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764 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा IPD टावर: दिसंबर 2027 तक प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य

जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के IPD टावर प्रोजेक्ट की लागत 456 करोड़ से बढ़कर 764 करोड़ रुपए हो गई है. प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए दिसंबर 2027 की नई डेडलाइन तय की गई है. सरकार की एम्पावर्ड कमेटी की बैठक में पार्किंग, हेलीपैड और कनेक्टिंग कॉरिडोर को लेकर कई अहम फैसले किए गए.

764 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा IPD टावर: दिसंबर 2027 तक प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य
Image Credit: ZEE Media

राजस्थान के जयपुर में सवाई मानसिंह अस्पताल के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट आईपीडी टावर से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर बड़े फैसले किए गए हैं. ये फैसले लागू किए गए तो ही प्रोजेक्ट अपने उद्देश्य में सफल हो सकेगा. देश के सबसे ऊंचे मेडिकल टावर के तौर पर पिछली कांग्रेस सरकार के समय यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शुरू किया गया था. देश भर के नामी चिकित्सकों की मौजूदगी में 5 अप्रेल 2022 को इसका शिलान्यास किया था. इस प्रोजेक्ट में अब तक दो साल और आठ महीने की देरी हो चुकी है.

वर्ष 2024 नवंबर में इस प्रोजक्ट का पूरा काम किया जाना था, लेकिन कई कारणों के चलते इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में देरी हुई है. अब इस वर्ष दिसंबर तक प्रोजेक्ट की पांच मंजिल फंक्शनल करने, अगले वर्ष मार्च तक 14 मंजिल फंक्शनल करने और अगले वर्ष दिसंबर तक शेष मंजिले करने की डेडलाइन तय की गई है. इस तरह पूरे प्रोजेक्ट का काम पूरा होने का नया लक्ष्य दिसंबर 2027 रखा गया है. इस प्रोजेक्ट के नीतिगत मामलों पर फैसले के लिए राज्य सरकार की ओर से एक एम्पावर्ड कमेटी का गठन किया हुआ है.

27 जुलाई को आयोजित हुई थी कमेटी की पिछली बैठक

नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा की अध्यक्षता में कमेटी की पिछली बैठक 27 जुलाई को आयोजित हुई थी. इस बैठक के मिनिट्‌स जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से हाल ही में जारी किए गए हैं. इन मिनिट्स में प्रोजेक्ट से जुड़े मामलों में किए गए कई फैसलों का खुलासा हुआ है.

बैठक में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका, नगरीय विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचवि आलोक गुप्ता, चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़, जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन, वित्त विभाग की संयुक्त सचिव भारती दीक्षित, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य दीपक माहेश्वरी और चिकित्सा शिक्षा विभाग, एमएमएस मेडिकल कॉलेज और जेडीए के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे. इस बैठक के मिनिट्‌स जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से हाल ही जारी किए गए हैं. इन मिनिट्स में प्रोजेक्ट से जुड़े मामलों में किए गए कई फैसलों का खुलासा हुआ है.

लागत 456 करोड़ से 764 करोड़ पहुंची

आईपीडी टावर प्रोजेक्ट का जब शिलान्यास किया गया था, तब इसकी मूल लागत 456 करोड़ रुपए थी. इस प्रोजेक्ट में दो बेसमेंट,ग्राऊंड फ्लोर और ऊपरी 24 मंजिलें प्रस्तावित हैं. इसमें बाद में शामिल हुई तीन सर्विस फ्लोर हटा दें तो मूलत: यह प्रोजेक्ट 24 मंजिला ही है. इस आईपीडी टावर में 1243 बेड, 20 ऑपरेशन थिएटर, 4 कैथ लैब, 100 ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर और विश्व स्तरीय मोर्चरी की सुविधा प्रस्तावित है.

आपात स्थिति के लिए टावर के छत पर हेलीपैड भी बनाया गया है. प्रोजेक्ट का जब काम शुरू किया गया, तब इसे पूरा करने की तिथि नवंबर 2024 थी. बाद में प्रोजेक्ट की डिजाइन में कई बदलाव करते हुए तीन सर्विस फ्लोर भी डिजाइन में जोड़े गए. प्रोजेक्ट की लागत बढ़ाकर 665 करोड़ रुपए कर दी गई. पिछले वर्ष फरवरी में जेडीए की परियोजना कार्य समिति (PWC) की हुई बैठक में लागत 764 करोड़ रुपए कर दी गई.

पार्किंग सभी विभिन्न मुद्दों का समाधान

प्रोजेक्ट की लंबे समय से चली आ रही पार्किंग की समस्या का आखिरकार इस बैठक में समाधान किया गया. बैठक में किए गए फैसले के मुताबिक, SMS मेडिकल कॉलेज के फ्रंट सेटबैक में तीन मंजिला भूमिगत पार्किंग बनेगी. 1000 ECU क्षमता वाली इस पार्किंग की लागत करीब 150 करोड़ रुपए होगी. इसके अलावा अस्पताल के सुश्रुत सभागार की इमारत को तोड़कर मल्टीलेवल पार्किंग भी बनाई जाएगी. इन दोनों पार्किंग निर्माण के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग जेडीए को बजट आवंटित करेगा.

आईपीडी टावर से लगते आरोग्य पथ को चौड़ा करने को लेकर बैठक में चर्चा की गई. फैसला किया गया कि सड़क को 50 से 100 फीट चौड़ा करने के लिए गोखले हॉस्टल की 4201 वर्गमीटर भूमि ली जाएगी. भूमि लेने के लिए विश्वविद्यालय की सिंडीकेट की बैठक में संशोधित प्रस्ताव रखा जाएगा. यह भूमि लेने के बदल जेडीए गोखले हॉस्टल की इमारत का निर्माण अस्पताल की 800 वर्गमीटर भूमि पर करेगा.

SMS प्रशासन 3 दिन में देगा टावरों की ड्रॉइंग

प्रोजेक्ट में निर्माणाधीन हेलीपैड को फंक्शनल बनाने के लिए राज्य के सिविल एविएशन विभाग को नोडल एजेंसी बनाने का फैसला किया गया. यह विभाग केंद्र सरकार के विभागों से समन्वय कर हैलीपेड के लिए जरूरी स्वीकृति प्राप्त करेगा. SMS अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए गए कि वह जेडीए को सभी टावरों की इंटरनल ले आउट आर्किटेक्चरल ड्रांइग तीन दिन में उपलब्ध कराएगा. कार्डियोलॉजी भवन व SMS अस्पताल को जोड़ने के लिए रेज्ड कनेक्टिंग कॉरिडोर को फिजिबल नहीं माना गया. बैठक में तय किया गया कि फिर चिकित्सा शिक्षा विभाग इन दोनों इमारतों को जोड़ना चाहता है, तो उसे जेडीए को लिखित में ड्रॉइंग्स उपलब्ध करानी होगी.

Reporter- Abhishek Shrivastava

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Aman Singh

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जून 2023 से ज़ी राजस्थान के साथ कार्यरत अमन लगातार अपनी क्रिएटिविटी और प्रोफेशनल स्किल्स के जरिए पाठकों तक तेज, सटीक और भरोसेमंद खबरें पहुंचा रहे हैं. वे उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं, अमन ने जौनपुर से ही अपनी इंटरमीडिएट तक की शिक्षा पूरी की. इसके बाद उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. डिजिटल पत्रकारिता में गहरी समझ, तेज खबर पकड़ने की क्षमता के कारण अमन सिंह एक उभरते हुए और भरोसेमंद मीडिया प्रोफेशनल के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं.
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