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Alwar News: अलवर के खेड़ली कस्बे में मंगलवार सुबह बांदीकुई पैसेंजर ट्रेन के बेपटरी होने की घटना सामने आई. ईदगाह से बांदीकुई जा रही मेमू ट्रेन के इंजन के बाद दूसरी बोगी के पहिये पटरी से उतर गए. घटना के बाद रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया और ट्रेन में बैठे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया. फिलहाल हादसे में किसी यात्री के घायल होने या जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
सुबह 11:30 बजे मोती का नंगला फाटक के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे खेड़ली कस्बे के मोती का नंगला रेलवे फाटक के पास हुई. रेलवे खंभा नंबर 96/8 के नजदीक ट्रेन की दूसरी बोगी के पहिये पटरी से उतर गए. संबंधित बोगी का नंबर 228236/C बताया जा रहा है. अचानक हुई इस घटना से ट्रेन में सवार यात्रियों में हलचल मच गई.
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और रेलवे टीम
ट्रेन के बेपटरी होने की जानकारी मिलते ही खेड़ली आरपीएफ और सिविल पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं. रेलवे के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. फिलहाल ट्रेन के पहिये पटरी से उतरने की वजह सामने नहीं आई है. अधिकारियों की जांच के बाद ही हादसे के कारणों का पता चल सकेगा.
रेलवे लाइन की शिफ्टिंग का काम भी चल रहा
खेड़ली से नदबई तक रेलवे लाइन की शिफ्टिंग का काम भी चल रहा है. ऐसे में इस घटना के बाद रेलवे ट्रैक और निर्माण कार्य से जुड़े पहलुओं की जांच भी अहम मानी जा रही है. हालांकि, ट्रेन के बेपटरी होने का लाइन शिफ्टिंग के काम से कोई संबंध है या नहीं, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी.
ट्रेन चालक ने फिलहाल जानकारी देने से किया इनकार
घटना के संबंध में ट्रेन चालक अमरनाथ चौबे से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फिलहाल कुछ भी बताने से इनकार कर दिया. चालक का कहना था कि वह अभी ऐसी स्थिति में नहीं हैं कि घटना के बारे में जानकारी दे सकें.
फिलहाल रेलवे अधिकारी हादसे की वजह का पता लगाने में जुटे हैं. जांच के साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि घटना का रेल परिचालन पर कितना असर पड़ा और ट्रेन को दोबारा पटरी पर लाने के लिए क्या कदम उठाए गए.
किन कारणों से ट्रेन पटरी से उतरती है?
ट्रेन के पटरी से उतरने यानी डिरेलमेंट के पीछे कई कारण हो सकते हैं. इनमें ट्रेन के पहियों, बेयरिंग, एक्सेल या ब्रेक में खराबी, रेलवे ट्रैक का टूटना या कमजोर होना, पटरी के नीचे की मिट्टी या गिट्टी का धंसना और ट्रैक के जॉइंट ढीले होना शामिल हैं. इसके अलावा, सिग्नल की अनदेखी, तय सीमा से ज्यादा रफ्तार, रेलवे ट्रैक के पॉइंट में गड़बड़ी या पटरी पर किसी भारी वस्तु के आ जाने से भी हादसा हो सकता है. भारी बारिश, बाढ़, भूस्खलन और तेज आंधी-तूफान जैसी प्राकृतिक घटनाएं भी ट्रेन के बेपटरी होने की वजह बन सकती हैं. वहीं, पुरानी पटरियों और कोचों का सही तरीके से रखरखाव नहीं होने पर भी दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है. हालांकि, किसी खास हादसे की वास्तविक वजह रेलवे की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होती है.