)
सिंहस्थ-2028 में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर रेल सुविधाएं देने के लिए रेलवे ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. उज्जैन के मुख्य रेलवे स्टेशन के साथ आसपास के स्टेशनों को भी विकसित किया जा रहा है. इसी योजना के तहत पंवासा और लेकोड़ा रेलवे स्टेशनों का विस्तार कर उन्हें ग्रुप-बी श्रेणी के स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा. उज्जैन और उसके आस-पास के छह रेलवे स्टेशनों के लिए 580 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों का प्रस्ताव है. इस बजट का सबसे बड़ा हिस्सा उज्जैन स्टेशन को मिलेगा. यहां 281.67 करोड़ की लागत से 17 प्रोजेक्ट पूरे किए जाएंगे. स्टेशन पर तीन नए फुट-ओवरब्रिज, चार होल्डिंग बिल्डिंग, यात्रियों के लिए अतिरिक्त वेटिंग एरिया और स्टेब्लिंग लाइनें बनाई जाएंगी. ये सुविधाएं सिंहस्थ के दौरान एक साथ जुटने वाली तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को संभालने में अहम भूमिका निभाएंगी.
पश्चिम रेलवे जनसम्पर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है. इसे देखते हुए इन दोनों स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने के साथ ट्रेनों के संचालन को बेहतर बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है.
ट्रेनों के संचालन में मिलेगी सुविधा
दोनों स्टेशनों पर अतिरिक्त लूप लाइनें बनाई जाएंगी. इससे ट्रेनों को एक-दूसरे के गुजरने और संचालन में सुविधा मिलेगी. सिंहस्थ के दौरान जब ट्रेनों की आवाजाही बढ़ेगी, तब इन व्यवस्थाओं से रेल यातायात को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी.
यात्रियों के लिए बनेंगे होल्डिंग एरिया
रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए होल्डिंग एरिया भी विकसित किए जाएंगे. यहां श्रद्धालुओं के रुकने और इंतजार करने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर कवर शेड, रोशनी, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाएगी. पश्चिम रेलवे जनसम्पर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि इन विकास कार्यों के टेंडर जारी किए जा चुके हैं और काम की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं को स्टेशन पर बेहतर सुविधाएं देने और भीड़ को व्यवस्थित रखने में पंवासा और लेकोड़ा स्टेशनों का विकास अहम भूमिका निभाएगा.
(अनिमेश सिंह की रिपोर्ट)