अजमेर मेयर चुनाव में नया पेंच, कांग्रेस प्रत्याशी पर 18 लाख की रिकवरी, निगम कार्यालय के बाहर नारेबाजी
Ajmer Mayor Election: अजमेर नगर निगम के मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल के नाम 18 लाख रुपए की रिकवरी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. निगम की आपत्ति के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पंचशील स्थित नए कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. वहीं भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच अन्य प्रत्याशियों पर लगी आपत्तियों को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप हुए. स्थिति को देखते हुए निगम कार्यालय पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया.
Ajmer Mayor Chunav: अजमेर नगर निगम में मेयर पद के चुनाव से पहले विवाद गहरा गया है. कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी किरण गढ़वाल के नाम निगम की ओर से करीब 18 लाख रुपए की बकाया राशि की रिकवरी सामने आने के बाद कांग्रेस में आक्रोश है. कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई को लेकर निगम प्रशासन पर सवाल उठाए. पंचशील स्थित नगर निगम के नए भवन के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया.
18 लाख की रिकवरी को लेकर कांग्रेस नाराज
बताया गया कि किरण गढ़वाल के पति दिनेश गढ़वाल से जुड़े समारोह स्थल को लेकर निगम की ओर से करीब 18 लाख रुपए की रिकवरी निकाली गई है. इसी राशि को मेयर चुनाव में आपत्ति के तौर पर सामने रखा गया. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया के बीच इस तरह की आपत्ति से राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ है. कांग्रेस शहर प्रवक्ता शैलेश गुप्ता समेत कई नेताओं ने मामले पर नाराजगी जताई.
निगम कार्यालय के बाहर जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता
आपत्तियों पर सुनवाई के दौरान कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता निगम कार्यालय पहुंचे. कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की. कांग्रेस की ओर से भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया गया. हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है.
भाजपा नेता भी सुनवाई के दौरान मौजूद
मेयर पद के लिए दाखिल नामांकन पर आपत्तियों की सुनवाई के दौरान भाजपा के शहर अध्यक्ष रमेश सोनी सहित कई वरिष्ठ नेता निगम कार्यालय में मौजूद रहे. भाजपा की ओर से कहा गया कि प्रत्याशी से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद नियमों के तहत आपत्ति दर्ज कराई गई है. रमेश सोनी ने इसे राजनीतिक साजिश के आरोपों को खारिज करते हुए अपनी पार्टी का पक्ष रखा.
अन्य प्रत्याशियों को लेकर भी विवाद
इस बीच भाजपा के बागी और पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत तथा बार अध्यक्ष योगेंद्र ओझा भी निगम कार्यालय पहुंचे. दोनों ने वार्ड नंबर 4 की प्रत्याशी मोनिका जैन के खिलाफ लगाई गई आपत्ति पर अब तक जवाब नहीं दिए जाने का आरोप लगाया. धर्मेंद्र गहलोत ने देर रात निगम कार्यालय पहुंचकर फाइलें निकाले जाने का आरोप भी लगाया. इन आरोपों को लेकर भी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं.
सुरक्षा के लिए भारी पुलिस जाब्ता
विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए निगम के पंचशील स्थित नए भवन पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया. निगम के मुख्य द्वारों को पुलिस सुरक्षा के दायरे में रखा गया. अब मेयर चुनाव की प्रक्रिया में सामने आई आपत्तियों पर होने वाली सुनवाई और उनके फैसले पर सभी की नजर है.