Dholpur News: जिले के दिहोली थाना क्षेत्र के मनीराम का पुरा गांव में मंदिर पर आयोजित भंडारे का भोजन खाने के बाद 30 से 40 लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि मंदिर पर भंडारे का आयोजन किया गया था और भोजन बाहर से तैयार करवाकर लाया गया था. बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया था. भोजन करने के कुछ घंटों बाद लोगों में पेट दर्द, उल्टी और बुखार के लक्षण दिखने लगे. एक साथ कई लोगों की तबीयत बिगड़ने से गांव में अफरा-तफरी फैल गई. परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को दी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची.
भंडारे का भोजन खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार गांव के मंदिर पर भंडारे का आयोजन किया गया था. भंडारे के लिए भोजन बाहर से तैयार करवाकर मंदिर परिसर में लाया गया था. बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया था. भोजन करने के कुछ घंटों बाद ही एक के बाद एक लोगों को पेट दर्द, उल्टी, बुखार और बेचैनी की शिकायत होने लगी. देखते ही देखते 30 से 40 लोगों की हालत खराब हो गई. परिजनों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी.
गांव में मचा हड़कंप, स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची
एक साथ कई लोगों की तबीयत बिगड़ने से गांव में अफरा-तफरी फैल गई. सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम रात को मनीराम का पुरा गांव पहुंची. टीम ने गांव में ही अस्थायी कैंप लगाकर बीमार लोगों का प्राथमिक उपचार शुरू किया. जिन लोगों में हल्के लक्षण थे, उन्हें गांव में ही दवाइयां, ओआरएस और जरूरी मेडिसिन देकर उपचार किया गया, जिससे कई लोगों की हालत में सुधार भी हुआ.
ज्यादा बीमार मरीजों को जिला अस्पताल में कराया भर्ती
जिन लोगों की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी, उन्हें देर रात करीब 11 बजे एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया. जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों में मोनिका पुत्री मुकेश उम्र 17 वर्ष, नीतम पुत्री रामकुमार उम्र 19 वर्ष, शांतलु पुत्र पवन उम्र 15 वर्ष, शिखा पुत्री मुकेश उम्र 20 वर्ष, संदीप पुत्र रामसेवक उम्र 32 वर्ष, ललिता पुत्री मुकेश उम्र 38 वर्ष तथा रामकुमार पुत्र होलीराम उम्र 48 वर्ष सहित अन्य शामिल हैं. जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने सभी मरीजों की जांच कर उपचार शुरू किया है. डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल सभी की हालत स्थिर है और खतरे से बाहर है
फूड पॉइजनिंग की आशंका
खाना खाकर बीमार होने की वजह प्रथम दृष्टया फूड पॉइजनिंग मानी जा रही है, जिसको लेकर जांच की जा रही है. ग्रामीणों में भी भोजन से फूड पॉइजनिंग होने की आशंका जताई जा रही है. स्वास्थ्य विभाग ने भंडारे के भोजन के सैंपल लेने और जांच के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है.
गांव में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट मोड पर है. स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रही है. प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि किसी को भी पेट दर्द, उल्टी या बुखार की शिकायत हो तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें ताकि समय पर उपचार किया जा सके. वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा.