालों के साथ जनता खड़ी होगी.

अब चुनावी मुकाबले में ओरण संरक्षण भी अहम मुद्दा
नामांकन के अंतिम दिन सामने आए घटनाक्रमों ने जैसलमेर जिला परिषद चुनाव को कई मायनों में चर्चा का विषय बना दिया है. भाजपा जहां 20 वार्डों में प्रत्याशी उतारकर जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख का पद हासिल करने का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस सभी 21 सीटों पर जीत का भरोसा जता रही है. कांग्रेस के दो अलग-अलग लिफाफों में पहुंचे चुनाव चिह्न ने संगठन के भीतर समन्वय को लेकर सवाल खड़े किए हैं. वहीं दूसरी ओर ओरण संरक्षण के मुद्दे पर निर्दलीय प्रत्याशियों की सक्रियता ने चुनावी मुकाबले में तीसरे पक्ष की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बना दिया है. अब चुनाव में राजनीतिक दलों के दावों, संगठनात्मक तैयारियों और ओरण संरक्षण जैसे स्थानीय मुद्दों पर मतदाताओं की प्रतिक्रिया पर सबकी नजर रहेगी.
 

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About the Author

Shankar Dan

Shankar Dan

शंकर दान, पिछले 12 से अधिक वर्षों से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सक्रिय एक अनुभवी और प्रतिष्ठित पत्रकार हैं, जो वर्तमान में ज़ी मीडिया (Zee Media) के लिए राजस्थान के सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सीमावर्ती जिले जैसलमेर से ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रहे हैं. उनके कार्यक्षेत्र में राजस्थान की राजनीतिक हलचलों और विधानसभा - लोकसभा चुनावों की कवरेज से लेकर भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े सुरक्षा व सामरिक मुद्दे, जैसलमेर की समृद्ध सांस्कृतिक व ऐतिहासिक पर्यटन विरासत, और मरुस्थलीय पारिस्थितिकी व गोडावण (Great Indian Bustard) संरक्षण जैसे वन्यजीव विषय प्रमुखता से शामिल हैं. इसके साथ ही वे स्थानीय जनसरोकार की समस्याओं और क्षेत्रीय घटनाओं को राष्ट्रीय पटल पर पूरी विश्वसनीयता के साथ उठाने के लिए पहचाने जाते हैं.
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