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दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली को लेकर राजस्थान कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. प्रदेश कांग्रेस ने राजस्थान से एक लाख नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य रखा है.
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित कर रही है. राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के आह्वान पर होने वाली इस रैली में प्रदेशभर से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की अपील की गई है.
जयपुर में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता राजकुमार शर्मा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के हाथ मजबूत करने के लिए सभी कांग्रेस साथियों को रैली में भागीदारी निभानी चाहिए.
राजकुमार शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई में कांग्रेस के हर कार्यकर्ता की भूमिका अहम है. उन्होंने जयपुर सहित प्रदेश के सभी जिलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से रैली को सफल बनाने के लिए दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया.
कांग्रेस की ओर से दिल्ली में आयोजित होने वाली 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली में शामिल होने के लिए आज जैसलमेर के पोकरण विधानसभा क्षेत्र से सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता बसों के जरिए दिल्ली के लिए रवाना हुए. रैली को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला. इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद और पूर्व जिला प्रमुख अब्दुला फकीर ने हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया.
इस अवसर पर पूर्व मंत्री शाले मोहम्मद ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी के जरिए लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती और मताधिकार की रक्षा के लिए कांग्रेस लगातार आवाज उठा रही है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से दिल्ली पहुंचकर रैली में भागीदारी निभाने का आह्वान किया. पोकरण से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के दिल्ली रवाना होने के साथ ही क्षेत्र में रैली को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां देखने को मिलीं.
दिल्ली रैली की तैयारियों को लेकर 25 अक्टूबर को जयपुर में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी. बैठक में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने राजस्थान से कम से कम 1 लाख कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने का भरोसा दिलाया था. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. राष्ट्रीय स्तर पर रैली में 10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य बताया गया है.
दिल्ली महारैली के लिए राजस्थान के अलग-अलग जिलों और संगठनों ने अपने स्तर पर भीड़ जुटाने के आंकड़े पहले ही सामने रख दिए थे. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अलवर से 11 हजार लोगों को दिल्ली ले जाने का वादा किया है. वहीं जयपुर से प्रताप सिंह खाचरियावास ने 10 हजार कार्यकर्ताओं का लक्ष्य बताया है.
अजमेर से धर्मेंद्र राठौड़ ने 2 हजार लोगों को दिल्ली ले जाने का दावा किया है. इसके अलावा युवा कांग्रेस ने 5 हजार, NSUI ने 2,500 कार्यकर्ता, महिला कांग्रेस ने 500 से 600 कार्यकर्ता और कांग्रेस सेवादल ने भी 500 कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने की बात कही है.