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राजस्थान निकाय चुनाव: Gen-Z चमके, दिग्गजों के बूथों पर हारी पार्टी, कई BJP प्रत्याशियों की जमानत जब्त!

Rajasthan Nikay Chunav: राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों में इस बार Gen-Z का स्वैग साफ दिखाई दिया. 21 साल की नेहा शर्मा ने थानागाजी से BJP के टिकट पर जीत दर्ज की, जबकि जयपुर के वार्ड 71 से 21 साल के फैज हसन कांग्रेस के टिकट पर विजेता बने. जहाजपुर में निर्दलीय सानिया खानम भी चर्चा में रहीं. जयपुर में दिग्गज नेताओं के मतदान वाले वार्डों के नतीजों ने भी चौंकाया, वहीं महिला पार्षदों की संख्या ने भी नई तस्वीर पेश की.

राजस्थान निकाय चुनाव: Gen-Z चमके, दिग्गजों के बूथों पर हारी पार्टी, कई BJP प्रत्याशियों की जमानत जब्त!
Image Credit: Rajasthan News

Rajasthan Politics News: राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों में इस बार युवा चेहरों ने खास ध्यान खींचा है. थानागाजी नगरपालिका के वार्ड नंबर 6 से BJP की 21 साल की नेहा शर्मा ने जीत दर्ज की. उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को 101 वोटों से हराया. नेहा की जीत इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि थानागाजी में मुकाबला कांटे का रहा और पार्टी के मुताबिक BJP उम्मीदवारों में उनका जीत का अंतर सबसे अधिक रहा.

राजस्थान की सियासत में Gen-Z की एंट्री अब सिर्फ चर्चाओं और नारों तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी नतीजों में भी इसका असर दिखाई देने लगा है. नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने 21 से 29 साल की उम्र के कई युवा चेहरों को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा था. अब नतीजों में भी इन युवा उम्मीदवारों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. राजधानी जयपुर में Gen-Z के तीन चेहरों ने पहली बार चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर पार्षद की कुर्सी तक पहुंचने में कामयाब रहे.

21 साल के फाईज हसन ने वार्ड 71 में दर्ज की जीत

जयपुर के वार्ड नंबर 71 से कांग्रेस ने 21 वर्षीय फाईज हसन को चुनाव मैदान में उतारा था. फाईज ने भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की. जीत के बाद उनके घर पर जश्न का माहौल है. फाईज का कहना है कि Gen-Z को राजनीति में आगे आना चाहिए. उनके मुताबिक युवा सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित न रहें, बल्कि देश और समाज से जुड़े मुद्दों को समझें और उनके समाधान के लिए राजनीति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें. इसी सोच के साथ उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला किया.

22 साल की सुमन भाटी ने भी जीता पहला चुनाव

Gen-Z की दूसरी बड़ी जीत जयपुर के वार्ड नंबर 72 में देखने को मिली. यहां कांग्रेस की 22 वर्षीय सुमन भाटी ने अपना पहला चुनाव जीतकर नगर निगम में जगह बनाई. रिपोर्ट के मुताबिक सुमन ने निर्दलीय प्रत्याशी को 2,364 वोटों के अंतर से हराया. जीत के बाद सुमन ने युवाओं के लिए काम करने की बात कही. इसके साथ ही उन्होंने अपने वार्ड में लाइब्रेरी और CCTV कैमरे लगाने जैसे मुद्दों पर काम करने की बात कही है.

भाजपा की 21 साल की पलक यादव भी जीतीं

Gen-Z की इस सियासी तस्वीर में भाजपा का युवा चेहरा भी शामिल है. वार्ड नंबर 10 से 21 वर्षीय पलक यादव ने कांग्रेस प्रत्याशी को 925 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की. चुनाव जीतने के बाद पलक ने युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों और बच्चों के लिए काम करने की बात कही. उनकी जीत ने जयपुर निगम में युवा प्रतिनिधित्व की तस्वीर को और मजबूत किया है.

मैदान में उतरे थे 18 Gen-Z उम्मीदवार

जयपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने कुल 18 Gen-Z उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था. इनमें भाजपा के 6 और कांग्रेस के 12 उम्मीदवार शामिल थे. इनकी उम्र 21 से 29 वर्ष के बीच थी. अब फाईज हसन, सुमन भाटी और पलक यादव की जीत ने जयपुर की स्थानीय राजनीति में युवा चेहरों की मौजूदगी को खास बना दिया है. तीनों ने पहली बार चुनाव लड़ा और जीतकर निगम में अपनी जगह बनाई.

