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राजधानी भोपाल में गणेश उत्सव के समापन के साथ ही गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. डोल ग्यारस के दिन से शुरू हुआ प्रतिमा विसर्जन का यह सिलसिला अनंत चतुर्दशी तक लगातार जारी रहेगा. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े और व्यापक इंतजाम किए हैं. नगर निगम दो दर्जन से अधिक स्थानों पर स्टॉल लगाएगा. जब प्रतिमाएं इन स्टॉलों पर पहुंचेंगी, तो निगम सामूहिक विसर्जन करेगा.
अप्रिय घटना को रोकने के लिए
नगर निगम और पुलिस ने विसर्जन के दौरान घाटों पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एक योजना बनाई है. सभी घाटों पर लाइफ जैकेट और ट्यूब जैसे बचाव के साधनों के साथ कर्मचारी तैनात किए जाएंगे और लोगों को पानी में जाने से रोका जाएगा. जब विसर्जन जुलूस में लोग घाटों पर पहुंचेंगे, तो सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती होगी. इस काम के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम ने पहले ही तैयारियां कर ली हैं.
7 घाटों पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम
शहर के सात प्रमुख घाटों पर विसर्जन की व्यवस्था की गई है. मूर्तियों का सुरक्षित विसर्जन सुनिश्चित करने के लिए 13 क्रेन और 12 पोकलेन मशीनें तैनात की गई हैं. इसके अलावा किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 184 गोताखोर तैनात किए गए हैं. श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाटों पर लाइफ जैकेट और ट्यूब भी उपलब्ध कराए गए हैं. नगर निगम की ओर से शहर में 2 दर्जन से अधिक स्थानों पर स्टॉल लगाए जाएंगे. श्रद्धालु इन स्टॉलों तक गणेश प्रतिमाएं पहुंचा सकेंगे. इसके बाद नगर निगम की टीम सामूहिक विसर्जन करेगी. इस उपाय से प्रमुख घाटों पर भीड़ और मूर्तियों की संख्या को प्रबंधित करने में मदद मिलेगी.
पुलिस- प्रशासन अलर्ट
गणेश विसर्जन के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं. खटलापुरा, प्रेमपुरा, बैरागढ़, हथाईखेड़ा डैम, शाहपुरा और आर्च ब्रिज घाट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पुलिस कंट्रोल रूम से भी इन घाटों पर नजर रखी जा रही है. इन 7 घाटों पर पिछले दो दिनों में 1500 से ज्यादा मूर्तियों का विसर्जन हो चुका है. सुरक्षा के लिए घाटों पर नगर निगम की टीमें लाइफ जैकेट, रस्सी, ट्यूब और साउंड सिस्टम के साथ तैनात हैं. साथ ही तैराक और गोताखोर भी मौजूद रहेंगे. पुलिस और प्रशासन की टीमें पूरी प्रक्रिया के दौरान अलर्ट पर हैं.