बारां जिले के छबड़ा में डीएपी खाद की किल्लत को लेकर किसानों का आक्रोश फूट पड़ा. अलसुबह तीन बजे से खाद के टोकन के लिए कतारों में लगे सैकड़ों महिला-पुरुष किसानों को दोपहर तक खाद नहीं मिला तो उन्होंने छबड़ा-सालपुरा मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया. सूचना पर किसान नेता नरेश मीणा भी मौके पर पहुंचे. पेड़ पर चढ़कर किसानों को संबोधित किया और बाद में हजारों किसानों के साथ एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए. किसानों ने कृषि मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सभी किसानों को खाद उपलब्ध कराने की मांग की.
दोपहर तक खाद नहीं मिलने पर किसानों ने लगाया जाम
दरअसल, छबड़ा के खेल मैदान में आज डीएपी खाद वितरण के लिए टोकन किए जाने थे. इसको लेकर खाद लेने के लिए सुबह तीन बजे से ही बड़ी संख्या में किसान महिलाएं और पुरुष कतारों में लग गए, लेकिन दोपहर तक खाद नहीं मिलने से किसानों का सब्र जवाब दे गया. आक्रोशित किसानों ने छबड़ा-सालपुरा मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया.
पेड़ पर चढ़कर किसानों को संबोधित किया
सूचना मिलने पर किसान नेता और भगत सिंह सेवा के प्रमुख नरेश मीणा मौके पर पहुंचे. उन्होंने खेल मैदान में पेड़ पर चढ़कर किसानों को संबोधित किया. इसके बाद नरेश मीणा हजारों किसानों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए. उन्होंने प्रशासन को सभी किसानों को खाद उपलब्ध कराने के बाद ही धरना समाप्त करने का अल्टीमेटम दिया.
अधिकारियों ने दो दिन में 6,400 कट्टे खाद देने का दिया आश्वासन
नरेश मीणा ने जिला कलेक्टर से फोन पर वार्ता के बाद एसडीएम, डीएसपी और कृषि विभाग के अधिकारियों से भी बातचीत की. अधिकारियों ने आज और कल, दो दिन में 3,200-3,200 कट्टे खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. इसके बाद खाद की उपलब्धता को लेकर प्रशासन और किसानों के बीच वार्ता हुई.
दस दिन तक आमरण अनशन पर बैठे थे नरेश मीणा
गौरतलब है कि किसान नेता नरेश मीणा हाल ही में किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने सहित विभिन्न मांगों को लेकर दस दिन तक आमरण अनशन पर बैठे थे. उस दौरान प्रशासन ने किसानों की समस्याओं के समाधान और पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था. अब छबड़ा में खाद नहीं मिलने पर किसानों के प्रदर्शन के बीच एक बार फिर खाद की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.
Reporter - Ram Mehta