258 दिन बाद खत्म हुआ रामगढ़ का धरना: विधायक छोटूसिंह भाटी ने जूस पिलाकर तुड़वाया अनशन
जैसलमेर के रामगढ़ क्षेत्र के राघवा-सेउवा में सोलर कंपनी को जमीन आवंटन के विरोध में चल रहा धरना समाप्त हो गया. विधायक छोटूसिंह भाटी ने जमीन दूसरी जगह स्थानांतरित करने का भरोसा दिया. मामले की जांच के लिए कमेटी गठित होगी.
जैसलमेर के रामगढ़ क्षेत्र में राघवा-सेउवा में सोलर कम्पनी को आवंटन करने के लिए प्रस्तावित जमीन के मामले को लेकर पिछले 228 दिनों से चल रहा धरना आखिरकार समाप्त हो गया. जैसलमेर के विधायक छोटूसिंह भाटी ने धरना स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को जूस पिलाया और धरना समाप्त करवाया. इस दौरान उन्होंने सरकार द्वारा सोलर कम्पनी को आवंटित जमीन को अन्यत्र स्थानांतरित करने का भरोसा दिलाया. साथ ही मामले की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए सरकार की ओर से एक कमेटी गठित करने निर्देश देने की बात विधायक द्वारा धरनार्थियों के समक्ष रखी गई. धरना समाप्त होने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे. लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन के समाप्त होने के साथ ही अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं.
कमेटी करेगी मामले की वस्तुस्थिति की जांच
मामले के समाधान के लिए गठित की जाने वाली कमेटी में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ स्थानीय ग्रामीणों और सीमा जनकल्याण समिति के पदाधिकारियों को शामिल किया जाएगा. यह कमेटी मौके की वस्तुस्थिति का पता लगाएगी और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करेगी. इसके बाद जमीन को स्थानांतरित करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
258 दिनों तक जारी रहा धरना
जमीन आवंटन के मुद्दे को लेकर ग्रामीण लंबे समय से धरने पर बैठे थे. 258 दिनों तक चले इस आंदोलन के दौरान जमीन आवंटन को लेकर विरोध जताते हुए समाधान की मांग उठाई गई. आखिरकार विधायक छोटूसिंह भाटी के हस्तक्षेप और जमीन स्थानांतरित करने के भरोसे के बाद धरना समाप्त करने पर सहमति बनी.
धरना समाप्त होने के बाद अब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि प्रशासनिक कमेटी की जांच के बाद मामले का स्थायी समाधान निकलेगा और जमीन स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. हालांकि, धरना समाप्त होने के बाद अब सबसे अहम सवाल यही है कि जमीन स्थानांतरण को लेकर दिया गया भरोसा कब तक धरातल पर उतरता है.
ये रहे उपस्थित
विधायक छोटूसिंह भाटी, जिलाध्यक्ष दलपत हिंगड़ा, आईदानसिंह, दीपसिंह, कंवराजसिंह, सवाईसिंह, हुकमाराम, मनोहरसिंह, उपखण्ड अधिकारी, रामगढ़ तहसीलदार तथा ग्रामीण उपस्थित रहे.