राजस्थान के दौसा में पकड़े गए मादक पदार्थ तस्कर एक निजी विश्वविद्यालय के पास सप्लाई करने वाले थे. इससे पहले ही पुलिस ने छह तस्करों को पकड़ लिया. वहीं, फरार तीन तस्करों की तलाश की जा रही है. आईजी जयपुर रेंज राहुल प्रकाश ने कहा कि ड्रग माफिया के अंतरराज्यीय कनेक्शन का पता लगाया जा रहा है.
प्रदेश में नशे के कारोबार के खिलाफ जयपुर रेंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भांडारेज के पास पुलिस ने 293.5 ग्राम स्मैक के साथ छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जब्त स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई गई है. कार्रवाई के दौरान एक स्कॉर्पियो भी जब्त की गई है.
कोटा से दौसा तक फैले ड्रग नेटवर्क
जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश के मुताबिक, इस कार्रवाई के तार कोटा से लेकर दौसा और राजस्थान के दूसरे जिलों तक फैले कथित ड्रग नेटवर्क से जुड़े हैं. तीन संदिग्ध मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है. पुलिस अब इस नेटवर्क के दूसरे सदस्यों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है.
ड्रग सिंडिकेट से जुड़े अंतरराज्यीय कनेक्शन
राहुल प्रकाश ने बताया कि इस मामले में कुछ और लोगों को नामजद किया गया है, जिन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा. प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों के तार ड्रग सिंडीकेट से जुड़े हुए हैं, उनके अंतरराज्यीय कनेक्शनों का पता लगाया जा रहा है.
आईजी रेंज राहुल प्रकाश के मुताबिक कोटा के अहसान, शोएल अली, शाहनवाज खान, मुकीम, शाहरुख और मोहम्मद शोयल उर्फ बल्लू को पकड़ा था. इनके फरार साथियों सहित अन्य अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है. जांच में यह भी सामने आया है कि कथित ड्रग नेटवर्क के जरिए दौसा के अलावा जयपुर, अजमेर, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर सहित अन्य क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की सप्लाई किए जाने की आशंका है. इन जिलों के साथ ही माफिया गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा रहा है.
नशीले पदार्थों की डिलीवरी
अधिकारियों के मुताबिक, डील तय होने के बाद नशीले पदार्थों की डिलीवरी की जाती थी. जांच का फोकस कथित ड्रग सिंडिकेट के अंतरराज्यीय संपर्कों, सप्लाई चेन और पैसों के लेनदेन पर है.
छह आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में कोटा निवासी अहसान, शोएल अली, शाहनवाज खान, मुकीम, शाहरुख और मोहम्मद शोयल उर्फ बल्लू को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी अहसान के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज रहे हैं. हालांकि, इस पूरे नेटवर्क की भूमिका और आपसी संबंधों को लेकर जांच जारी है. इधर पुलिस अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि स्मैक की सप्लाई कहां से हो रही थी, इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं और इस नेटवर्क का वित्तीय तंत्र कितना बड़ा है.