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सिंगरौली जिले के मोरवा थाना क्षेत्र के भूसा मोड़ में शनिवार शाम 26 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की मौत का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि निधि तिवारी की फांसी लगाने से मौत हुई है. परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद मोरवा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. इस बीच मृतका की मां ने सोनू सिंह नाम के एक युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि घटना के समय उनकी बेटी उससे वीडियो कॉल पर बातचीत कर रही थी. मां ने आरोप लगाया है कि यदि युवक ने समय रहते उन्हें जानकारी दी होती तो शायद उनकी बेटी की जान बचाई जा सकती थी. परिजनों का कहना है कि निधि कमरे में अकेले रहती थीं.
मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 7:30 बजे निधि अपने कमरे में थीं. इसी दौरान उनके साथ वीडियो कॉल पर बातचीत कर रहे सोनू सिंह ने परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी. मृतका की मां का कहना है कि सोनू ने उन्हें बताया कि निधि कुछ करने वाली है, उसे बचा लीजिए. इसके बाद जब परिजन घर पहुंचे तो ऊपर के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था. मां और अन्य परिजनों ने दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद निधि के दामाद को सूचना दी गई, जो उसी शहर में मौजूद थे. वह मौके पर पहुंचे और सब्बल की मदद से दरवाजा तोड़ा गया. कमरे के अंदर निधि पंखे से फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिली. परिजन उन्हें तत्काल नीचे उतारकर अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.
वीडियो कॉल पर बातचीत
मृतका की मां ने बताया कि घटना के समय निधि सोनू सिंह नाम के युवक से वीडियो कॉल पर बातचीत कर रही थी. मां का आरोप है कि जब सोनू ने वीडियो कॉल पर निधि को फांसी के फंदे पर लटका देखा, तब उसने फोन कर परिजनों को सूचना दी. मां का कहना है कि यदि समय रहते उन्हें जानकारी मिल जाती तो शायद उनकी बेटी को बचाया जा सकता था. उन्होंने पुलिस से मांग की है कि वीडियो कॉल, मोबाइल फोन की कॉल हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जाए.
कौन है इंजीनियर सोनू सिंह?
उन्होंने बताया कि निधि तिवारी उनकी सबसे बड़ी बेटी थी. वह मोरवा के होटल जीएस ग्रैंड में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर जॉब करती थी, क्योंकि इस एरिया में नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड यानी NCL के ऑफिस हैं. यहां लोगों का आना-जाना बना रहता है. NCL आउटसोर्सिंग के तहत काम करने वाली एक कंपनी में इंजीनियर सोनू सिंह पंजाब का रहने वाला है. वह अक्सर सिंगरौली आता था और इसी होटल में रुकता था. इसी दौरान दोनों की जान-पहचान हुई और दोस्ती प्यार में बदल गई.
आए दिन गाली - गलौज
मृतका की मां हेमलता तिवारी ने बताया कि निधि की कमाई से ही पूरे परिवार का भरण-पोषण होता था. वह उनके लिए बेटी नहीं, बल्कि बेटे की तरह थी. निधि सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों के माध्यम से कमाई करती थी. मां का कहना है कि कुछ साल पहले निधि मोरवा के ही एक होटल में काम करती थी. इसी दौरान उसकी पहचान सोनू सिंह नाम के एक युवक से हुई थी. इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और निधि प्रतिदिन शाम करीब 6 बजे से लेकर 7-8 बजे तक उससे फोन पर बात करती थी. मां का कहना है कि यह सिलसिला कई वर्षों से चल रहा था. इसकी पुष्टि मोबाइल फोन की कॉल हिस्ट्री से हो सकती है.
मां ने आरोप लगाया कि सोनू सिंह आए दिन निधि के साथ अभद्रता करता था, गाली-गलौज करता था. उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था. निधि ने कई बार अपनी मां को बताया था कि सोनू उसे धमकाता था. दूसरे लोगों से बातचीत करने को लेकर भी उस पर दबाव बनाता था. मां ने आगे बताया कि सोनू सिंह शादीशुदा है. उसके बच्चे भी हैं. कई बार जब निधि और सोनू के बीच फोन पर बहस होती थी, तो मां ने भी निधि का फोन लेकर सोनू से बात की थी. उन्होंने युवक से अपनी बेटी से दूर रहने और अपने परिवार तथा बच्चों पर ध्यान देने के लिए कहा था. इसके बावजूद दोनों के बीच बातचीत जारी रही.
