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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और जर्नलिस्ट निधि राजदान ने एक दूसरे से शादी कर ली है. दोनों की ही यह दूसरी शादी है. इस बात की जानकारी दोनों ने अपने-अपने सोशल मीडिया हेंडल के जरिए दी है. उमर अब्दुल्ला ने इंस्टाग्राम पर निधि राजदान के साथ एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'कल एक नई यात्रा शुरू हुई.' उन्होंने इस पोस्ट में निधि राजदान को भी टैग किया. तकरीबन तीन महीने पहले ही सुप्रीम कोर्ट उमर अब्दुल्ला और उनकी पूर्व पत्नी पायल अब्दुल्ला के बीच तलाक को मंजूर किया था.
उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान ने 30 अक्तूबर 2026 को हुई है. 'द हिंदू' के मुताबिक दोनों की शादी 'स्पेशल मैरिज एक्ट' के तहत हुई है. अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया कि गवाहों में दोनों पक्षों के परिवार के सदस्य शामिल थे. उमर अब्दुल्ला और निधि राजधान ने जिस मैरिज एक्ट के तहत शादी है की है, उसकी खासियत है कि इसमें ना तो कबूल है, कबूल है, कबूल है बोलना पड़ता है और ना ही अग्नि के सात फेरे लेने होते हैं. चलिए जानते हैं कि यह स्पेशल मैरिज एक्ट क्या है?
'स्पेशल मैरिज एक्ट-1954' भारत का एक ऐसा कानून है, जिसके तहत दो बालिग लोग बिना कोई धर्म बदले एक दूसरे शादी कर सकते हैं. इस धर्म का मकसद भी था कि अलग-अलग धर्मों, जातियों और समुदायों के लोग को शादी के लिए कानूनी विकल्प मिल सके. इसके तहत अगर कोई शादी कर रहा है, तो यह जरूरी नहीं है कि किसी तरह की धार्मिक परंपराओं पर पालन किया जाए. इसी को आम भाषा में 'कोर्ट मैरिज कहा जाता है.'

यह बिल पूर्व कानून और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री सीसी बिस्वास ने 28 जुलाई 1952 में पेश किया था. दिलचस्प बात यह है कि भारत में 1954 से पहले भी स्पेशल मैरिज एक्ट मौजूद था. 1872 में ब्रिटिश शासन के दौरान ऐसा कानून बनाया गया था, लेकिन 1872 के कानून में कई सीमाएं थीं. नए कानून का मकसद उन कमियों को दूर करना और अलग-अलग धर्मों के लोगों के लिए सिविल मैरिज का रास्ता ज्यादा बड़ा बनाना था.
