8 दिन तक डटे रहे किसान, अब मिला पानी का भरोसा: जीरो हेड पर धरना स्थगित, जानें क्या हुआ समझौता
Rajasthan News: जैसलमेर के मोहनगढ़ में सिंचाई पानी की मांग को लेकर 8 दिन से चल रहा किसानों का धरना शुक्रवार को स्थगित हो गया. प्रशासन और सिंचाई विभाग ने पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. किसानों ने नियमित आपूर्ति, पानी की कमी की भरपाई और चोरी रोकने की मांग की.
Jaisalmer News: जैसलमेर के मोहनगढ़ में इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अंतिम छोर जीरो हेड पर सिंचाई पानी की मांग को लेकर पिछले आठ दिनों से चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को स्थगित कर दिया गया. जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने किसानों को पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसान प्रतिनिधियों ने धरना रोकने पर सहमति जताई. किसान नहरों में तय कार्यक्रम के अनुसार पानी चलाने, पानी की कमी की भरपाई करने और नहरों में हो रही पानी चोरी पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे.
धरनास्थल पर पहुंचे प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी
शुक्रवार को एसडीएम वीरेंद्र सिंह भाटी और सिंचाई विभाग के एक्सईएन अनिल कुमार गर्ग किसानों से बातचीत करने धरनास्थल पर पहुंचे. इस दौरान किसानों के प्रतिनिधियों के साथ नहरों में सिंचाई पानी की आपूर्ति और नहरों के संचालन को लेकर चर्चा हुई. किसानों ने बीकानेर के सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारी इंजीनियर विवेक गोयल से हुई बातचीत और विधायक के साथ तय हुए आश्वासनों पर भी अमल करने की मांग रखी.
अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना स्थगित
एसडीएम वीरेंद्र सिंह भाटी ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उच्च अधिकारियों के साथ हुई बातचीत के आधार पर सिंचाई पानी उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे. इसके बाद किसान प्रतिनिधियों ने आपसी सहमति से आने वाले दिनों के लिए अनिश्चितकालीन धरना स्थगित करने का फैसला लिया. हालांकि, किसानों की प्रमुख मांगें नहरों में पानी की नियमित आपूर्ति और तय कार्यक्रम के अनुसार सिंचाई पानी चलाने से जुड़ी हैं.
पानी चोरी रोकने के लिए जवान तैनात करने की मांग
बातचीत के दौरान किसानों ने नहरों में पानी चोरी रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था करने और जवान तैनात करने की मांग उठाई. किसानों का कहना है कि पानी की चोरी पर रोक लगाना जरूरी है, ताकि नहरों के अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी पहुंच सके. इसके साथ ही उन्होंने सिंचाई पानी की कमी की भरपाई करने की मांग भी दोहराई.
कई नहरों के किसानों ने एकजुट होकर उठाई मांग
धरने में एसबीएस प्रथम और द्वितीय, देवा-सांखला, मंडाव, एमजीडी, एमजीएम और आरएनडी सहित अलग-अलग नहरों से जुड़े किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं. सभी ने सिंचाई पानी की नियमित आपूर्ति, निर्धारित कार्यक्रम का पालन और पानी की कमी की क्षतिपूर्ति की मांग की.
आठ दिनों तक चले धरने के दौरान किसानों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग के सामने अपनी समस्याएं रखीं. शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बातचीत और पानी उपलब्ध कराने के आश्वासन के बाद धरना स्थगित करने पर सहमति बनी. अब किसानों की मांगों पर आगे होने वाली कार्रवाई अहम रहेगी.