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भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीम अपनी पारंपरिक खेल पहचान को बहाल करने के उद्देश्य से एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाने जा रही है. हाल ही में विजुअल रीब्रांडिंग को लेकर प्रशंसकों की भारी नाराजगी और सार्वजनिक विरोध के बाद टीम अब आगामी एशियन गेम्स 2026 में विवादित ऑरेंज जर्सी को छोड़कर अपनी प्रतिष्ठित ब्लू जर्सी में वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार है. हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने जी न्यूज से एक्सक्लूसिव बातचीत में इसका खुलासा किया.
नई दिल्ली में एशियन गेम्स में भाग लेने जा रहे भारतीय दल के लिए आयोजित आधिकारिक विदाई समारोह (Send-off ceremony) के दौरान जी न्यूज से विशेष बातचीत में दिलीप तिर्की ने अलग-अलग मामलों पर खुलासे किए. किट से जुड़ा यह विवाद तब शुरू हुआ था जब बेल्जियम और नीदरलैंड में आयोजित एफआईएच वर्ल्ड कप के दौरान भारतीय टीम ने पहली बार भगवा डिजाइन वाली जर्सी पहनी थी. इस बदलाव के कारण खेल संस्था के भीतर काफी आंतरिक मतभेद पैदा हुए. तिर्की ने खुलासा किया कि जर्सी के रंग को बदलने का शुरुआती फैसला कार्यकारी बोर्ड की औपचारिक सहमति या जानकारी के बिना ही लिया गया था.
जर्सी के रंगों को लेकर आधिकारिक रुख क्या है?
नई दिल्ली कार्यक्रम के दौरान इस मुद्दे पर बात करते हुए तिर्की ने किट रोटेशन पर बोर्ड का आधिकारिक पक्ष साफ किया. उन्होंने जी न्यूज से कहा, "ऑरेंज जर्सी हॉकी इंडिया की स्थायी जर्सी नहीं है. हम एशियन गेम्स में ब्लू जर्सी ही पहनेंगे. ब्लू हमारा पहला और प्राथमिक रंग है, जबकि ऑरेंज दूसरा (अल्टरनेट) रंग है. आगे चलकर हम ऑरेंज किट को और बेहतर बनाने के लिए इसमें कुछ बदलाव या संशोधन कर सकते हैं.''

क्या जर्सी बदलने में सरकार की कोई भूमिका थी?
दिलीप तिर्की ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि आंतरिक चूक के कारण यह शुरुआती बदलाव हुआ था और उन्होंने सरकार को इसमें किसी भी तरह शामिल होने से पूरी तरह अलग रखा. उन्होंने कहा, ''गलतियां हुईं और मैं इसे स्वीकार करता हूं. जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, मुझे इस फैसले की पूरी जानकारी नहीं थी. हम इसे ठीक कर रहे हैं. सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है. कुछ अधिकारियों से गलती हुई थी और हम इस पर और जानकारी जुटा रहे हैं. एशियन गेम्स के लिए ब्लू ही हमारी पहली जर्सी होगी.''
एशियन गेम्स हॉकी टीम के लिए कितना अहम है?
आइची-नागोया में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स 2026 का महत्व केवल क्षेत्रीय वर्चस्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक खेलों के लिए सीधा क्वालिफिकेशन मार्ग भी प्रदान करता है. हालिया अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मिले झटकों से उबरने के लिए पुरुषों और महिलाओं दोनों टीमों पर बेहतरीन प्रदर्शन का भारी दबाव है.

महिला हॉकी टीम से एशियन गेम्स में क्या उम्मीदें हैं?
जी न्यूज से बातचीत के दौरान महिला टीम का आकलन करते हुए तिर्की ने उनके प्रदर्शन पर गहरा विश्वास जताया. उन्होंने कहा, ''वर्ल्ड कप के दौरान महिला टीम का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा था. हमने ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को बराबरी पर रोका था. हमें उम्मीद है कि एशियन गेम्स में भी महिला टीम का प्रदर्शन शानदार रहेगा और वे अपना ओलंपिक बर्थ हासिल करने में सफल होंगी.''
पुरुष हॉकी टीम के प्रदर्शन पर दिलीप तिर्की ने क्या कहा?
वर्ल्ड कप में पुरुष टीम के आठवें स्थान पर रहने के निराशाजनक नतीजे पर बात करते हुए तिर्की ने व्यावहारिक समीक्षा दी. उन्होंने टीम की फिटनेस और मानसिकता का समर्थन करते हुए कहा, ''हां, पुरुष टीम का प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा. हर कोई जानता है कि कहां गलतियां हुईं—खिलाड़ी, कोच और सपोर्ट स्टाफ सभी इससे वाकिफ हैं. हालांकि, हमारी टीम अनफिट नहीं है, मैदान पर केवल कुछ छोटी-मोटी गलतियां हुईं. हम एशियन गेम्स का स्तर जानते हैं और खिलाड़ियों की सोच सकारात्मक है. अगर हम वहां जीत हासिल करते हैं, तो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर लेंगे.''