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Dholpur News: धौलपुर नगरपरिषद चुनाव में कांग्रेस की टिकट सूची सामने आते ही सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है. इस बार सबसे ज्यादा चर्चा वार्ड 16 और 17 को लेकर है. कांग्रेस ने वार्ड 16 से भागीरथ शर्मा और उससे सटे वार्ड 17 से उनकी पत्नी सीमा शर्मा को टिकट दिया है. एक ही परिवार के दो सदस्यों को लगातार दो वार्डों से टिकट मिलने के बाद शहर में राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है.
भाजपा छोड़ कांग्रेस में आए नेताजी को लगा झटका
वार्ड 17 में टिकट की दौड़ में एक ऐसे नेता भी शामिल थे, जिन्होंने भाजपा में अपना बड़ा पद छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामा था. उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी इस बार उन्हें टिकट देगी. बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने टिकट को लेकर करीब 85 प्रतिशत तक फाइनल होने का दावा भी किया था. समर्थकों के बीच टिकट मिलने की उम्मीद इतनी मजबूत थी कि कार्यकर्ता मिठाई बांटने की तैयारी में थे.
लेकिन कांग्रेस की सूची सामने आई तो तस्वीर पूरी तरह बदल गई. वार्ड 17 से टिकट सीमा शर्मा के नाम हुआ. ऐसे में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए नेता की उम्मीदों पर पानी फिर गया.
60 वार्डों में टिकट के लिए जबरदस्त खींचतान
धौलपुर नगरपरिषद में कुल 60 वार्ड हैं. चुनाव से पहले टिकट हासिल करने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों में दावेदारों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली. कई वार्डों में 5 से 7 तक दावेदार टिकट की दौड़ में बताए जा रहे थे.
टिकट की पैरवी के लिए स्थानीय नेताओं से लेकर जयपुर और दिल्ली तक संपर्क साधे गए. कांग्रेस की ओर से जिताऊ चेहरों को प्राथमिकता देने की बात कही गई. स्क्रीनिंग कमेटी और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर टिकटों को अंतिम रूप दिया गया, लेकिन सूची जारी होने के बाद कुछ वार्डों में नाराजगी और बगावत के संकेत भी सामने आने लगे हैं.
चाय की थड़ी से चौक तक एक ही सवाल
वार्ड 16 और 17 आपस में सटे हुए हैं और शहर के प्रमुख वार्डों में गिने जाते हैं. ऐसे में पति-पत्नी को लगातार दो वार्डों से टिकट मिलने के बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं.
समर्थकों का कहना है कि दोनों का अपना जनाधार है, इसलिए पार्टी ने उन्हें मौका दिया. वहीं विरोधी इसे परिवारवाद से जोड़कर देख रहे हैं. अब शहर में चर्चा यही है कि यह दोनों के व्यक्तिगत जनाधार का नतीजा है या टिकट वितरण के पीछे कोई सियासी रणनीति.
बगावत करेगी खेल खराब या होगा डैमेज कंट्रोल?
टिकट कटने से नाराज नेता के निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी की चर्चा है. उनके समर्थकों की बैठकें भी शुरू होने की बात सामने आ रही है. दूसरी ओर कांग्रेस संभावित बगावत को रोकने और नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश में जुटी है.
अब असली परीक्षा चुनाव मैदान में होगी. देखना होगा कि भागीरथ शर्मा और सीमा शर्मा की जोड़ी अपने-अपने वार्ड में जीत दर्ज कर पाती है या टिकट से नाराज बागी उम्मीदवार कांग्रेस के समीकरण बिगाड़ देते हैं.