क्या युवा नेतृत्व का बढ़ेगा असर?

फाईज, सुमन और पलक की जीत सिर्फ तीन वार्डों का चुनाव परिणाम नहीं है, बल्कि स्थानीय राजनीति में नई पीढ़ी की बढ़ती भागीदारी की तस्वीर भी पेश करती है. इस चुनाव में युवा मतदाताओं के साथ युवा उम्मीदवारों ने भी अपनी जगह बनाई है. जयपुर में Gen-Z के इन तीन चेहरों की जीत के बाद अब सवाल यही है कि क्या आने वाले समय में राजस्थान की स्थानीय राजनीति में युवा नेतृत्व की भूमिका और मजबूत होगी?

जयपुर में 21 साल के फैज हसन की जीत
जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 71 से 21 साल के फैज हसन ने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की. फैज हसन को 5,426 वोट मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी मोहम्मद सलीम को 5,256 वोट मिले. BJP प्रत्याशी निशा गौड़ तीसरे स्थान पर रहीं. यानी यहां जीत का अंतर महज 170 वोट रहा.


जहाजपुर की सानिया भी चर्चा में
जहाजपुर नगरपालिका के वार्ड नंबर 6 से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज करने वाली सानिया खानम भी चुनाव परिणाम के बाद चर्चा में हैं. चुनाव लड़ने के फैसले को Gen-Z प्रोटेस्ट से प्रभावित बताते हुए दिए गए उनके बयान के चलते वह पहले ही सुर्खियों में आ चुकी थीं.


नेताओं के अपने वार्ड में उलटफेर
जयपुर निगम चुनाव में कई बड़े नेताओं के मतदान वाले वार्डों के नतीजे भी चौंकाने वाले रहे. डिप्टी CM दीया कुमारी के मतदान वाले वार्ड 141 और सांसद मंजू शर्मा के मतदान वाले वार्ड 76 में BJP ने जीत दर्ज की. वहीं सचिन पायलट के मतदान वाले वार्ड 97 में कांग्रेस हार गई. यहां BJP के शशि प्रकाश शर्मा ने जीत दर्ज की. राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के मतदान वाले वार्ड 28 में BJP को झटका लगा और कांग्रेस के रविंद्र सिंह शेखावत विजेता रहे. बालमुकुंदाचार्य के मतदान वाले वार्ड 26 में भी BJP हार गई. यहां निर्दलीय सुशीला ने 7,944 वोट हासिल कर जीत दर्ज की. सतीश पूनिया के मतदान वाले वार्ड 34 की तस्वीर अभी बाकी है. EVM में तकनीकी खराबी के चलते दो बूथों पर री-पोल होना है.

BJP प्रत्याशियों की जमानत भी जब्त
जयपुर नगर निगम चुनाव में BJP के कुछ प्रत्याशियों का प्रदर्शन भी चर्चा में रहा. वार्ड 113 में BJP प्रत्याशी फरीद्दूदीन को 990 वोट मिले और उनकी जमानत जब्त हो गई. वहीं वार्ड 119 में BJP के यश राणावत 539 वोट पर सिमट गए और उनकी भी जमानत जब्त हुई.


हर तीसरी विजेता महिला
जयपुर नगर निगम के 146 नतीजों में हर तीसरा विजेता महिला रही. अब तक 50 महिलाएं पार्षद बनी हैं, जिनमें 47 पहली बार निगम पहुंची हैं. इनमें BJP की 24, कांग्रेस की 19 और 7 निर्दलीय महिला प्रत्याशी शामिल हैं. अनारक्षित वार्ड 47 से दीपा नाथावत ने भी जीत दर्ज की. महिला विजेताओं में कांग्रेस की संजीदा बेगम को सबसे ज्यादा 9,749 वोट मिले हैं. री-पोल वाले चार वार्डों में तीन जगह महिला दावेदार हैं, ऐसे में महिला पार्षदों की संख्या बढ़ सकती है. कुल मिलाकर राजस्थान निकाय चुनाव में एक तरफ बड़े नेताओं के अपने वार्डों के नतीजों ने चौंकाया, तो दूसरी तरफ Gen-Z और पहली बार चुनाव जीतने वाली महिलाओं ने स्थानीय राजनीति की नई तस्वीर पेश की है.

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About the Author

Ansh Raj

Ansh Raj

अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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