मां ने यह भी बताया कि निधि ने उन्हें जानकारी दी थी कि कई साल पहले जब सोनू मोरवा आया था, तब वह उसके साथ घूमने भी गई थी. अब निधि की मौत के लिए उसकी मां सोनू सिंह को जिम्मेदार मान रही हैं. उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मोबाइल फोन की कॉल हिस्ट्री, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जाए. उन्होंने मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है. हालांकि, युवक पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है.
कमरे में अकेले रहती थी निधि
मृतका के परिजनों ने बताया कि निधि ज्यादातर अपने कमरे में अकेले रहना पसंद करती थीं. वह अपने कमरे में किसी को भी आने की अनुमति नहीं देती थीं. अपनी सुरक्षा के लिहाज से उन्होंने एक कुत्ता भी पाल रखा था, जो उनकी आवाज सुने बिना किसी भी व्यक्ति को छत पर प्रवेश नहीं करने देता था. परिजनों का कहना है कि निधि का आसपास के पड़ोसियों से भी ज्यादा संपर्क नहीं था. वह पड़ोस में रहने वाले लोगों से दूरी बनाए रखती थीं.
पिता करीब 15 साल से परिवार से अलग
परिजनों ने बताया कि निधि के पिता पिछले करीब 15 वर्षों से घर से बाहर रहते हैं. परिवार के साथ नहीं रहते. निधि अपनी मां और बहनों के साथ रहती थीं. उनकी दो बहनें भी हैं, जिनमें से एक स्कूल में पढ़ाई कर रही है, जबकि दूसरी की शादी हो चुकी है. निधि की कमाई से ही परिवार का भरण-पोषण होता था. मां का कहना है कि सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों से होने वाली कमाई से परिवार का खर्च चलता था.
पंचपखोरा में बनवा रही थी मकान
मां ने बताया कि निधि बैढ़न के पंचपखोरा में एक मकान भी बनवा रही थीं. मकान का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ था. परिवार को उम्मीद थी कि निधि अपने सपनों का घर पूरा कर परिवार को बेहतर जीवन देगी, लेकिन इससे पहले ही उनकी मौत हो गई. निधि की असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है.
मिली जानकारी के मुताबिक, निधि तिवारी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थीं. उनके फेसबुक प्रोफाइल पर मौत से करीब एक दिन पहले किया गया एक पोस्ट अब चर्चा में है. पोस्ट में उन्होंने लिखा था, 'इस अधूरे दिल को किसी ने पूरा नहीं किया, मैंने खुद से पूरा कर दिया. इसलिए कहा जाता है खुद से प्यार करो, किसी और से नहीं. खुद में खुद को तलाश करो, किसी और में आखिर कब तक तलाशोगे?' निधि की मौत के बाद यह पोस्ट चर्चा में है. हालांकि, इस पोस्ट का उनकी मौत से कोई सीधा संबंध था या नहीं यह जांच का विषय है. पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है.
स्थानीय कार्यक्रमों में भी लेती थीं हिस्सा
परिजनों ने आगे बताया कि निधि सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थीं. स्थानीय स्तर पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में पहचान रखती थीं. वह विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेती थीं. ब्यूटी कॉन्टेस्ट में भी खिताब हासिल करने की बात सामने आई है. सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी अच्छी पहचान थी. वह अपनी कमाई से परिवार का सहयोग करती थीं.
पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच
मोरवा थाना प्रभारी डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. परिजनों सहित संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है. घटना के समय वीडियो कॉल पर बातचीत, मोबाइल फोन की कॉल हिस्ट्री, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच से मामले की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकती हैं. निधि की मौत के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
(रिपोर्टः अजय दुबे, सिंगरौली)