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दिल्ली कूच की तैयारी में राजस्थान कांग्रेस: 1 नवंबर को दिल्ली में महारैली, एक लाख लोगों को ले जाने का लक्ष्य

राजस्थान कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के लिए एक लाख लोगों को ले जाने का लक्ष्य रखा है. PCC में कंट्रोल रूम बनाया गया है और विधानसभा वार पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं.

दिल्ली कूच की तैयारी में राजस्थान कांग्रेस: 1 नवंबर को दिल्ली में महारैली, एक लाख लोगों को ले जाने का लक्ष्य
Image Credit: Rajasthan Congress

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली को लेकर राजस्थान कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. प्रदेश कांग्रेस ने राजस्थान से एक लाख नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य रखा है. इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रदेश स्तर पर बैठकों से लेकर जिला और विधानसभा स्तर पर जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं. प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, वहीं जयपुर शहर कांग्रेस ने विधानसभा वार पर्यवेक्षक नियुक्त कर कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की कवायद शुरू कर दी है.


दिल्ली रैली की तैयारियों को लेकर 25 अक्टूबर को जयपुर में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी. बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राजस्थान से कम से कम एक लाख कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने का भरोसा दिलाया. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. राष्ट्रीय स्तर पर रैली में दस लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य बताया गया है.

रैली की तैयारियों और दिल्ली जाने वाले कार्यकर्ताओं के समन्वय के लिए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. प्रदेश संगठन महासचिव ललित तूनवाल के निर्देशानुसार कंट्रोल रूम के पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. कंट्रोल रूम के जरिए प्रदेश के प्रमुख नेताओं और जिला इकाइयों से संपर्क रखा जाएगा. दिल्ली जाने वाले कार्यकर्ताओं, बसों और अन्य वाहनों की जानकारी जुटाने के साथ रैली से जुड़ी व्यवस्थाओं का समन्वय भी किया जाएगा.

कांग्रेस इस बार दिल्ली पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं की संख्या का रिकॉर्ड रखने पर भी जोर दे रही है. जिला इकाइयों से दिल्ली जाने वाली बसों और अन्य वाहनों के नंबर, वाहन प्रभारियों के संपर्क विवरण और कार्यकर्ताओं की जानकारी मांगी जा रही है. रैली में भागीदारी की निगरानी के लिए रास्तों में चेक पोस्ट बनाने, वाहनों की वीडियोग्राफी कराने और कार्यकर्ताओं की संख्या दर्ज करने की तैयारी की खबरें भी सामने आई हैं. इस व्यवस्था के जरिए जिलों की भागीदारी का आकलन कर पार्टी नेतृत्व को रिपोर्ट भेजने की योजना है.

राजस्थान कांग्रेस की ओर से जिला स्तर पर भीड़ जुटाने के लक्ष्य तय किए जा रहे हैं.अलवर और भरतपुर जैसे जिलों से दस हजार या उससे अधिक लोगों को दिल्ली ले जाने की तैयारी है. जयपुर सहित अन्य जिलों के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं. जिलाध्यक्षों, विधायकों, सांसदों, पूर्व प्रत्याशियों और संगठन के पदाधिकारियों को कार्यकर्ताओं से संपर्क कर दिल्ली पहुंचने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है.


जयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने रैली में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विधानसभा वार पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं. इन पर्यवेक्षकों को संबंधित विधायकों, विधायक प्रत्याशियों, ब्लॉक अध्यक्षों, पार्षदों, मंडल और वार्ड अध्यक्षों से संपर्क करने की जिम्मेदारी दी गई है. दिल्ली जाने वाले वाहनों के नंबर जिला कांग्रेस कमेटी में जमा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं. इससे स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की भागीदारी और परिवहन व्यवस्था का समन्वय किया जा सकेगा.

इससे पहले रैली की तैयारियों के बीच राजस्थान युवा कांग्रेस ने जयपुर में शहीद स्मारक से प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय तक ‘दिल्ली चलो’ के बैनर तले पैदल मार्च निकाला. युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च के जरिए कार्यकर्ताओं को रैली के लिए लामबंद करने का प्रयास किया गया. कांग्रेस इस अभियान को मताधिकार और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराने के कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत कर रही है.

हालांकि राजस्थान कांग्रेस के सामने एक लाख लोगों को दिल्ली ले जाने के लक्ष्य के साथ-साथ पंचायत चुनावों के बीच संगठनात्मक गतिविधियों का समन्वय करना भी चुनौती है. प्रदेश के कई नेता और कार्यकर्ता पंचायत चुनाव से जुड़ी गतिविधियों में व्यस्त हैं. ऐसे में पार्टी के सामने जिला स्तर पर तय लक्ष्य पूरे करने, परिवहन की व्यवस्था करने और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है.

प्रदेश कांग्रेस ने बैठकों, कंट्रोल रूम, विधानसभा वार पर्यवेक्षकों और जिला स्तर की जिम्मेदारियों के जरिए रैली की तैयारियों का ढांचा तैयार किया है. अब इन तैयारियों का वास्तविक आकलन इस आधार पर होगा कि कितने कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचते हैं और जिला इकाइयां अपने निर्धारित लक्ष्य को किस हद तक पूरा कर पाती हैं. एक नवंबर की रैली राजस्थान कांग्रेस के लिए संगठनात्मक समन्वय और घोषित लक्ष्य को जमीन पर उतारने की अहम परीक्षा होगी.

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About the Author

Ashutosh Sharma

Ashutosh Sharma

आशुतोष शर्मा वर्ष 2011 से मुख्यधारा की मीडिया में सक्रिय एक वरिष्ठ पत्रकार हैं. डेढ़ दशक से अधिक के अपने समृद्ध पत्रकारिता करियर में उन्होंने इंडिया न्यूज़,ज़ी न्यूज़ और न्यूज़ नेशन जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों के साथ काम किया है. वर्तमान में वे ज़ी राजस्थान न्यूज़ में सीनियर स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत हैं और राजधानी जयपुर से राज्य के महत्वपूर्ण विषयों को कवर कर रहे हैं.उनकी मुख्य विशेषज्ञता राजस्थान की राजनीति,प्रशासनिक फैसलों,चुनाव और जनहित के मुद्दों के साथ-साथ अपराध और कानून-व्यवस्था की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग में है. पुलिस मुख्यालय (PHQ), जयपुर पुलिस कमिश्नरेट और विभिन्न जांच एजेंसियों से जुड़े बड़े व चर्चित मामलों की एक्सक्लूसिव कवरेज उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है. ब्रेकअप न्यूज़,गहन राजनीतिक विश्लेषण और एक्सक्लूसिव क्राइम स्टोरीज़ के ज़रिए आशुतोष शर्मा ने राजस्थान मीडिया जगत में अपनी एक विश्वसनीय और प्रभावशाली पहचान बनाई है.
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