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क्या होता है हाइब्रिड कैंडिडेट ? कोटपूतली चुनाव में कांग्रेस का बड़ा दांव

Kotputli News : कोटपूतली निकाय चुनाव में कांग्रेस ने बड़ा दांव चलते हुए रमेश पायला को अपना आधिकारिक सिंबल दे दिया. जिन्होंने पहले 'हाइब्रिड सिस्टम' के तहत ही अपना नामांकन भरा था, पर क्या आप जानते हैं ये हाइब्रिड सिस्टम है क्या ?

क्या होता है हाइब्रिड कैंडिडेट ? कोटपूतली चुनाव में कांग्रेस का बड़ा दांव
Image Credit: kotputli nikay chunav

Kotputli News : कोटपूतली निकाय चुनाव में 'हाइब्रिड सिस्टम'  देखने को मिला. जिसके जरिए कांग्रेस ने एक बड़ा और चौंकाने वाला दांव खेला है ? दरअसल रमेश पायला ने इसी 'हाइब्रिड सिस्टम' के तहत अपना नामांकन दाखिल किया था. चुनाव के इस अहम मोड़ पर कांग्रेस की निकाय चुनाव प्रभारी विनोद कुमारी सांगवान ने सक्रियता दिखाते हुए रमेश पायला के पक्ष में कांग्रेस का आधिकारिक सिंबल जमा करवा दिया है, जिससे पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चाएं तेज हो गई हैं.

अब सवाल ये की आखिर ये 'हाइब्रिड सिस्टम'  है क्या  ?
सियासी भाषा में इसे ऐसे समझें कि जब कोई नेता अपनी राजनीतिक सुरक्षा या रणनीति के तहत एक साथ दो नावों में सवार रहता है .यानी पार्टी टिकट के साथ-साथ निर्दलीय या बागी रूप में भी पर्चा भर देता है. तो उसे 'हाइब्रिड सिस्टम' कहा जाता है. कोटपूतली में रमेश पायला ने इसी फार्मूले के तहत अपना नामांकन भर दिया था. अब कांग्रेस ने बड़ा उलटफेर करते हुए निकाय चुनाव प्रभारी विनोद कुमारी सांगवान के जरिए रमेश पायला को अपना आधिकारिक सिंबल दिलवा दिया.

बीजेपी से बगावत कर महेंद्र सैनी ने दिया समर्थन  
ये ही नहीं इस पूरे घटनाक्रम में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब भारतीय जनता पार्टी से बगावत कर चुके पूर्व चेयरमैन और निर्दलीय प्रत्याशी महेंद्र सैनी ने रमेश पायला को अपना खुला समर्थन दे दिया है. बता दें आपको कि  महेंद्र सैनी ने खुद और अपनी धर्मपत्नी के नाम से बीजेपी और निर्दलीय, दोनों माध्यमों से नामांकन दाखिल किया था, जिसे स्थानीय राजनीति में 'हाइब्रिड' रणनीति कहा गया. बहरहाल, इस समर्थन के बाद कोटपूतली के निकाय चुनाव का मुकाबला बेहद दिलचस्प और रोमांचक हो गया है.

पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी के इस फैसले और कांग्रेस के सिंबल दांव के बाद कोटपूतली का स्थानीय सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है. भाजपा के बागी खेमे और कांग्रेस के इस नए गठबंधन ने विपक्षी पार्टियों के चुनावी गणित को पूरी तरह से उलझा दिया है. अब ये भी देखना होगा आखिर कांग्रेस से पूर्व चेयरमैन प्रकाश चंद सैनी अपना नामांकन वापस लेकर किसको समर्थन करेंगे

आपको बता दें कि कोटपूतली बहरोड़ पहले नगरपालिका थी जो अब एक जिला है. इस निकाय चुनाव में कोटपूतली में 82.47 फीसदी लोगों ने वोट डाले थे. चुनाव परिणाम में निर्दलीय प्रत्याशियों ने सारे समीकरण को उलट पलट कर दिया है. यहां के कुल 60 वार्ड में से 28 में निर्दलीय जीते हैं. बीजेपी के खाते में 19 और कांग्रेस के खाते में 13 वार्ड ही आए हैं.

 

 

 

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Pragati Pant Awasthi

Pragati Pant Awasthi

मीडिया की दुनिया में 18 साल का सफर... एंकरिंग से लेकर डिजिटल की स्क्रीन तक, हर नया बदलाव दिल से अपनाया, जो सोचती हूं, वही कहती हूं, बातों को घुमाना मेरी आदत नहीं, दिल की बात जुबां पर रखना पहचान है. फिलहाल 'ज़ी राजस्थान डिजिटल' के साथ सफर जारी है और हर दिन कुछ नया सीखने की ललक बरकरार है और रहेगी. Pragati.Pant@india.com ईमेल के जरिए आप संपर्क कर सकते हैं.
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