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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की करैरा (शिवपुरी) में हुई कथा के दौरान भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंगों को लेकर उठे विवाद की गूंज अब राजस्थान के कोटा में भी सुनाई दी. बागेश्वर धाम शिष्य मंडल कोटा के सदस्यों ने इस मामले में विरोध जताते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर अखिलेश यादव, पप्पू यादव और दामोदर यादव के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए. इसके बाद जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर तीनों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की.
बागेश्वर धाम शिष्य मंडल के सदस्य अनुज सिंह ने आरोप लगाया कि करैरा में कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के संदर्भ में अपने भाव व्यक्त किए थे, लेकिन कथा के पूरे प्रसंग को सुने और समझे बिना उसके छोटे-छोटे वीडियो क्लिप काटकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए. आरोप है कि वीडियो की एडिटिंग कर गुरुदेव के वक्तव्य को संदर्भ से अलग पेश किया गया, जिससे उनके भावों का गलत अर्थ निकाला गया. अनुज सिंह ने कहा कि इस तरह की अधूरी क्लिप और टिप्पणियों से देशभर के सनातन धर्मावलंबियों में नाराजगी है.
शिष्य मंडल की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में अखिलेश यादव, पप्पू यादव और दामोदर यादव के बयानों पर आपत्ति जताई गई है. अनुज सिंह ने आरोप लगाया कि इन लोगों की बयानबाजी से बागेश्वर धाम के श्रद्धालुओं और अनुयायियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. शिष्य मंडल ने प्रशासन से पूरे मामले का संज्ञान लेकर संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की. ज्ञापन में गुरुदेव के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाओं का भी उल्लेख किया गया है.
अनुज सिंह ने कहा कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का भगवान श्रीकृष्ण और बांके बिहारी जी के प्रति पूरा श्रद्धा और प्रेम भाव है. उन्होंने पिछले साल निकाली गई हिंदू राष्ट्र पदयात्रा का हवाला देते हुए कहा कि इस यात्रा में बांके बिहारी जी के मंदिर को भव्य बनाने, यमुना की स्वच्छता और ब्रज क्षेत्र में मांस-मदिरा बंद करवाने जैसे संकल्प शामिल थे. उन्होंने कहा कि गुरुदेव सभी सनातनियों और समाज के अलग-अलग वर्गों को साथ लेकर चलने का प्रयास करते हैं.
अनुज सिंह के मुताबिक, गुरुदेव ने विवाद के बीच अपना भाव स्पष्ट करते हुए माफीनामा भी दिया है, जबकि शिष्य मंडल का मानना है कि उनके वक्तव्य को गलत संदर्भ में समझा गया. उन्होंने कहा कि धार्मिक भजनों और परंपराओं में बांके बिहारी जी के स्वरूप का अलग-अलग भावों में वर्णन मिलता है. ऐसे में किसी कथन को उसके पूरे संदर्भ से अलग करके विवाद खड़ा करना उचित नहीं है.
अनुज सिंह ने इस विवाद को राजनीतिक रंग दिए जाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक कारणों से धार्मिक मुद्दे को तूल दिया जा रहा है. शिष्य मंडल का कहना है कि धार्मिक कथाओं और संतों के वक्तव्यों को पूरा सुने बिना उनपर टिप्पणी करने से समाज में अनावश्यक तनाव पैदा हो सकता है. कोटा में शिष्य मंडल की ओर से कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की गई.
Report- Chetan Gujar