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Ujjain Hanuman Temple News: महाकाल नगरी उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को लेकर लगातार विवाद बढ़ता ही जा रहा है. जहां पर तरफ रोजाना श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है, तो वहीं दूसरी तरफ अलग-अलग तरह के धार्मिक आयोजन भी हो रहे हैं. ऐसे में रविवार को एक हवन यज्ञ करवाया. इस यज्ञ का नाम मारुति महायज्ञ बताया जा रहा है. यह यज्ञ शासन-प्रशासन को सदबुद्धि देने के लिए किया गया.
इस यज्ञ में साधु-संत, हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता व श्रद्धालु शामिल हुए. इन सभी ने यज्ञ में आहुति भी दी. इसके साथ ही दूसरी ओर हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के माध्यम से शासन प्रशासन को चेताया जा रहा है कि लाखों भक्त मंदिर निर्माण में अपनी सहमति दे रहे हैं. वहीं इस हस्ताक्षर अभियान में वे सब लोग शामिल हैं, जो यहां दर्शन करने आ रहे हैं.
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दूर-दूर से आ रहे हैं भक्त
खास बात तो यह है कि अब यह चमत्कारिक मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध हो चुका है. इसलिए देश के कोने-कोने से बाबा महाकाल के दर्शन करने वाले भक्त यहां भी दर्शन के लिए आ रहे हैं. यज्ञ में शामिल हुए सभी साधु संतों का एक ही कहना है कि मंदिर का निर्माण यहीं हो वरना आगे अनशन व प्रदर्शन होंगे.
अनशन करने की चेतावनी
वहीं यज्ञ में शामिल हुई साध्वी हर्षा नंद गिरि ने कहा कि हम प्रयास कर रहे हैं. इस प्रयास को हनुमान जी ही सफल करेंगे. उन्होंने बताया कि सद्बुद्धि हनुमान महायज्ञ हमने किया है. इसका उद्देश्य प्रशासन व सरकार को थोड़ी सी सद्बुद्धि आए और जल्द घोषणा करें कि मंदिर यहीं बनेगा. यह यज्ञ निष्फल नहीं होगा. यदि प्रशासन नहीं झुका तो अनशन प्रदर्शन किया जाएगा.
'मंदिर हटाना जरूरी नहीं'
इसके अलावा, मुक्तेश्वरी धाम के पीठाधीश्वर संत शंकर लक्ष्मी नारायण महाराज ने कहा कि मारुति महायज्ञ का उद्देश्य एक ही जिन जिन ईंट का उपयोग इस यज्ञशाला में किया गया है, उन्हीं ईंट का उपयोग कर अब इसी जगह पर मंदिर निर्माण होगा. वहीं कृष्णागिरी महाराज का कहना है कि बाबा हनुमान की शक्ति है. बाबा यहां से नहीं हटेंगे, मंदिर यहीं बनेगा भले ही छोटा मंदिर बने. मुनि शरण दास त्यागी, महाराज का कहना है की अनंत वर्षों से यहां हनुमान विराजमान है. रोड चौड़ी करण के लिए मंदिर हटाना जरूरी नहीं है. खुद हनुमान जी ने परिचय भी दे दिया है. हटाना उचित नहीं है.